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    कभी सिर्फ पुरुषों का एक अंडरगारमेंट थी T-Shirt, पढ़ें फिर कैसे बन गई ट्रेंडी आउटफिट

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 07:03 PM (IST)

    टी-शर्ट का सफर एक साधारण अंडरगारमेंट से शुरू होकर आज के ट्रेंडी फैशन का अहम हिस्सा बन गया है। हॉलीवुड के प्रभाव और प्रिंटिंग तकनीक ने इसे यूनिसेक्स स् ...और पढ़ें

    कैसे एक अंडरगारमेंट बना ग्लोबल फैशन ट्रेंड (Picture Credit- AI Generated)

     कैसे एक अंडरगारमेंट बना ग्लोबल फैशन ट्रेंड (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. टी-शर्ट का सफर पुरुषों के साधारण अंडरगारमेंट से शुरू हुआ

    2. अमेरिकी नौसेना ने इसे आरामदायक और आधिकारिक अंडरगारमेंट बनाया

    3. हॉलीवुड और प्रिंटिंग ने टी-शर्ट को यूनिसेक्स फैशन बनाया

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। टी-शर्ट्स हमेशा से ही लोगों का कम्फर्ट क्लॉथ रहा है। हमारे वॉर्डरोब में कितने भी महंगे और फैशनेबल कपड़े क्यों न रखे हों, हम हमारा हाथ अक्सर टी-शर्ट की तरफ ही चला जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि टी-शर्ट आज भी कई लोगों की पहली पसंद है। 

    सुबह की सैर हो, जिम जाना हो, या घर पर दोस्तों के साथ चिल करना हो, टी-शर्ट हर एक मौके के लिए परफेक्ट आउटफिट साबित होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर में पसंद की जाने वाली सिंपल-सी टी-शर्ट हमेशा से ऐसी नहीं थी? जितना सिंपल यह आउटफिट है, उससे भी ज्यादा दिलचस्प इसका इतिहास है।

    आपको जानकर हैरानी होगी कि आज जो टी-शर्ट हमारे स्टाइल का अहम हिस्सा है, वह कभी सिर्फ पुरुषों के अंडरगारमेंट यानी बनियान के रूप में बनाई गई थी। आइए जानते हैं, कपड़ों के नीचे पहने जाने वाले इस मामूली कपड़े का फैशन स्टेटमेंट बनने तक का अनोखा सफर।

    बनियान से शुरू हुआ सफर 

    मध्यकाल में सूती या लिनन के कपड़े से 'T' आकार की शर्ट बनाई जाती थी, जिसका मकसद सिर्फ शरीर के पसीने को सोखना और उसके ऊपर से पहने जाने वाले कीमती कपड़ों को सुरक्षित रखना था। अपने इसी  'T' आकार की वजह से इसे टी-शर्ट नाम भी दिया गया। उस दौर में साफ-सुथरी शर्ट पहनना अमीरी और सलीके की निशानी माना जाता था। 19वीं सदी में कपड़ों की बुनाई की नई तकनीकें आईं, जिससे ये शर्ट शरीर पर बेहतर फिट होने लगीं और डॉक्टरों ने भी इसे सेहत और ठंड से बचाव के लिए अच्छा बताया। 

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    बस फिर क्या था, धीरे-धीरे ब्रिटिश नौसेना के नाविकों ने अपनी भारी यूनिफॉर्म के नीचे इसे पहनना शुरू किया। इसके बाद कामकाजी मजदूरों ने भी आराम के लिए अपना लिया। साल 1913 तक अमेरिकी नौसेना ने सफेद सूती टी-शर्ट को अपने आधिकारिक अंडरगारमेंट का हिस्सा बना लिया, क्योंकि सूती कपड़ा जल्दी सूखता था और पहनने में आरामदायक भी होता था।

    बहादुरी और मर्दानगी प्रतीक बना टी-शर्ट

    20वीं सदी की शुरुआत में बाजार में टी-शर्ट का बाजार तेजी से बढ़ने लगा। हेन्स और फ्रूट ऑफ द लूम जैसी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर पुरुषों के लिए इसे बेचना शुरू किया। 1930 के दशक तक कॉलेज के खिलाड़ी तेजी से इसे पहनने लगे। साल 1938 में बड़े रिटेलर्स ने इसे 'अंडरशर्ट और आउटरशर्ट दोनों' कहकर प्रमोट किया, जिससे पुरुषों को इसे पहनने का आत्मविश्वास मिला। 

    दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों को यह टी-शर्ट बांटी गई। युद्ध के बाद जब टी-शर्ट पहने हुए जांबाज सैनिकों की तस्वीरें मैग्जीन्स में छपीं, तो लोग इस साधारण कपड़े को देशभक्ति, बहादुरी और मर्दानगी के प्रतीक के रूप में देखने लगा।

    हॉलीवुड से बना यूनिसेक्स फैशन

    आम लोगों के बीच टी-शर्ट को लोकप्रियता तब मिली जब इसे हॉलीवुड ने खुलकर अपनाया। 1950 के दशक में मार्लन ब्रैंडो और जेम्स डीन जैसे दिग्गज अभिनेताओं ने अपनी फिल्मों में बागी और बेपरवाह किरदारों को पर्दे पर उतारने के लिए सफेद टी-शर्ट पहनी। 

    इसके बाद यह युवाओं का 'कूल' स्टाइल स्टेटमेंट बन गई। धीरे-धीरे महिलाओं ने भी इसके आकर्षण और कम्फर्ट को समझा। इस तरह 1970 के दशक तक आते-आते टी-शर्ट पूरी तरह से 'यूनिसेक्स' हो गई, जिसे लड़के और लड़कियां दोनों ही समान रूप से पहनने लगे।

    ऐसे मिला मॉर्डन अंदाज

    अंडरवियर से आउटरवियर बनने के बाद बारी आई टी-शर्ट पर प्रिंट करने की।  1960 के दशक में जब प्रिंटिंग तकनीक आसान होने लगी, तो इस पर राजनीतिक नारे, कार्टून, विज्ञापन और म्यूजिक बैंड्स के नाम छपने लगे। 1990 के दशक में पॉप स्टार्स और रैपर्स ने इसे नया हिप-हॉप अंदाज दिया। 

    देखते ही देखते साधारण और सस्ती मिलने वाली टी-शर्ट बड़े-बड़े लक्जरी ब्रांड्स के शोरूम में हजारों की कीमत में बिकने लगी और यह सिलसिला आज भी जारी है। एक मामूली अंडरगारमेंट से शुरू हुआ टी-शर्ट का यह सफर आज की मॉर्डन लाइफस्टाइल और दुनिया के फैशन का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है।