गर्मी और उमस कर रही है आपका पेट खराब? डॉक्टर से समझें समर डायरिया से बचने के उपाय
गर्मी के मौसम में पाचन पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिसके कारण डायरिया और अपच की समस्या बढ़ जाती है। ...और पढ़ें
-1776686938663_m.webp)
गर्मियों में बढ़ जाता है डायरिया का खतरा (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जैसे ही गर्मियों की शुरुआत होती है, एसिडिटी, डायरिया, फूड पॉइजनिंग और पेट फूलने जैसी समस्याओं के मामले बढ़ने लगते हैं। अक्सर हम सोचते हैं कि यह सिर्फ गलत खान-पान की वजह से है, लेकिन बदलता मौसम हमारे गट हेल्थ पर गहरा असर डालता है।
यही कारण है कि गर्मी के मौसम में डायरिया जैसी पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं। आइए डॉ. शुभाशीष मजूमदार (सीनियर डायरेक्टर, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल, वैशाली) से जानें ऐसा क्यों होता है और इससे बचने के लिए क्या कर सकते हैं।
गर्मी और उमस का पाचन पर असर
गर्म और चिपचिपा मौसम कीटाणुओं और वायरस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है। इस मौसम में खाना बहुत जल्दी खराब हो जाता है, खासकर अगर उसे सही तरीके से स्टोर न किया जाए। बाहर कटे हुए फल और सड़क किनारे मिलने वाला खाना इन्फेक्शन का बड़ा कारण बन सकते हैं, जिससे पेट की गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।
-1776686808946.jpg)
(Picture Courtesy: Freepik)
डिहाइड्रेशन और बदलती लाइफस्टाइल
पसीने के जरिए शरीर से फ्लूएड और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। पानी की कमी से पेट में एसिड का स्तर बदल जाता है, जिससे अपच और पेट दर्द जैसी समस्याएं होती हैं। इसके अलावा, गर्मियों में लोग अक्सर कम खाना खाते हैं और कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं, जो पाचन तंत्र पर एक्स्ट्रा दबाव डालते हैं। ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना भी पाचन को धीमा कर देता है।
खबरें और भी
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सावधान हो जाएं-
- पेट में मरोड़ या तेज दर्द
- उल्टी या दस्त होना
- एसिडिटी, गैस और भारीपन
- भूख में कमी महसूस होना
- लगातार थकान या कमजोरी
हालांकि, ये लक्षण शुरुआत में सामान्य लग सकते हैं, लेकिन इलाज न मिलने पर ये बुजुर्गों और बच्चों के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं।
इलाज के तरीके
ज्यादातर मामलों में, डॉक्टर आराम करने और भरपूर मात्रा में पानी और फ्लूएड लेने की सलाह देते हैं। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी, नारियल पानी, हल्का सूप या ओआरएस पीना चाहिए। अगर समस्या बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि कभी-कभी इन्फेक्शन खत्म करने के लिए दवाओं की जरूरत होती है। हालांकि, खुद से कोई दवा न लें।
बचाव के लिए क्या करें?
- दिन भर भरपूर मात्रा में साफ पानी पिएं।
- घर का बना ताजा और हल्का खाना ही खाएं।
- खुले में रखे या गंदी जगह पर मिलने वाले खाने से बचें।
- हाथों की सफाई का पूरा ध्यान रखें।
- शराब, कैफीन और कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करें।