युद्ध के मैदान और एक गलती से बना दाल बाटी चूरमा, दिलचस्प है इस राजस्थानी डिश की कहानी; रेसिपी भी है काफी आसान
दाल बाटी चूरमा का इतिहास युद्ध के मैदान और एक गलती से जुड़ा है, जो इसे राजस्थान की एक दिलचस्प डिश बनाता है।

दाल बाटी चूरमा बनाने की रेसिपी क्या है? (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थानी खान-पान की बात करें और दाल बाटी चूरमा का नाम न लिया जाए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। ये व्यंजन स्वाद में लाजावाब होते हैं और राजस्थान के इतिहास से भी इनका गहरा नाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं इसे पहली बार कैसे बनाया गया था?
दरअसल, दाल बाटी चूरमा एक साथ नहीं बनाए गए थे, बल्कि एक-एक करके इन्हें बनाया गया, जिन्होंने साथ मिलकर आज राजस्थान की मशहूर डिश दाल बाटी चूरमा को जन्म दिया। आइए जानें कैसे पहली बार बनाया गया था दाल बाटी चूरमा और इनकी रेसिपी।
सैनिकों ने बनाई बाटी
बाटी का इतिहास लगभग आठवीं सदी से जुड़ा है। जब मेवाड़ में राजपूत अपनी पैठ जमाने के लिए युद्ध कर रहे थे। ऐसे में युद्ध के दौरान सैनिकों को ऐसा खाने की जरूरत थी, जो आसानी से बन जाए और ऊर्जा भी दे। इसके लिए सैनिक युद्ध पर जाने से पहले आटे की गोलियों को रेगिस्तान की रेत में दबा देते थे। दिनभर की धूप से रेत गर्म होती और इसके अंदर ही बाटी पक जाती थी। जब सैनिक युद्ध से आते, तो रेत के नीचे से बाटी निकालकर छाछ या दही के साथ खाते।
गुप्त साम्राज्य में बनी दाल
बाटी के साथ खाई जाने वाली दाल का इतिहास गुप्त साम्राज्य से जुड़ा है। शाही रसोइयों ने पांच अलग-अलग तरह की दाल को मिलाकर ये दाल बनाई। इसमें मूंग, चना, तूर, उड़द और मसूर की दाल को मिलाया गया था। इस दिल को जीरा, लौंग और मसालों का छौंक लगाया गया, जिसके बाद इसे बाटी के साथ परोसा गया।
गलती से बना चूरमा
चूरमा के इतिहास से जुड़ी कहानी है कि एक रसोइए से गलती से बाटी पर गन्ने का रस गिर गया। गन्ने का रस गिरने के कारण बाटी मीठी और मुलायम हो गई। बाद में गुहिल वंश की महिलाओं ने बाटी को लंबे समय तक ताजा और नरम रखने के लिए उसमें गुड़ मिलाना शुरू किया और आज का चूरमा तैयार है।
बाटी की रेसिपी
सामग्री
- गेहूं का आटा- 2 कप
- बेकिंग सोडा- एक चुटकी
- नमक- स्वादानुसार
- घी- 1/4 कप
विधि
- सबसे पहले एक बर्तन में आटा, घी, बेकिंग सोडा, नमक और घी डालकर अच्छी तरह मिला लें।
- अब आटे को गुनगुने पानी से थोड़ा सख्त गूंथ लें और 15 मिनट के लिए ढककर रख दें।
- आटे को छोटी-छोटी लोइयों में तोड़ लें और एक कुकर में या आंच पर धीमी आंच पर चारों तरफ से पका लें। ध्यान रहे कि बाटी जलनी नहीं चाहिए।
- इन सिकी हुई बाटियों को हल्का-सा तोड़कर देसी घी में अच्छी तरह डुबोएं।
पंचमेल दाल बनाने की रेसिपी
सामग्री
- बराबर मात्रा में पांचों दाल
- टमाटर-1
- हरी मिर्च-1
- हींग- एक चुटकी
- अदरक-लहसुन पेस्ट- 1 चम्मच
- जीरा- 1 चम्मच
- लौंग- 4-5
- हल्दी- 1/4 चम्मच
- लाल मिर्च- 1/2 चम्मच
- धनिया पाउडर- 1/2 चम्मच
- गरम मसाला- 1/4 चम्मच
- नमक- स्वादानुसार
- घी- 3 चम्मच
विधि
- पांचों दालों को धोकर 30 मिनट भिगोएं और कुकर में हल्दी व नमक डालकर 3-4 सीटी आने तक उबाल लें।
- अब एक कड़ाही में घी गरम करें और उसमें जीरा, हींग, हरी मिर्च और अदरक डालें।
- इसके बाद कटे हुए टमाटर और सूखे मसाले डालकर भून लें।
- जब मसाला भुन जाए, तब इसमें उबली हुई दाल मिलाएं और धीमी आंच पर 10 मिनट पकने दें।
- लास्ट में ऊपर से हरा धनिया डालें और गैस बंद कर दें।
चूरमा बनाने की रेसिपी
- तैयार की गई बाटी को हाथों से या मिक्सी में पीसकर लें।
- इसमें गुड़ का बुरादा, इलायची पाउडर, बारीक कटे काजू-बादाम और घी डालकर मिलाएं।
- चूरमा बनकर तैयार है।
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