यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Diwali 2024: क्या आपका मावा असली है या नकली? घर बैठे इन 5 ट्रिक्स से मिनटों में करें पहचान
क्या आप जानते हैं कि दीपावली के त्योहार (Diwali 2024) के चलते बाजार में नकली मावा घड़ल्ले से बिक रहा है? इस धोखे से बचने के लिए इस आर्टिक में हम आपको ...और पढ़ें

HighLights
- फेस्टिव सीजन में बाजार से मावा खरीदते वक्त विशेष सावधानी बरतनी होती है।
- दीपावली आने के साथ मार्केट में नकली मावा भी घड़ल्ले से बिकने लगता है।
- आप कुछ आसान ट्रिक्स से घर पर असली और नकली मावा की पहचान कर सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दीपावली (Diwali 2024) पर मावा की मिठाई तो हर किसी को पसंद होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि त्योहारों के दिनों में बाजार में मिलावटी मावा भी खूब तेजी से बिकता है? जी हां, इन दिनों मावा खरीदते समय आपको खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है नहीं तो इसमें होने वाली मिलावट आपकी सेहत की चमक को फीका भी कर सकती है। इसलिए, इस आर्टिकल में हम आपको असली और नकली मावा की पहचान करने के 5 ट्रिक्स (How To Check Real Or Fake Mawa) बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से घर बैठे ही इसकी शुद्धता का पता लगाया जा सकता है। आइए जानें।

5 तरीकों से करें असली और नकली मावा की पहचान
रबिंग टेस्ट
मावा की शुद्धता जांचने के लिए रबिंग टेस्ट एक कारगर तरीका है। असली मावा में नेचुरल चिकनाई होती है, जिसकी वजह से इसे रगड़ने पर यह चिकना और थोड़ा दानेदार महसूस होगा। इसके बजाय, नकली मावा में आर्टिफिशियल चीजों की मिलावट होती है, जो इसे रबड़ जैसा बना देती है। ऐसे में, इसे रगड़ने पर यह खिंचता है और इसमें रासायनिक पदार्थों की तीखी गंध भी आ सकती है।
आयोडीन टेस्ट
मावा में मिलावट की जांच के लिए आयोडीन टेस्ट एक कारगर तरीका है। मावे में स्टार्च की मिलावट का पता लगाने के लिए गर्म पानी में मावे का एक टुकड़ा डालें और उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें मिलाएं। अगर मिश्रण नीला हो जाता है, तो इसका मतलब है कि मावे में स्टार्च मिलाया गया है। बता दें, स्टार्च आयोडीन के साथ रिएक्ट करके नीला रंग देता है।
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चखकर देखें
त्योहार के दिनों में मार्केट से माला खरीदते वक्त आप इसे चखकर भी देख सकते हैं। दरअसल, असली मावा मुंह में डालते ही पिघल जाता है और इसमें दूध की नेचुरल मिठास महसूस होती है। इसके बजाय, नकली मावे में आर्टिफिशियल चीजें मिलाई गई होती हैं जिसकी वजह से यह मुंह में चिपकता है और स्वाद में फीका होता है।
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वाटर टेस्ट
मावे की खरीदारी करते समय धोखाधड़ी से बचने के लिए आप वाटर टेस्ट भी कर सकते हैं। शुद्ध मावे में प्राकृतिक तत्व होते हैं जो इसे पानी में आसानी से घुलनशील बनाते हैं। जबकि नकली मावे में आर्टिफिशियल तत्व मौजूद होते हैं जो इसे पानी में घुलने से रोकते हैं।
यह तरीका भी है कारगर
असली और नकली मावे को पहचानने का एक और तरीका है, मावे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर देखना। असली मावा से बनी गोलियां मजबूत होंगी और यह टूटेंगी भी नहीं, लेकिन अगर गोलियां टूट जाती हैं या इन्हें बार-बार गोल करने पर भी दरार देखने को मिल रही है, तो समझ जाइए कि मावे में मिलावट की गई है।