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    डिजिटल डॉक्टर कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दे, छोटी-मोटी परेशानी के लिए AI से दवा पूछना पड़ सकता है भारी

    Updated: Wed, 11 Feb 2026 01:24 PM (IST)

    आजकल लोग सेहत से जुड़े सवालों के लिए एआई चैटबॉट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यह खतरनाक हो सकता है। एआई के पास मेडिकल डिग्री या आपकी व्यक्तिगत मेडिक ...और पढ़ें

    क्या आप भी एआई से पूछकर लेते हैं दवा? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्या आप भी एआई से पूछकर लेते हैं दवा? (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में जब हमें किसी भी सवाल का जवाब चाहिए होता है, तो हम तुरंत AI चैटबॉट्स का रुख करते हैं। कई लोग सेहत से जुड़े सवालों का जवाब भी एआई पर खोज रहे हैं। चाहे सिरदर्द हो, पेट में मरोड़ हो या हल्की खांसी, डॉक्टर के पास जाने के बजाय एआई से सलाह लेना ज्यादा आसान और मुफ्त लगता है।

    लेकिन अक्सर लोग एआई की दी गई मेडिकल सलाह आपकी सेहत के लिए सही है भी या नहीं, इस बारे में सोचना भूल जाते हैं। इंटरनेट और एआई का बढ़ता इस्तेमाल सेल्फ-मेडिकेशन की एक नई और खतरनाक लहर लेकर आया है। आइए जानें यह डिजिटल डॉक्टरिंग आपकी सेहत के लिए कितनी सही है।

    एआईI डॉक्टर नहीं, केवल सूचना का एक जरिया है

    सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि एआई मॉडल्स या अन्य चैटबॉट्स कैसे काम करते हैं। ये चैट बॉट्स इंटरनेट पर मौजूद करोड़ों पन्नों के डेटा को पढ़कर आपको जवाब देती हैं। इनके पास न तो मेडिकल की डिग्री है और न ही आपके शरीर की वास्तविक स्थिति को समझने की क्षमता।

    • मेडिकल हिस्ट्री- एक डॉक्टर आपकी उम्र, वजन, एलर्जी, जेनेटिक्स और पुरानी बीमारियों के आधार पर दवा देता है, लेकिन एआई को आपकी मेडिकल हिस्ट्री का पता नहीं होता।
    • गलत जानकारी- तकनीकी भाषा में एआई कभी-कभी ऐसी जानकारी भी दे देता है जो पूरी तरह गलत होती है, लेकिन सुनने में बहुत विश्वसनीय लगती है। दवा के मामले में ऐसी एक भी गलती जानलेवा हो सकती है।

    एआई से पूछकर दवा लेने के गंभीर जोखिम

    • गलत डायग्नोसिस- मान लीजिए आपको सिरदर्द है। एआई इसे सामान्य तनाव बता सकता है, जबकि असल में यह हाई ब्लड प्रेशर या किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है। गलत सलाह के कारण असली बीमारी का इलाज टल जाता है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
    • दवाइयों का रिएक्शन- हो सकता है कि आप पहले से ही किसी बीमारी की दवा ले रहे हों। एआई की बताई गई दवा आपकी वर्तमान दवा के साथ मिलकर शरीर में रिएक्शन कर सकती है, जिससे किडनी या लिवर पर बुरा असर पड़ सकता है।
    • एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस- बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स लेना दुनिया भर में एक बड़ी समस्या बन गया है। एआई अक्सर इन्फेक्शन के नाम पर एंटीबायोटिक्स का सुझाव दे सकता है। इनका गलत इस्तेमाल आपके शरीर के बैक्टीरिया को इतना मजबूत बना देता है कि भविष्य में असली दवाइयां आप पर असर करना बंद कर देती हैं।

    मशीनें डेटा दे सकती हैं, लेकिन अनुभव नहीं। डॉक्टर आपकी आंखों की चमक, चेहरे की रंगत और नब्ज देखकर जो समझ सकता है, वह दुनिया का कोई भी एल्गोरिदम नहीं समझ सकता। अपनी सेहत के साथ किसी भी तरह का एक्सपेरिमेंट जानलेवा हो सकता है। इसलिए अगर आपको सेहत से जुड़ी कोई भी समस्या है, तो डॉक्टर का दरवाजा खटखटाएं न कि एआई का। 

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