लाखों की पटोला से लेकर शाही कानी तक, भारत के राज्यों की संस्कृति और कला का आईना हैं ये साड़ियां
भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हस्तकला से बनी साड़ियां मशहूर हैं। ये साड़ियां सिर्फ भारत नहीं, दुनियाभर में मशहूर हैं। ...और पढ़ें

अलग-अलग राज्यों की मशहूर साड़ियां (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत एक ऐसा देश है जहां कदम-कदम पर संस्कृति बदलती है और इस संस्कृति की सबसे खूबसूरत झलक यहां की पारंपरिक साड़ियों में देखने को मिलती है। एक साड़ी सिर्फ पहनावा नहीं, बल्कि उस राज्य के इतिहास और बुनकरों की कला का आईना होती है।
कश्मीर से लेकर केरल तक, भारत के अलग-अलग राज्यों की अपनी कुछ बेहद खास साड़ियां हैं, जो अपनी बुनाई के लिए दुनियाभर में जानी जाती हैं। आइए जानते हैं देश के अलग-अलग राज्यों की इन मशहूर साड़ियों और उनकी खासियतों के बारे में।
उत्तर और मध्य भारत की लाजवाब कलाकारी
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- कश्मीर की कानी सिल्क साड़ी- कश्मीर की पहचान यह साड़ी अपनी बेहद बारीक और जटिल बुनाई के लिए मशहूर है। इसका एहसास बेहद लग्जुरियस होता है, यही वजह है कि इसे हमेशा से एक शाही पसंद माना गया है।
- राजस्थान की बांधनी साड़ी- चटक रंगों से सजी यह साड़ी अपने खास टाई-डाई पैटर्न्स के लिए जानी जाती है। इस कला से इस साड़ी पर बिंदुओं से सुंदर पैर्टन बनाए जाते हैं।
- उत्तर प्रदेश की चिकनकारी और बनारसी साड़ी- उत्तर प्रदेश की चिकनकारी साड़ी अपनी नाजुक और महीन कढ़ाई के लिए जानी जाती है। वहीं बनारस की बनारसी साड़ी अपने भारी जरी के काम के लिए मशहूर है, जो इसे पूरे भारत में दुल्हनों की पहली पसंद बनाती है।
- मध्य प्रदेश की चंदेरी साड़ी- यह साड़ी अपने हल्के वजन और चमकदार ट्रांसपेरेंसी के लिए दुनिया भर में मशहूर है। अपनी इसी खूबी के कारण यह साड़ी गर्म मौसम के लिए एकदम सही मानी जाती है।
पश्चिम और पूर्वी भारत का अनोखा जादू
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- महाराष्ट्र की पैठनी साड़ी- मराठी दुल्हनों की यह पसंदीदा साड़ी अपने चमकदार सिल्क, अपने बॉर्डर्स और पल्लू पर बने मोर या कमल के शानदार डिजाइनों के लिए जानी जाती है।
- गुजरात की पटोला साड़ी- यह डबल-इकत तकनीक से बनने वाली बेहद खूबसूरत साड़ी है, जिसे बनाने में लिए बुनाई से पहले ही ताने और बाने दोनों धागों को बिल्कुल सही तरीके से रंगा जाता है। इस साड़ी को बनाने की कला बेहद खास है और इसलिए इसकी कीमत लाखों में जाती है।
- बिहार की भागलपुरी टसर साड़ी- इको-फ्रेंडली और खूबसूरत टेक्सचर वाली यह सिल्क साड़ी पहनने में बेहद हल्की होती है।
- पश्चिम बंगाल की तांत साड़ी- यह साड़ी अपने हल्केपन और हवादार होने के कारण सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। बंगाल के उमस भरे मौसम के लिए इसे सबसे परफेक्ट माना जाता है।
- ओडिशा की संबलपुरी बांधा साड़ी- यह साड़ी अपने खास और अनोखे टाई-डाई पैटर्न्स के लिए पहचानी जाती है, जिसमें ओडिशा की संस्कृति की साफ झलक दिखाई देती है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत की विरासत
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खबरें और भी
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- असम की मूगा सिल्क साड़ी- असम की यह खास साड़ी अपने लंबे समय तक टिकने वाले टिकाऊपन और सुनहरी चमक के लिए जानी जाती है, जो इसे बेहद कीमती बनाती है।
- तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी- अपनी बनावट और बेहद खूबसूरत डिजाइनों के लिए मशहूर इस साड़ी को अक्सर शादियों और खास अवसरों पर ही पहना जाता है। यह साड़ी दुनियाभर में मशहूर है।
- कर्नाटक की मैसूर सिल्क साड़ी- अपने बेहद चिकने टेक्सचर के लिए मशहूर यह साड़ी लग्जरी का प्रतीक है।
- आंध्र प्रदेश की कलमकारी साड़ी- इस साड़ी की खासियत इसके हाथ से बने बारीक चित्र या ब्लॉक-प्रिंट डिजाइन हैं। इन डिजाइनों में अक्सर पौराणिक कहानियों और कथाओं को दिखाया जाता है।
- तेलंगाना की पोचमपल्ली इकत साड़ी- यह साड़ी अपने ज्यामितीय और रंगे हुए पैटर्न्स के लिए मशहूर है, जिन्हें कपड़े की बुनाई करने से पहले ही धागों में पिरो दिया जाता है।
- केरल की कसावू साड़ी- इस साड़ी की पहचान इसका सफेद रंग और सुनहरा बॉर्डर है। केरल में इसे खासतौर से त्योहारों और शादियों पर पहना जाता है।