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    महिलाओं में हार्ट डिजीज बन रहा है साइलेंट किलर, 7 लक्षणों का न करें नजरअंदाज

    Updated: Sun, 25 Jan 2026 12:50 PM (GMT+05:30)

    जब भी गंभीर बीमारियों की बात होती है, तो महिलाओं का सबसे बड़ा डर कैंसर होता है। हालांकि, महिलाओं में कैंसर से ज्यादा हार्ट डिजीज के कारण मौतें हो रही ...और पढ़ें

    महिलाओं में कैसे बढ़ता है हार्ट डिजीज का खतरा? जानें यहां (Picture Credit - Canva)

    महिलाओं में कैसे बढ़ता है हार्ट डिजीज का खतरा? जानें यहां (Picture Credit - Canva)

    HighLights

    1. दिल की बीमारियां के कारण महिलाओं के मौत की संख्या बढ़ गई है

    2. हार्ट डिजीज के खतरे को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

    3. इन सुझावों से दिल की बीमारियां का खतरा कम कर सकते हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दिल की बीमारियां महिलाओं में मौत का एक बड़ा कारण है। हार्ट डिजीज के कारण होने वाली मौतों की संख्या कैंसर से भी ज्यादा है। इसके लक्षण महिलाओं में पुरुषों से अलग होते हैं, जिसके कारण अक्सर यह समस्या नजरअंदाज हो जाती हैं। आइए जानते हैं महिलाओं में हार्ट डिजीज के कारण, लक्षण और बचाव के तरीके।

    कैसे बढ़ता है हार्ट डिजीज का खतरा?

    दिल की बीमारी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान और जेनेटिक। हालांकि, महिलाओं में हार्ट डिजीज के कुछ और रिस्क फैक्टर्स भी होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    प्री-एक्लेम्पसिया: प्रेग्नेंसी के दौरान प्री-एक्लेम्पसिया यानी हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के कारण दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह समस्या और गंभीर हो सकती है, क्योंकि अक्सर महिलाएं इन समस्याओं के इग्नोर कर देती हैं।

    PCOS और ऑटोइम्यून डिजीज: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS), ल्यूपस और रुमेटॉयड आर्थराइटिस जैसी बीमारियां महिलाओं में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाती हैं।

    अर्ली मेनोपॉज: बता दें कि 45 की उम्र से पहले मेनोपॉज के कारण दिल की बीमारियों का खतरा और बढ़ जाता है। मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम होने की वजह से हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ता है।

    महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण

    पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अलग होते हैं, जिन्हें कई महिलाएं मामूली समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।

    • सीने में दर्द
    • चक्कर
    • उल्टी
    • सांस लेने में तकलीफ
    • पीठ में दर्द
    • ठंडा पसीना आना
    • ज्यादा थकान

    महिलाओं में हार्ट अटैक के कारण

    पुरुषों में अक्सर ब्लॉकेज हार्ट अटैक का कारण होता है, लेकिन महिलाओं में इसके साथ-साथ कोरोनरी माइक्रोवैस्कुलर डिजीज होने की संभावना ज्यादा होती है, जो छोटे ब्लड वेसल्स पर असर डालता है। इसके अलावा, ब्रोकन-हार्ट सिंड्रोम और आर्टरी डैमेज होने जैसी कंडीशन भी हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं।

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    जांच और इलाज

    कई बार सामान्य टेस्ट जैसे एंजियोग्राम महिलाओं में दिल की समस्याओं का पता नहीं चल पाता। ऐसे में डॉक्टर्स PET स्कैन, MRI और अन्य टेस्ट कर सकते हैं।

    दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

    • हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज अपनाएं।
    • ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की नियमित जांच कराएं।
    • लक्षणों को अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
    • खुलकर डॉक्टर से बात करें, ताकि सही इलाज शुरू हो सके।

    महिलाएं अगर समय पर सावधान हो जाएं और सही तरीके से अपनी देखभाल करें, तो दिल की बीमारी का खतरा बहुत हद तक कम किया जा सकता है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।