बाल धोने के लिए शैंपू की जगह सिर्फ पानी का इस्तेमाल करना कितना सही? जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय
सोशल मीडिया पर आजकल 'नो-पू' यानी 'बिना शैंपू के बाल धोने' का मूवमेंट तेजी से वायरल है। ...और पढ़ें

बिना शैंपू सिर्फ पानी से बाल धोना सही या गलत? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर No-Poo यानी बिना शैंपू के बाल धोने का ट्रेंड काफी छाया हुआ है। इस ट्रेंड को फॉलो करने वालों का मानना है कि केमिकल वाले शैंपू की जगह सिर्फ पानी से बाल धोने से वे ज्यादा घने, चमकदार और सेहतमंद होते हैं।
हालांकि, क्या बालों की देखभाल का यह आसान तरीका वाकई असरदार है, या यह आपके स्कैल्प को बर्बाद करने का एक शॉर्टकट है?आइए जानते हैं कि इस वायरल ट्रेंड के फायदे और नुकसान पर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है।

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आखिर शैंपू छोड़ने की क्यों पड़ रही जरूरत?
बालों को केवल पानी से धोने के पीछे का तर्क काफी सीधा है। दरअसल, हमारे रोजमर्रा के शैंपू में डिटर्जेंट और सल्फेट्स होते हैं, जो स्कैल्प के प्राकृतिक तेल को पूरी तरह से साफ कर देते हैं, जिसे सीबम कहते हैं। ऐसे में, जब स्कैल्प का सारा ऑयल छिन जाता है, तो इसकी भरपाई के लिए त्वचा और ज्यादा तेजी से ऑयल का प्रोडक्शन करने लगती है। इसी वजह से बाल जल्दी चिपचिपे होते हैं और हमें बार-बार शैंपू करना पड़ता है।
'नो-पू' को फॉलो करने वालों का दावा है कि सिर्फ पानी के इस्तेमाल से स्कैल्प अपने नेचुरल ऑयल को खुद ही कंट्रोल करना सीख जाता है। इससे बालों को सही मात्रा में नमी मिलती है और वे खुद-ब-खुद बैलेंस हो जाते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एशियन हॉस्पिटल की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. राधिका रहेजा का साफ तौर पर कहना है कि यह पूरी तरह से आपके बालों के टेक्सचर पर निर्भर करता है, लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए सिर्फ पानी से बालों की सफाई करना पर्याप्त नहीं है।
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पानी आपके बालों से पसीना, धूल-मिट्टी और हल्की गंदगी तो निकाल सकता है, लेकिन यह तेल को साफ नहीं कर सकता। ऐसे में, समय के साथ सीबम, प्रदूषण और स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स धीरे-धीरे आपके स्कैल्प पर जमा होने लगते हैं।
किन लोगों को मिल सकता है फायदा?
- रूखे, घने और घुंघराले बाल: अगर आपके बाल बहुत ज्यादा घुंघराले या मोटे हैं, तो जड़ों का तेल सिरों तक आसानी से नहीं पहुंच पाता। ऐसे बालों को सिर्फ पानी से धोने पर उनकी नमी बची रहती है और कठोर शैंपू से होने वाले रूखेपन से छुटकारा मिलता है।
- सेंसिटिव स्किन वाले लोग: केमिकल, पैराबेंस और सिंथेटिक खुशबू से दूरी बनाने पर 'कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस' का जोखिम काफी कम हो जाता है, जो एक्स्ट्रा-सेंसिटिव स्किन वालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
सावधानी क्यों है जरूरी?
हेयर केयर एक्सपर्ट्स इस तरीके को आंख मूंदकर अपनाने से मना करते हैं, क्योंकि इसके कुछ गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं:
- गंदगी का जमाव: जब डेड स्किन, पसीना और तेल सिर पर इकट्ठा होने लगते हैं, तो हेयर फॉलिकल्स बंद हो जाते हैं। इससे फॉलिकुलिटिस हो सकती है और बाल पतले होकर टूट सकते हैं।
- फंगस और डैंड्रफ का खतरा: हमारे स्कैल्प पर प्राकृतिक रूप से मालासेजिया नाम का यीस्ट पाया जाता है, जो सीबम पर पलता है। स्कैल्प पर तेल ज्यादा होने पर यह यीस्ट तेजी से बढ़ता है, जिससे सिर में भयंकर खुजली, सूजन और जिद्दी डैंड्रफ की समस्या शुरू हो जाती है।
- खराब महक: बालों में फंसे बैक्टीरिया और बिना किसी क्लींजर के सफाई करने से आपके स्कैल्प से एक अजीब सी, सीलन भरी बदबू आने लग सकती है।
बिना शैंपू बाल धोने का 'हाइब्रिड' फॉर्मूला
एक्सपर्ट चेतावनी देते हैं कि जब आप शैंपू छोड़कर सिर्फ पानी पर आते हैं, तो शुरुआत के दो से छह हफ्ते बेहद मुश्किल भरे हो सकते हैं। इस दौरान आपका स्कैल्प यह समझने की जद्दोजहद में रहता है कि उसे कितना तेल बनाना है। नतीजतन, आपके बाल बहुत ज्यादा चिपचिपे, भारी और अजीब-सी गंध वाले महसूस हो सकते हैं।
अगर आप 'नो-पू' मेथड को ट्राई करना ही चाहते हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट्स इसे अचानक शुरू करने के बजाय एक खास रणनीति के तहत अपनाने की सलाह देते हैं:
- उंगलियों से अच्छी तरह रगड़ें: बाल धोते समय अपनी उंगलियों के पोरों से स्कैल्प को अच्छी तरह स्क्रब करें। इससे बिना किसी केमिकल के गंदगी को मैन्युअल रूप से ढीला करने और तेल को बालों के सिरों तक फैलाने में मदद मिलती है।
- पानी का सही तापमान चुनें: जमे हुए सीबम को लूज करने के लिए पहले हल्के गर्म पानी का इस्तेमाल करें। अंत में, बालों की चमक बरकरार रखने और क्यूटिकल्स को सील करने के लिए ठंडे पानी से धोएं।
- बोअर ब्रिसल ब्रश का यूज करें: बालों के सूखने के बाद नेचुरल ब्रिसल वाले ब्रश से कंघी करें। यह जड़ों के प्राकृतिक तेल को खींचकर सूखे सिरों तक ले जाने का काम करता है।
- 'हाइब्रिड' तरीका सबसे बेहतर है: पूरी तरह से शैंपू छोड़ देना समझदारी नहीं है। रोजाना बालों को पानी से धोएं, लेकिन फंगल इन्फेक्शन से बचने और स्कैल्प को 'रीसेट' करने के लिए हर दो हफ्ते में एक बार माइल्ड, सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल जरूर करें।
सिर्फ पानी से बाल धोना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन यह कोई जादुई उपाय भी नहीं है जो हर किसी पर असर करे। पतले बालों, ऑयली स्कैल्प और डैंड्रफ की समस्या वाले लोगों के लिए शैंपू का कम इस्तेमाल करना नुकसानदेह साबित हो सकता है।