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    Swad Bihar Ka: बंगाली मिठाई रसकदम ने बिहारी स्वाद से जीता दिल, अमेरिका-कनाडा से लेकर कई देशों में पहचान

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 02:22 PM (IST)

    दलसिंहसराय की बंगाली मिठाई रसकदम अब अमेरिका, कनाडा सहित कई देशों में अपनी पहचान बना चुकी है। लगभग 100 साल पहले बाबा हलवाई ने इसे बनाना शुरू किया था। ...और पढ़ें

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    जागरण टीम, पटना। बंगाली मूल की मिठाई रसकदम बेहतरीन स्वाद और मिठास के लिए प्रसिद्ध है। देश में इसका नाम तो पहले से ही है, लेकिन अब अमेरिका, कनाडा, सऊदी अरब, इंडोनेशिया व नेपाल तक इसकी पहचान बन चुकी है।

    अमेरिका के कई इंडियन रेस्टोरेंट में तो यह मिठाई बनने लगी है। रसकदम को जो ऊंचाई मिली, उसका श्रेय दलसिंहसराय के कुछ लोगों को जाता है। छेने के ऊपर खोए की परत और उस पर लिपटे पोस्ता दाने रसकदम की खूबसूरती व गुणवत्ता के साथ स्वाद बढ़ाते हैं।

    रसकदम बनाने वाले चमनलाल के पुत्र किशन कुमार बताते हैं कि दलसिंहसराय में प्रतिदिन इसकी बिक्री 400 सौ किलो तक है। यहां की 35 से 40 दुकानों में यह बनती और बिकती है। 600 रुपये प्रति किलो इसकी दर है।

    उनका कहना है कि जलसंसाधन मंत्री से लेकर स्थानीय सांसद व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय भी इसे पसंद करते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और दिवगंत उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की भी यह पसंदीदा मिठाई रही है।

    करीब 100 वर्ष पहले बंगाल से अपने मित्र से रसकदम बनाने का गुर सीखकर दलसिंहसराय लौटे बाबा हलवाई ने सबसे पहले इसे बनाने की शुरुआत की थी। उनसे सीखकर अन्य ने बनाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह मिठाई यहां की पहचान बन गई, लेकिन विशिष्टता चमनलाल के परिवार के पास ही रही।

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    31 जुलाई, 2022 को चमन लाल का निधन हो गया। उसके बाद उनके पोते किशन कुमार दुकान चला रहे हैं। आज भी उसी दुकान से लोग रसकदम खरीदते हैं। दूसरी ओर नाती राकेश कुमार जो पहले नाना चमन लाल की ही दुकान में रहते थे, उन्होंने अपनी अलग दुकान खोल ली है। वह भी दुकान चमन लाल के नाम पर ही है। इसके अलावा 30 से 40 दुकानें भी हैं, जहां रसकदम बनती-बिकती है।

    Swad

    ऐसे बनाते हैं रसकदम

    किशन इसे बनाने का तरीका बताते हैं। सबसे पहले छेना तैयार किया जाता है। छेने को एक प्लेट में डालकर इसे अच्छे से मसल दें। इसमें कार्न फ्लोर और पीला रंग को मिला लें। फिर इसके गोले बनाकर एक थाली में रखें।

    अब एक कुकर में दो कप पानी और चीनी डालकर इसकी चाशनी तैयार करें। इसमें केसर के धागे डालें। छेने के गोलों को चाशनी में डुबोकर कुकर बंद कर दें और एक सीटी लगा दें। सीटी देने के बाद गैस को धीमा कर दें और फिर 10 मिनट पकने दें।

    कुकर का प्रेशर खत्म होने के बाद भी इसे 2-3 घंटों तक चाशनी में ही रहने दें। उसके बाद इसे चाशनी से बाहर निकाल लें। पोस्ता दाना को हाथों से थोड़ा सा दरदरा पीस लें और फिर कड़ाही में अच्छे से रोस्ट करने के बाद अब आप इसे एक प्लेट में निकाल लें।

    अब मावा को कद्दूकस करें और फिर इसमें चीनी पाउडर मिलाएं। छोटे-छोटे गोले बना लें और इसमें आप अंगूठे से बीच में जगह बनाएं। फिर चाशनी में डूबे छेने जो पहले से तैयार है, उसे डाल दें और इसे चारों तरफ से कवर कर दें। मावा और छेना के जो लड्डू तैयार किए हैं, उसे अब रोस्ट किए हुए पोस्ता दाना में रोल करें।

    जरूरी सामग्री

    • छेना
    • कार्न फ्लोर
    • खाने वाला पीला रंग
    • चीनी
    • केसर फूल
    • खोआ (मावा)
    • पोस्ता दाना