आप भी घर के अंदर नहीं लगाते सनस्क्रीन? धूप ही नहीं, स्क्रीन की लाइट भी पहुंचा रही है त्वचा को नुकसान
कई लोग घर के अंदर सनस्क्रीन लगाना जरूरी नहीं समझते। इस आदत के कारण स्किन को काफी नुकसान हो सकता है। ...और पढ़ें

क्यों घर के अंदर भी जरूरी है सनस्क्रीन? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको भी लगता है कि जब हम घर से बाहर ही नहीं जा रहे, तो सनस्क्रीन लगाने का क्या फायदा? यह एक ऐसा आम गलतफहमी है जिस पर हम में से ज्यादातर लोग यकीन करते हैं, लेकिन सच तो यह है कि सूरज की हानिकारक यूवी किरणें आपकी खिड़कियों के कांच से भी अंदर आ सकती हैं।
इसके अलावा, आपके फोन और लैपटॉप से निकलने वाली रोशनी भी त्वचा को प्रभावित करती है। यही वजह है कि घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाना उतना ही जरूरी है जितना कि बाहर। आइए समझते हैं क्यों घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाना जरूरी है।
खिड़कियों से छनकर आने वाली यूवी किरणें
सूरज से दो तरह की अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं, यूवीए और यूवीबी। खिड़कियों के शीशे आमतौर पर यूवीबी किरणों को तो रोक लेते हैं, लेकिन वे यूवीए किरणों को नहीं रोक पाते।
यूवीए किरणें शीशे को पार करके सीधे आपके घर के कमरों, लिविंग रूम या यहां तक कि कार के अंदर भी पहुंच जाती हैं। ये किरणें त्वचा की गहराई में जाकर कोलाजन और इलास्टिन को डैमेज करती हैं, जिससे समय से पहले झुर्रियां, फाइन लाइन्स और त्वचा का ढीलापन जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
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(AI Generated Image)
गैजेट्स से निकलने वाली ब्लू लाइट
आजकल हमारा ज्यादातर समय घर के अंदर लैपटॉप, स्मार्टफोन, टेलीविजन और टैबलेट के सामने बीतता है। इन डिजिटल स्क्रीन्स और एलईडी लाइट्स से ब्लू लाइट निकलती है।
सूरज की किरणों की तरह ही यह ब्लू लाइट भी त्वचा में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करती है। इससे त्वचा में मेलेनिन प्रोडक्शन बढ़ जाता है, जो चेहरे पर पिग्मेंटेशन, डार्क स्पॉट्स और असमान रंगत का कारण बनता है।
फोटोएजिंग का खतरा
बिना धूप में गए भी अगर आपका चेहरा उम्र से पहले बूढ़ा दिखने लगा है, तो इसका कारण घर के अंदर की सनस्क्रीन की कमी हो सकती है। इसे फोटोएजिंग कहते हैं। जब त्वचा लगातार यूवीए किरणों और स्क्रीन की लाइट के कॉन्टेक्ट में रहती है, तो त्वचा की नेचुरल चमक खो जाती है और वह बेजान दिखने लगती है।
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सही सनस्क्रीन कैसे चुनें?
घर के अंदर रहने के दौरान आपको बहुत हैवी या वॉटरप्रूफ सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं है, लेकिन इन बातों का ध्यान रखें-
- ब्रॉड-स्पेक्ट्रम- हमेशा ऐसी सनस्क्रीन चुनें जो यूवीए और यूवीबी दोनों से बचाए।
- SPF 30 या उससे ज्यादा- घर के अंदर के लिए SPF 30 काफी है।
- PA+ रेटिंग- जितनी ज्यादा प्लस (+) रेटिंग होगी, UVA किरणों से सुरक्षा उतनी ही मजबूत होगी।