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    आपकी छोटी-सी गलती कर सकती है एंटीबायोटिक्स को बेअसर, डॉक्टर से जानें इनसे जुड़े कुछ सवालों के जवाब

    Updated: Tue, 03 Feb 2026 10:05 AM (IST)

    एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस एक गंभीर खतरा है, जो एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध और गलत इस्तेमाल से बढ़ रहा है। इससे बैक्टीरिया शक्तिशाली हो जाते हैं और दवाएं उन ...और पढ़ें

    बिना डॉक्टर से पूछे ले रहे हैं एंटीबायोटिक्स? (Picture Courtesy: Freepik)

    बिना डॉक्टर से पूछे ले रहे हैं एंटीबायोटिक्स? (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में मेडिकल साइंस ने बहुत प्रगति कर ली है, लेकिन एक अदृश्य खतरा हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहा है, जिसका नाम है एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस (Antibiotic Resistance)। एंटीबायोटिक्स वे दवाएं हैं जिनका इस्तेमाल निमोनिया और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता था, लेकिन इनके अंधाधुंध और गलत इस्तेमाल ने बैक्टीरिया को और ज्यादा शक्तिशाली बना दिया है।

    जब हम बिना जरूरत के या गलत तरीके से एंटीबायोटिक्स लेते हैं, तो शरीर के बैक्टीरिया इन दवाओं के खिलाफ लड़ना सीख जाते हैं। इसे ही रेजिस्टेंस कहते हैं। अगर यह सिलसिला यूं ही चलता रहा, तो भविष्य में एक छोटी-सी खरोंच या मामूली इन्फेक्शन भी जानलेवा साबित हो सकता है, क्योंकि दवाएं काम करना बंद कर देंगी।

    antibiotics

    (Picture Courtesy: Freepik)

    इसलिए अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए इन दवाओं के प्रति जागरूक होना जरूरी है। आइए जानें डॉ. संतोष कुमार अग्रवाल (डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, यथार्थ सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से एंटीबायोटिक्स से जुड़े कुछ मामूली सवालों के जवाब, जो इन दवाओं के बारे में आपको जानकार बनाने में मदद करेंगे।  

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

    एंटीबायोटिक्स लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना क्यों जरूरी है? 

    • जवाब- हर इन्फेक्शन को एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर यह जांचते हैं कि बीमारी बैक्टीरिया की वजह से है या वायरस से, और फिर सही दवा, उसकी खुराक और कितने वक्त तक लेनी है, यह तय करते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, सही इलाज में देरी हो सकती है और रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है

    क्या एंटीबायोटिक्स 'खांसी-जुकाम' या 'फ्लू' में असरदार होते हैं? 

    • जवाब- जी नहीं। खांसी, जुकाम और फ्लू अक्सर वायरस के कारण होते हैं। एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया के खिलाफ काम करते हैं। वायरल इन्फेक्शन में इन्हें लेने से कोई फायदा नहीं होता, बल्कि शरीर को नुकसान और रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।

    क्या 'तेज असर' के लिए साधारण बुखार में भी एंटीबायोटिक लेना ठीक है? 

    • जवाब- नहीं। हल्का बुखार अक्सर वायरल इन्फेक्शन या शरीर की सामान्य रिएक्शन के कारण होता है। जब तक बैक्टीरिया मौजूद न हों, एंटीबायोटिक्स बुखार कम नहीं करते। इनका गैर-जरूरी इस्तेमाल रिकवरी तेज करने के बजाय सेहत को बिगाड़ सकता है।

    मेरे परिवार के किसी सदस्य को मेरे जैसे ही लक्षण हैं, क्या मैं अपनी एंटीबायोटिक उन्हें दे सकता हूं? 

    • जवाब- बिल्कुल नहीं। एक जैसे लक्षण होने का मतलब यह नहीं है कि इन्फेक्शन भी एक ही हो। उम्र, वजन और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर दवा और उसकी खुराक बदल जाती है। एक-दूसरे की दवा खाना असुरक्षित है और इससे रेजिस्टेंस बढ़ सकता है।

    तबीयत ठीक लगने पर भी एंटीबायोटिक का कोर्स पूरा करना जरूरी है? 

    • जवाब- दवा को बीच में छोड़ने से कुछ बैक्टीरिया शरीर में जीवित रह सकते हैं। ये बचे हुए बैक्टीरिया खुद को बदल लेते हैं और दवा के प्रति रेजिस्टेंट बन जाते हैं। कोर्स पूरा करने से इन्फेक्शन जड़ से खत्म होता है।

    एंटीबायोटिक की एक खुराक छूट जाने पर क्या करना चाहिए? 

    • जवाब- जैसे ही याद आए, छूटी हुई खुराक ले लें। लेकिन अगर अगली खुराक का समय करीब है, तो उसे छोड़ दें और अगली खुराक सही समय पर लें। एक साथ दो खुराक कभी न लें।

    क्या मैं फार्मासिस्ट की सलाह पर एंटीबायोटिक खरीद सकता हूं? 

    • जवाब- नहीं। फार्मासिस्ट दवा दे सकता है, लेकिन वह बीमारी का सही डायग्नोसिस नहीं कर सकता। एंटीबायोटिक्स केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही लेनी चाहिए, ताकि गलत इलाज से बचा जा सके।

    क्या प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान एंटीबायोटिक्स लेना सुरक्षित है? 

    • जवाब- कुछ एंटीबायोटिक्स सुरक्षित होती हैं और कुछ बहुत हानिकारक। केवल डॉक्टर ही तय कर सकते हैं कि गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान कौन सी दवा सुरक्षित है। इस स्थिति में कभी भी खुद से दवा न लें।

    एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस असल में होता क्या है? 

    • जवाब- जब एंटीबायोटिक्स का गलत या ज्यादा इस्तेमाल होता है, तो बैक्टीरिया खुद को दवा के हिसाब से ढाल लेते हैं। वे दवा के असर को बेअसर करने की क्षमता विकसित कर लेते हैं, जिससे अगली बार वही दवा उन पर कोई असर नहीं करती। इसे ही एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस कहते हैं। 

    अगर बैक्टीरिया रेजिस्टेंट हो गए, तो भविष्य में क्या होगा? 

    • जवाब- इन्फेक्शन का इलाज करना नामुमकिन या बहुत मुश्किल हो जाएगा। सामान्य बीमारियों के लिए भी बहुत महंगी और ज्यादा शक्तिशाली दवाओं की जरूरत पड़ेगी, जिनके साइड इफेक्ट्स भी ज्यादा होंगे। साधारण इन्फेक्शन भी भविष्य में महामारी का रूप ले सकते हैं।

    सुपरबग्स से मुझे क्यों डरना चाहिए? 

    • जवाब- सुपरबग्स वे बैक्टीरिया हैं जिन पर कई तरह की एंटीबायोटिक्स का असर नहीं होता। इनसे होने वाले इन्फेक्शन का इलाज करना बेहद मुश्किल होता है और ये आसानी से फैलते हैं। इनसे मृत्यु दर बढ़ने का गंभीर खतरा रहता है।

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