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'परफेक्ट स्माइल' के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे लोग, 74% ने माना- खराब मुस्कान से रुक सकती है तरक्की

Published: Wed, 27 May 2026 07:00 AM (IST)

दुनिया भर में कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री का बाजार बहुत तेजी से फैल रहा है। जी हां, आज 'परफेक्ट स्माइल' एक स्टेटस ...और पढ़ें

सिर्फ एक 'परफेक्ट स्माइल' के लिए लाखों रुपये लुटा रहे हैं लोग, जानिए क्या है स्माइल मेकओवर? (Image Source: AI-Generated)

सिर्फ एक 'परफेक्ट स्माइल' के लिए लाखों रुपये लुटा रहे हैं लोग, जानिए क्या है स्माइल मेकओवर? (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। एक दौर था जब 'परफेक्ट स्माइल' और मोतियों जैसे चमकते दांतों तक सिर्फ फिल्मी सितारों की ही पहुंच मानी जाती थी, लेकिन आज आपकी स्मार्टफोन स्क्रीन ने इस कहानी को पूरी तरह बदल दिया है। इंस्टाग्राम रील्स, सेल्फी, वीडियो कॉल्स और इन्फ्लुएंसर कल्चर के इस डिजिटल युग में, एक बेदाग मुस्कान आम इंसान के लिए भी 'स्टेटस सिंबल' का मामला बन चुकी है।

जी हां, अब अपनी मुस्कान को निखारने के लिए सिर्फ एक्टर्स ही नहीं, बल्कि कंटेंट क्रिएटर्स, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स और यहां तक कि कॉलेज जाने वाले युवा भी 'स्माइल मेकओवर' की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि दुनियाभर में कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री का कारोबार आज रॉकेट की रफ्तार से भाग रहा है। 

Smile makeover

(Image Source: AI-Generated)

सिर्फ एक मुस्कान पर खर्च हो रहे हैं लाखों रुपये

कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री का बाजार आज बहुत तेजी से बढ़ रहा है। कॉलेज जाने वाले युवाओं से लेकर कॉर्पोरेट में काम करने वाले प्रोफेशनल्स और कंटेंट क्रिएटर्स तक, हर कोई 'स्माइल मेकओवर' के लिए क्लीनिक पहुंच रहा है।

अमेरिका में एक प्रीमियम स्माइल मेकओवर की कीमत लगभग 95 लाख रुपये के स्तर को छू चुकी है। मशहूर सिंगर जोजो सिवा ने भी अपने दांतों पर वेनियर्स लगवाने के लिए कथित तौर पर 50 हजार डॉलर खर्च किए थे, जो इंटरनेट पर काफी चर्चा का विषय रहा था।

दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में स्माइल डिजाइन क्लीनिक्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां सिर्फ एक दांत पर वेनियर लगवाने का खर्च कुछ हजार से शुरू होकर लाखों रुपये तक जा सकता है।

आखिर क्या है यह 'स्माइल मेकओवर'?

शारदा हॉस्पिटल में डेंटल साइंसेज के हेड, डॉ. दिनेश कुमार बग्गा की मानें, तो स्माइल मेकओवर सिर्फ दांतों की सफाई या उन्हें सफेद करने तक सीमित नहीं है। यह कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री की एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें एक साथ कई डेंटल ट्रीटमेंट्स के जरिए चेहरे की मुस्कान को संतुलित और आकर्षक बनाया जाता है। इसमें दांतों का रंग व आकार सुधारना, उनके बीच का गैप खत्म करना, टेढ़े दांतों को सीधा करना और यहां तक कि मसूड़ों की बनावट को ठीक करना भी शामिल होता है।

करियर और कॉन्फिडेंस से जुड़ गई है स्माइल

लोग अपनी मुस्कान को लेकर कितने फिक्रमंद हैं, इसे इन आंकड़ों से आसानी से समझा जा सकता है:

  • फोर्ब्स हेल्थ के एक सर्वे के अनुसार, 53% लोग सोशल मीडिया पर अपनी स्माइल की तुलना दूसरों से करते हैं। 'जेन जी' पीढ़ी के युवाओं में तो यह आंकड़ा 72% तक पाया गया है।
  • अमेरिकन एकेडमी ऑफ कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री और केल्टन रिसर्च के एक अध्ययन के मुताबिक, 74% लोगों का मानना है कि एक खराब मुस्कान उनके करियर और तरक्की पर नकारात्मक असर डाल सकती है।

Cosmetic Dentistry

(Image Source: AI-Generated)

6 लाख करोड़ की होने जा रही है यह इंडस्ट्री

सर्विकॉर्न कंसल्टिंग ने 2025 में इस ग्लोबल इंडस्ट्री की कुल वैल्यू लगभग 3 लाख करोड़ रुपये आंकी थी। अनुमान है कि आने वाले 10 सालों में यह बाजार दोगुने से भी ज्यादा बड़ा हो जाएगा।

हालांकि, इस चमक-दमक के पीछे एक कड़वा सच भी है। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि केवल बेहतर दिखने की चाहत में अपने पूरी तरह से स्वस्थ दांतों को घिसवाना लंबे समय में आपके ओरल हेल्थ को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।

दुनियाभर में बदल रहा है स्माइल का ट्रेंड

आजकल लोग भारी-भरकम ट्रीटमेंट के बजाय एकदम 'नेचुरल लुक' को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसके तहत कुछ नई तकनीकें काफी चलन में हैं:

  • डिजिटल स्माइल डिजाइन: एआई और 3डी स्कैनिंग के जरिए अब यह संभव है कि मरीज ट्रीटमेंट शुरू होने से पहले ही अपने फोन या कंप्यूटर स्क्रीन पर अपनी भविष्य की मुस्कान का 'वर्चुअल प्रिव्यू' देख सकें।
  • इनविजिबल एलाइनर्स: टेढ़े-मेढ़े दांतों को ठीक करने के लिए अब ब्रेसेस लगाने की मजबूरी नहीं है। इनविजिबल एलाइनर्स ने इनकी जगह ले ली है, जो अपना काम भी करते हैं और भद्दे भी नहीं लगते।
  • अल्ट्रा थिन वेनियर्स: दांतों की चमक बढ़ाने के लिए नो-प्रेप वेनियर्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, क्योंकि इन्हें लगाने के लिए दांतों की ऊपरी परत को बहुत कम या बिल्कुल भी नहीं घिसना पड़ता है।

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