यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कहीं आपके घर भी तो नहीं पहुंच रहा केमिकल वाला आम! 7 तरीकों से करें पहचान
फलों का राजा आम कई लोगों का पसंदीदा फल होता है और इसलिए बाजार में इसकी कई किस्में मिलती हैं। हालांकि बाजार में इसकी बढ़ती मांग की वजह से अक्सर आम पकान ...और पढ़ें

HighLights
- फलों का राजा आम कई लोगों का पसंदीदा फल होता है।
- हालांकि, बाजार में अक्सर केमिकल वाले आम मिलने लगते हैं।
- ऐसे मे 8 तरीकों की मदद से आप इसकी पहचान कर सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आ चुका है। यूं तो ये मौसम कई वजह से परेशान करने वाला होता है, लेकिन फलों के राजा आम की वजह से कई लोग बेसब्री से इस सीजन का इंतजार करते हैं। आम कई लोगों का पसंदीदा फल होता है और यही वजह है कि भारत में इस फल की कई सारी किस्में मिलती हैं।
इन दिनों बाजार में आम की डिमांड भी काफी बढ़ चुकी है। ऐसे में बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए मार्केट में मिलावटी आम तेजी से बिकने लगे हैं। केमिकल मिले ये आम आपकी सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताएंगे, जिनकी मदद से आप आम खरीदते समय (Mango Buying Guide) केमिकली पकाए गए आमों की पहचान कर सकते हैं।
केमिकल वाले आमों के नुकसान
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अनुसार, आमों को पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाले केमिकल कैल्शियम कार्बाइड में कैंसरकारी गुण होते हैं और इसका इस्तेमाल अक्सर वेल्डिंग में किया जाता है।
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यह लोकल मार्केट में सस्ता और आसानी से मिल जाता है, जिसके कारण आमों को पकाने के लिए इसका अंधाधुंध इस्तेमाल होता है। इस केमिकल से पकाए गए आम को खाने की वजह से उल्टी, दस्त, कमजोरी, त्वचा पर छाले, आंखों को स्थायी नुकसान और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
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सूंघकर करें पहचान
प्राकृतिक रूप से पके आमों में मीठी, फल जैसी सुगंध होती है, जबकि आर्टिफिशियल तरीके (How To Identify Artificial Mangoes) से केमिकली पकाए गए आमों में कोई केमिकल वाली या अलग सी गंध हो सकती है।
धब्बों या खरोंच की जांच
अगर आमों में केमिकल के इंजेक्शन (Mango Ripening Tricks) लगाए गए हैं, तो इसके कारण बाहरी नुकसान, जैसे खरोंच या धब्बे नजर आ सकते हैं। ऐसे में आमों को खाने से बचें। नेचुरली पके आमों में इस तरह के बाहरी दाग होने की संभावना कम होती है।
आम की मजबूती जांचें
आर्टिफिशियल तरीके से पकाए गए आम नेचुरली पके आमों की तुलना में नरम या गूदेदार लग सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन्हें पकाने की प्रोसेस में इस्तेमाल होने वाले केमिकल फलों की कोशिका दीवारों को तोड़ देते हैं, जिससे वे नरम हो जाते हैं।
बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें
पानी में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाएं, और फिर आमों को इसमें 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। भिगोने के बाद जब आप आमों को धो लें और अगर आम का रंग बदल जाता है, तो संभावना है कि वे केमिकली पकाए गए हैं या पॉलिश किए गए हैं।
छिलके का रंग जांचें
आर्टफिशियली पकाए गए आमों का रंग एक समान होता है और वे नेचुकल तरीके से पके आमों की तुलना में ज्यादा पीले या नारंगी दिखाई दे सकते हैं। साथ ही ऐसे में आम थोड़े ज्यादा चमकदार भी दिख सकते हैं।
चखकर देखें
अगर कोई आम केमिकल से पकाया गया है, तो इसका स्वाद फीका या अजीब हो सकता है। अगर आम का स्वाद खराब है या खाने के बाद उसका स्वाद खराब लग रहा है, तो हो सकता है कि उसे ऑर्टिफिशियल तरीके से पकाया गया हो।
पानी में भिगोकर देखे
केमिकल वाले आम की पहचान करने के लिए आमों को पानी की एक बाल्टी में डालें। अगर आम डूब जाते हैं, तो वे नेचुरल रूप से पके हुए हैं। अगर वे तैरते हैं, तो उन्हें केमिकल की मदद से पकाया गया है।