यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Basant Panchami की थाली में सजाइए मां सरस्वती का प्रिय भोग, जानें केसर पेड़ा बनाने की आसान रेसिपी
वसंत पंचमी (Basant Panchami 2025) के खास मौके पर अगर आप मां सरस्वती को पीले रंग की एक स्पेशल मिठाई का भोग लगाना चाहते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है ...और पढ़ें

HighLights
- वसंत पंचमी का त्योहार मां सरस्वती को समर्पित है।
- इस दिन विशेष रूप से मां सरस्वती की पूजा की जाती है।
- इस मौके पर आप मां को केसर पेड़ा का भोग लगा सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Basant Panchami 2025: वसंत पंचमी का त्योहार भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह त्योहार ज्ञान, संगीत, कला और विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन विद्यार्थी, कलाकार और बुद्धिजीवी मां सरस्वती की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
वसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती को भोग लगाने की परंपरा है। इस भोग में विशेष रूप से पीले रंग के व्यंजन शामिल किए जाते हैं, क्योंकि पीला रंग बसंत ऋतु और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको मां सरस्वती के प्रिय भोग के रूप में केसर पेड़ा बनाने की आसान रेसिपी (Kesar Peda Recipe) बताएंगे, जिसे आप वसंत पंचमी की थाली में सजा सकते हैं।

मां सरस्वती का प्रिय भोग
वसंत पंचमी पर मां सरस्वती को मीठे व्यंजनों का भोग लगाने की परंपरा है। इस दिन खीर, केसरिया हलवा, केसर पेड़ा, और अन्य पीले रंग के व्यंजन बनाए जाते हैं। इन व्यंजनों को बनाने में केसर का इस्तेमाल किया जाता है, जो न केवल व्यंजनों को सुगंधित बनाता है, बल्कि उन्हें पीला रंग भी देता है। केसर पेड़ा एक ऐसा मिठाई है, जो मां सरस्वती को अत्यंत प्रिय है। यह नरम, मीठा और केसर की खुशबू से भरपूर होता है। आइए जानते हैं कि केसर पेड़ा कैसे बनाया जाता है।
केसर पेड़ा बनाने की आसान रेसिपी
सामग्री:
- 1 लीटर दूध
- 1 कप चीनी
- 1/2 कप मावा (खोया)
- 1/2 छोटा चम्मच केसर
- 1 चम्मच देसी घी
- 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
- बादाम और पिस्ता (गार्निश के लिए)
यह भी पढ़ें- वसंत पंचमी पर मां सरस्वती को लगाएं पीले रंग की 5 मिठाइयों का भोग, जानें रेसिपी
खबरें और भी
विधि:
- केसर पेड़ा बनाने के लिए सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में दूध डालें और उसे मध्यम आंच पर उबालें। दूध को लगातार चलाते रहें ताकि यह तले में न जले। जब दूध आधा रह जाए और गाढ़ा हो जाए, तो इसे आंच से उतार लें।
- इसके बाद एक छोटे कटोरे में केसर के कुछ धागे लें और उन्हें 1 चम्मच गर्म दूध में भिगो दें। इससे केसर का रंग और सुगंध दूध में अच्छी तरह मिल जाएगी।
- अब अगर आपके पास ताजा मावा नहीं है, तो आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। इसके लिए दूध को धीमी आंच पर गाढ़ा करें और लगातार चलाते रहें। जब दूध पूरी तरह गाढ़ा हो जाए और मावा का रूप ले ले, तो इसे आंच से उतार लें।
- फिर एक कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें मावा डालें। मावा को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। जब मावा हल्का सुनहरा हो जाए, तो इसमें गाढ़ा किया हुआ दूध डालें। अच्छी तरह मिलाएं।
- अब इसमें चीनी डालें और लगातार चलाते हुए मिश्रण को पकाएं। जब चीनी पूरी तरह घुल जाए और मिश्रण गाढ़ा हो जाए, तो इसमें केसर वाला दूध और इलायची पाउडर डालें। अच्छी तरह मिलाएं।
- मिश्रण को आंच से उतार लें और इसे थोड़ा ठंडा होने दें। जब यह हल्का गर्म रह जाए, तो इसे हाथों से गोल आकार दें और पेड़ा बना लें। आप चाहें तो इसे सांचे में भी डाल सकते हैं।
- पेड़े को बादाम और पिस्ता के स्लाइस से सजाएं। आप चाहें तो केसर के धागे भी ऊपर से डाल सकते हैं।
- बस केसर पेड़ा तैयार है। इसे मां सरस्वती को भोग लगाएं और फिर प्रसाद के रूप में बांटकर खाएं।
यह भी पढ़ें- क्या सचमुच हेल्दी होती है Brown Bread, या इसे खाकर अपनी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं आप?