घर पर नाश्ते के लिए बनानी है मटर कचौड़ी, तो नोट कर लें हलवाई जैसी 'खस्ता कचौड़ी' बनाने का सीक्रेट
यह लेख घर पर खस्ता मटर कचौड़ी बनाने की रेसिपी बताता है। इसमें मैदा, अजवाइन और नमक से आटा गूंथने, तथा हरी मटर, अदरक-मिर्च और मसालों से चटपटा भरावन तैया ...और पढ़ें
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कैसे बनाएं खस्ता मटर कचौड़ी? (Picture Courtesy: Freepik)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इस मौसम में सुबह गरमा-गरम, फूली हुई खस्ता मटर कचौड़ी मिल जाए, तो दिन की शुरुआत खुशनुमा हो जाती है। मटर कचौड़ी उत्तर भारत का एक बेहद लोकप्रिय नाश्ता है।
ताजी हरी मटर के तीखे-चटपटे भरावन के साथ बनी कुरकुरी कचौड़ी गरम-गरम चाय के साथ काफी लजीज लगती है। अगर आप भी घर पर मटर कचौड़ी बनाना चाहते हैं, तो आइए जानें हलवाई जैसी एकदम खस्ता मटर कचौड़ी बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी।
सामग्री
- मैदा- 2 कप
- अजवाइन- ½ छोटी चम्मच
- नमक- स्वादानुसार
- तेल या घी (मोयन के लिए)- ¼ कप
- गुनगुना पानी- गूंथने के लिए
भरावन के लिए-
- ताजी हरी मटर- 1.5 कप (दरदरी पिसी हुई)
- अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट- 1 बड़ा चम्मच
- बेसन- 2 बड़े चम्मच (नमी सोखने और बाइंडिंग के लिए)
- मसाले- हींग (एक चुटकी), जीरा, सौंफ पाउडर (1 चम्मच), धनिया पाउडर (1 चम्मच), गरम मसाला, अमचूर पाउडर और लाल मिर्च पाउडर
- हरा धनिया- बारीक कटा हुआ
- तेल- तलने के लिए
(AI Generated Image)
बनाने की विधि
- कचौड़ी का खस्तापन आटे पर निर्भर करता है। इसके लिए एक बर्तन में मैदा, नमक, अजवाइन और तेल डालें। इसे हाथों से तब तक मलें जब तक मैदा मुट्ठी में बांधने पर बंधने न लगे। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर मुलायम आटा गूंथ लें। ध्यान रखें, आटा न ज्यादा सख्त हो और न ज्यादा गीला। इसके बाद इसे ढककर 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें।
- अब एक कड़ाही में एक चम्मच तेल गरम करें। इसमें हींग, जीरा और अदरक-मिर्च का पेस्ट डालकर भूनें। इसके बाद इसमें बेसन डालें और हल्का सुनहरा होने तक भूनें। बेसन कचौड़ी को अंदर से सोंधा बनाता है। अब इसमें दरदरी पिसी हुई मटर और सारे सूखे मसाले डाल दें।
- मटर का पानी सूखने तक इसे धीमी आंच पर पकाएं। लास्ट में हरा धनिया मिलाएं और इस मिश्रण को ठंडा होने दें। जब मिश्रण ठंडा हो जाए, तब इसकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें।
- इसके बाद आटे की छोटी लोई लें और उसे हाथों से फैलाकर कटोरी जैसा आकार दें। बीच में मटर की गोली रखें और चारों तरफ से किनारों को उठाकर बंद कर दें। अब इसे हथेली से धीरे से दबाएं। बेलन का इस्तेमाल कम करें, क्योंकि हाथ से दबाई हुई कचौड़ी ज्यादा अच्छी फूलती है।
- अब यह सबसे अहम हिस्सा है। कड़ाही में तेल गरम करें, लेकिन ध्यान रहे कि तेल हल्का गरम होना चाहिए। अगर तेल ज्यादा गरम होगा, तो कचौड़ी ऊपर से लाल हो जाएगी और अंदर से कच्ची रह जाएगी। कचौड़ियों को धीमी आंच पर सुनहरा भूरा और कुरकुरा होने तक तलें। एक बैच को तलने में कम से कम 10-12 मिनट का समय लगना चाहिए।
- मटक की कचौड़ी बनकर तैयार है। इसे नाश्ते के तीखी हरी चटनी, मीठी इमली की चटनी या फिर मसालेदार आलू की सब्जी के साथ परोसें। साथ में एक कप अदरक वाली चाय हो, तो बात ही कुछ और है।
खास टिप्स
- सौंफ का जादू- मटर के साथ सौंफ का पाउडर जरूर डालें, यह कचौड़ी को हलवाई जैसा स्वाद देता है।
- धीमी आंच- कचौड़ी को हमेशा धीमी आंच पर ही तलें ताकि वह लंबे समय तक खस्ता बनी रहे।