सोने का गलत तरीका आपके चेहरे पर ला रहा है झुर्रियां, जानिए कौन सी स्लीपिंग पोजीशन है स्किन के लिए सही
आपकी सोने की पोजीशन आपके चेहरे पर झुर्रियों की वजह बन सकती है। ...और पढ़ें

आप भी तो गलत पोजीशन में नहीं सोते? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। एजिंग के लक्षणों को कम करने के लिए मार्केट में कई महंगी एंटी-एजिंग क्रीम और बेहतरीन स्किनकेयर उपलब्ध है। लेकिन आपकी सोने की गलत पोजीशन इन सब पर पानी फेर सकती है। जी हां, हो सकता है कि सोने की जिस पोजीशन को आप सुकून भरी नींद का राज मानते हैं, वहीं आपके चेहरे पर झुर्रियों की वजह बन रहा हो।
एस्थेटिक सर्जरी जर्नल में पब्लिश एक रिसर्च के मुताबिक सोने की पोजीशन न सिर्फ आपकी गर्दन और कमर को प्रभावित करती है, बल्कि आपको समय से पहले बूढ़ा भी दिखा सकती है। आइए जानें सोने की किस पोजीशन में चेहरे पर झुर्रियां आने का खतरा ज्यादा है।
सोने की पोजीशन और चेहरे की बनावट
जब हम अपनी साइड या पेट के बल सोते हैं, तो हमारे चेहरे की नाजुक त्वचा और तकिये के बीच लगातार संपर्क बना रहता है। इस दौरान चेहरे पर तीन तरह के फोर्स काम करते हैं, कम्प्रेशन यानी चेहरे का दबना, टेंशन यानी त्वचा का खिंचना और शियर फोर्सेस यानी त्वचा का रगड़ खाना।
जब आप घंटों तक एक ही करवट सोते हैं, तो ये फोर्स चेहरे की मांसपेशियों और स्किन को डिस्टोर्ट कर देते हैं। कम उम्र में तो स्किन की इलास्टिसिटी इसे वापस नॉर्मल कर देती है, लेकिन 30 की उम्र के बाद जैसे-जैसे कोलेजन कम होता है, ये स्लीप लाइन्स झुर्रियों में बदल जाती हैं।
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अलग-अलग पोजीशन और उनके प्रभाव
- पेट के बल सोना- यह पोजीशन त्वचा के लिए सबसे हानिकारक मानी गई है। इसमें आपका चेहरा पूरी तरह तकिये में धंसा होता है, जिससे त्वचा को सांस लेने की जगह नहीं मिलती और पूरे चेहरे पर समान रूप से दबाव पड़ता है। यह न केवल झुर्रियां बढ़ाता है, बल्कि आंखों के नीचे सूजन का कारण भी बनता है।
- करवट लेकर सोना- ज्यादातर लोग इसी पोजीशन में सोते हैं। इसमें गालों और ठुड्डी पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इसलिए जो लोग हमेशा एक ही तरफ करवट लेकर सोते हैं, उनके चेहरे के उस खास हिस्से पर दूसरी तरफ की तुलना में ज्यादा गहरी रेखाएं नजर आने लगती हैं।
- पीठ के बल सोना- पीठ के बल सोना झुर्रियों और फाइन लाइन्स से बचने के लिए सबसे परफेक्ट है। इसमें आपका चेहरा तकिये के संपर्क में नहीं आता, जिससे दबाव का असर त्वचा पर नहीं पड़ता।
सामान्य लाइन्स से अलग होती हैं स्लीप रिंकल्स
अक्सर लोग स्लीप रिंकल्स को बुढ़ापे की सामान्य लकीरों या हंसने-मुस्कुराने से पड़ने वाली रेखाओं जैसा ही समझते हैं, लेकिन इनमें काफी फर्क होता है-
- एक्सप्रेशन लाइन्स- मुस्कुराने या आईब्रो सिकोड़ने से मांसपेशियों के कॉन्ट्रेक्शन से बनती हैं।
- स्लीप रिंकल्स- त्वचा के बाहरी दबाव और खिंचाव से बनते हैं।