धूप से आते ही पीते हैं फ्रिज का चिल्ड पानी? गर्मी की 5 गलतियां पहुंचा सकती हैं सेहत को भारी नुकसान
गर्मी के मौसम में लोग अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा उनकी सेहत को भुगतना पड़ता है। ...और पढ़ें

गर्मी के मौसम में भारी पड़ सकती हैं ये गलतियां (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही चिलचिलाती धूप के कारण पसीना और डिहाइड्रेशन की समस्या काफी बढ़ जाती है। इसलिए इस मौसम में सेहतमंद रहने के लिए शरीर को ठंडा रखना और साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
हालांकि, अक्सर लोग इस मौसम में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा उनकी सेहत को भुगतना पड़ता है। आइए जानें हाइड्रेशन से लेकर हाइजीन तक, गर्मियों में होने वाली ऐसी ही 5 गलतियों के बारे में जिनसे आपको हर हाल में बचना चाहिए।
केवल प्यास लगने पर पानी पीना
गर्मियों में सबसे आम गलती यह होती है कि लोग तभी पानी पीते हैं जब उन्हें तेज प्यास लगती है। सच तो यह है कि जब आपको प्यास का एहसास होता है, तब तक आपका शरीर पहले ही डिहाइड्रेट की कगार पर पहुंच चुका होता है। इसकी वजह से सिरदर्द, थकान, चक्कर आना और पाचन में गड़बड़ी जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप प्यास लगने का इंतजार न करें। हर आधे या एक घंटे में पानी पीते रहें। आप अपनी डाइट में नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और तरबूज जैसे रसीले फलों को शामिल कर सकते हैं।
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(Picture Courtesy: Freepik)
बहुत ठंडे या बर्फ वाला पानी पीना
धूप से आते ही फ्रिज का एकदम चिल्ड पानी या बर्फ वाला पानी पीना बहुत से लोगों की आदत होती है। यह पल भर के लिए राहत जरूर दे सकता है, लेकिन शरीर के आंतरिक तापमान के लिए यह एक बड़ा झटका होता है। अचानक ठंडा पानी पीने से ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं और पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है। साथ ही, ज्यादा ठंडा पानी पीने से आपको तुरंत प्यास बुझने का एहसास होता है। इसलिए आप जरूरत से कम पानी पीते हैं।
इससे बचने के लिए धूप से आने के तुरंत बाद पानी पीने से बचें। कुछ देर कमरे के तापमान पर आराम करें और फिर मटके का पानी या सामान्य पानी पिएं।
पसीने से भीगे कपड़ों को लंबे समय तक पहने रहना
गर्मियों में पसीना आना स्वाभाविक है, लेकिन वर्कआउट के बाद या बाहर से आने के बाद घंटों उन्हीं पसीने वाले कपड़ों में बैठे रहना हाइजीन के लिहाज से बहुत बड़ी गलती है। पसीने और नमी के कारण त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। इससे घमौरियां, फंगल इन्फेक्शन और शरीर से बदबू आने की समस्या हो जाती है।
इससे बचने के लिए बाहर से आने या हैवी वर्कआउट के बाद कपड़े तुरंत बदलें। दिन में दो बार नहाने की आदत डालें और हमेशा सूती कपड़े पहनें, ताकि त्वचा हवा ले सके।
चेहरे को बार-बार धोना
गर्मी और चिपचिपाहट से बचने के लिए कई लोग दिन में 4-5 बार चेहरे पर साबुन या कड़क फेस वॉश का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें लगता है कि इससे चेहरा साफ और ऑयल-फ्री रहेगा। बार-बार साबुन लगाने से त्वचा का प्राकृतिक ऑयल पूरी तरह खत्म हो जाता है। इसके कारण त्वचा रूखी हो जाती है और खुद को हाइड्रेट करने के लिए और ज्यादा तेल बनाने लगती है, जिससे मुंहासे बढ़ जाते हैं।
बचाव के लिए दिन में केवल दो बार माइल्ड फेस वॉश का इस्तेमाल करें। बाकी समय चेहरे पर जमी धूल और पसीने को साफ करने के लिए केवल सादे और ठंडे पानी के छींटे मारें।
अंडरगार्मेंट्स और तौलिये की सफाई पर ध्यान न देना
हाइजीन से जुड़ी एक और गंभीर गलती यह है कि लोग अपने तौलिये या अंडरगारमेंट्स को नियमित रूप से नहीं धोते या उन्हें दोबारा इस्तेमाल कर लेते हैं। गर्मियों में इन चीजों में बैक्टीरिया सबसे जल्दी फैलते हैं, जिससे स्किन इन्फेक्शन और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
अपने अंडरगारमेंट्स को रोजाना बदलें और अच्छी तरह धोकर धूप में सुखाएं। अपने तौलिये को भी हर 2-3 दिन में जरूर धोएं और इसे किसी और के साथ शेयर न करें।