Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    शाही 'दाल सुल्तानी' हो या तीखी 'खानदेशी', भारत के अलग-अलग राज्यों में खास तरीके से बनाई जाती है दाल

    Updated: Tue, 30 Dec 2025 07:05 AM (IST)

    भारत में दाल सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि हर राज्य की संस्कृति और स्वाद का प्रतीक है। उत्तर से दक्षिण तक, दाल बनाने के तरीके, इस्तेमाल होने वाली दालें ...और पढ़ें

    भारत के अलग-अलग कोनों की 7 पारंपरिक दालें (AI Generated Image)

    भारत के अलग-अलग कोनों की 7 पारंपरिक दालें (AI Generated Image)

    HighLights

    1. दाल भारतीय खान-पान का अहम हिस्सा है

    2. देश के हर हिस्से में दाल बनाई और खाई जाती है

    3. अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीकों से दाल बनाई जाती है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में दाल सिर्फ एक रोजमर्रा की डिश नहीं, बल्कि हर राज्य की संस्कृति, मौसम और स्वाद का आईना है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक, दाल बनाने के तरीके, इस्तेमाल होने वाली दालें और मसाले हर जगह अलग हैं।

    कहीं दाल हल्की और सादा होती है, तो कहीं तीखी और मसालेदार। आइए जानते हैं भारत के अलग-अलग हिस्सों में बनने वाली कुछ खास और पारंपरिक दालों के बारे में।

    पहाड़ी रस, उत्तराखंड

    Pahadi ras

    (Picture Courtesy: Instagram)

    उत्तराखंड का पहाड़ी रस हिमालयी क्षेत्रों की खास दाल है, जो कुलथी से बनाई जाती है। यह पतली दाल ठंडे मौसम में शरीर को गर्म रखने और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जानी जाती है। इसे चावल के साथ खाया जाता है और यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।

    पंचरत्न दाल, राजस्थान

    Panchratna Dal

    (Picture Courtesy: Instagram)

    राजस्थान की पंचरत्न दाल का मतलब है “पांच रत्न”। इसमें मूंग, तुअर, उड़द, चना और मसूर, पांच अलग-अलग दालों का इस्तेमाल किया जाता है। यह दाल स्वाद में बेहद रिच और पौष्टिक होती है। खास मौकों, त्योहारों और शादी-ब्याह में इसे बनाना आम है। घी और मसालों का तड़का इसे शाही स्वाद देता है।

    गरुर दाल, पश्चिम बंगाल

    Garur Dal

    (Picture Courtesy: Instagram)

    पश्चिम बंगाल की गरुर दाल एक पारंपरिक बंगाली दाल है, जिसे खासतौर पर बंगाली महीने के अंत में बनाया जाता है। यह दाल मौसमी सब्जियों और हल्के मसालों के साथ पकाई जाती है। इसका स्वाद न ज्यादा तीखा होता है और न ही भारी। सरसों का तेल और बंगाली मसालों की खुशबू इसे खास बनाती है। गरुर दाल आमतौर पर सादे चावल के साथ परोसी जाती है।

    खबरें और भी

    खसखस ची भाजी, महाराष्ट्र

    महाराष्ट्र की यह अनोखी डिश पारंपरिक दाल से बिल्कुल अलग है। इसमें दाल की जगह पिसे हुए खसखस का इस्तेमाल किया जाता है। इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे इसका टेक्सचर क्रीमी और स्वाद हल्का मसालेदार होता है। खसखस ची भाजी आमतौर पर भाकरी या चावल के साथ खाई जाती है और यह ग्रामीण इलाकों में खास पसंद की जाती है।

    खानदेशी दाल, महाराष्ट्र

    Khandeshi Dal

    (Picture Courtesy: Instagram)

    महाराष्ट्र के खानदेश क्षेत्र की यह दाल अपने तीखे और देसी स्वाद के लिए जानी जाती है। इसमें भुना हुआ नारियल और प्याज से बना खास मसाला इस्तेमाल किया जाता है। यह दाल स्वाद में थोड़ी तीखी होती है और ज्वार या बाजरे की भाकरी के साथ बेहद अच्छी लगती है।

    उलावा चारु, आंध्र प्रदेश

    Ulva Charu

    (Picture Courtesy: Instagram)

    आंध्र प्रदेश की उलावा चारु एक तीखी और खट्टी रसम जैसी दाल है, जो कुलथी से बनाई जाती है। इसे मसालों और इमली के साथ पकाया जाता है और चावल के साथ परोसा जाता है। यह स्वाद में तीखा होने के साथ-साथ एनर्जी देने वाला भी होता है।

    दाल सुल्तानी, हैदराबाद

    Dal Sultani

    (Picture Courtesy: Instagram)

    हैदराबाद की दाल सुल्तानी नवाबी खानपान का हिस्सा है। इसमें मूंग और चना दाल को मिलाकर धीमी आंच पर पकाया जाता है। बाद में इसमें क्रीम या रिच तड़का डाला जाता है, जो इसे बेहद मुलायम और स्वादिष्ट बनाता है। यह दाल रोटी या चावल दोनों के साथ अच्छी लगती है और खास दावतों में परोसी जाती है।