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    बीते 5 सालों में 50% तक बढ़े हार्ट अटैक के मामले, बचाव के लिए इन 4 कारणों को समझना है जरूरी

    By Jagran NewsEdited By: Nikhil Pawar
    Updated: Mon, 19 Jan 2026 08:20 AM (GMT+05:30)

    हार्ट डिजीज आज भारत में मृत्यु के सबसे बड़े कारणों में से एक बन गया है। यह न केवल बुजुर्गों के लिए बल्कि युवाओं के लिए भी एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। ...और पढ़ें

    हार्ट अटैक की दस्तक से पहले पहचानें ये संकेत (Image Source: Freepik)

    हार्ट अटैक की दस्तक से पहले पहचानें ये संकेत (Image Source: Freepik) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में हार्ट अटैक के मामले कितनी तेजी से बढ़े हैं? आंकड़े बताते हैं कि 2014 से 2019 के बीच देश में दिल के दौरे के मामलों में 50% की भारी बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि हम सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है।

    आज हृदय रोग भारत में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक बन चुका है। इसके पीछे कोई और नहीं, बल्कि हमारी बदलती हुई जीवनशैली, शहरों की भागदौड़, खराब खान-पान और शारीरिक मेहनत की कमी है। डायबिटीज और मोटापे जैसी समस्याएं इस खतरे को और भी बढ़ा रही हैं, जिससे यह एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन गई है।

    heart disease

    (Image Source: Freepik) 

    क्यों आता है हार्ट अटैक?

    सरल शब्दों में समझें तो हार्ट अटैक तब आता है जब दिल की मांसपेशियों को खून पहुंचाने वाली नली (कोरोनरी आर्टरी) में कोई रुकावट आ जाती है। यह रुकावट आमतौर पर खून के थक्के के कारण होती है।

    जब दिल के उस हिस्से को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाता है, तो वहां की कोशिकाएं मरने लगती हैं। अगर इसका तुरंत इलाज न मिले, तो यह दिल को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकता है या जानलेवा साबित हो सकता है।

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    "मैं तो ठीक महसूस कर रहा हूं"- यही है सबसे बड़ी गलती

    अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर उन्हें कोई तकलीफ महसूस नहीं हो रही, तो वे पूरी तरह स्वस्थ हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है। अपोलो हॉस्पिटल्स के डॉ. सुधीर कुमार (सीएमसी वेल्लोर से प्रशिक्षित) बताते हैं कि 99% हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हार्ट फेलियर के मामले उन जोखिमों के कारण होते हैं जो पहले से शरीर में मौजूद थे, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो पाई थी। दिल की बीमारी के शुरुआती चरण चुपचाप बढ़ते हैं और व्यक्ति को इसका पता तब चलता है जब बहुत देर हो चुकी होती है।

    हार्ट अटैक के 4 सबसे बड़े 'मौन' कारण

    ये चार कारक चुपचाप आपके शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाते हैं:

    • हाई ब्लड प्रेशर: बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर समय के साथ आपकी धमनियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है।
    • हाई कोलेस्ट्रॉल: शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल की अधिकता धमनियों में फैट जमा कर देती है, जिससे खून का रास्ता संकरा हो जाता है।
    • अनियंत्रित ब्लड शुगर (डायबिटीज): खून में ग्लूकोज का उच्च स्तर रक्त वाहिकाओं को कमजोर और क्षतिग्रस्त कर देता है।
    • धूम्रपान: तंबाकू का सेवन हृदय और नसों को सीधा नुकसान पहुंचाता है, जो हार्ट अटैक का एक प्रमुख कारण है।

    शरीर के इन इशारों को न करें नजरअंदाज

    हार्ट अटैक आने से पहले या उस दौरान शरीर कुछ संकेत देता है, जिन्हें पहचानना जीवन रक्षक हो सकता है:

    • छाती में लगातार दर्द या भारीपन महसूस होना
    • दर्द का बाहों, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैलना
    • सांस लेने में कठिनाई होना
    • अचानक बहुत पसीना आना, चक्कर आना या बेहोशी छाना
    • बिना वजह बहुत ज्यादा थकान या घबराहट होना
    • कई बार इसे लोग 'गैस' समझ लेते हैं, क्योंकि इसमें मतली, उल्टी या हार्टबर्न (सीने में जलन) जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।

    अपने दिल को मजबूत कैसे बनाएं?

    अच्छी खबर यह है कि जीवनशैली में बदलाव और समय पर डॉक्टरी सलाह से हार्ट अटैक के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है:

    • खान-पान बदलें: अपने भोजन में फल, सब्जियां, और साबुत अनाज शामिल करें।
    • सक्रिय रहें: नियमित व्यायाम करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और वजन व शुगर कंट्रोल में रहता है।
    • बुरी आदतों को छोड़ें: धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बना लें।
    • तनाव कम लें: ज्यादा तनाव हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है, इसलिए तनाव प्रबंधन पर ध्यान दें।
    • नियमित जांच: अपने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की नियमित जांच कराएं ताकि समय रहते किसी भी गड़बड़ी का पता चल सके।

    याद रखें, जागरूकता और थोड़ी सी सावधानी ही आपको और आपके परिवार को इस गंभीर बीमारी से बचा सकती है।

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