अचानक जॉब और रिश्तों से होने लगी है घुटन? कहीं ये 'मिड लाइफ क्राइसिस' का अलार्म तो नहीं!
मिडलाइफ क्राइसिस के लक्षणों और कारणों को समझकर आप इसके दबाव को आसानी से हैंडल कर सकते हैं और जिंदगी को बेहतर जी सकते हैं। ...और पढ़ें

मिड-लाइफ क्राइसिस: पहचानें लक्षण, कारण और इससे उबरने के तरीके (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। 40 से 60 की उम्र मिड लाइफ की कैटेगरी में आती है। यह पड़ाव ज्यादा ग्रोथ, स्थिरता और खुशी का माना जाता है, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ कुछ लोगों में तनाव और डिप्रेशन का भाव भी आने लगता है। इस उम्र तक आते-आते काफी लोग अपनी ही आइडेंटिटी, लाइफ चॉइसेस पर विचार करने लगते हैं।
मिड लाइफ में हर इंसान ही ऐसा महसूस करे जरूरी नहीं, लेकिन काफी बड़ी संख्या में लोग मिड लाइफ क्राइसिस से गुजर रहे होते हैं। इस आर्टिकल में हम इसके लक्षणों, कारणों और इससे बचने के तरीकों के बारे में जानेंगे।
ऐसे नजर आते हैं लक्षण
- गहरी उदासी और पछतावा: रिश्तों में या फिर करियर में छूट गए मौकों के बारे में सोचते रहते हैं और आज से फोकस हट जाता है। इससे जिंदगी में मौजूद अच्छी चीजें भी नजर आना बंद हो जाती हैं।
- बेचैनी और बोरियत: रोजाना एक ही तरह की जिंदगी जीते-जीते थकान और बोरियत होने लगती है, चाहे काम का शेड्यूल हो या फिर कोई और जिम्मेदारी। यह विचार आने लगता है कि काश जीवन में यह रास्ता ना चुना होता तो आज जिंदगी कुछ और ही होती।
- चिड़चिड़ाहट: ऐसा लगने लगता है कि पहले लिए गए फैसलों ने आपको सीमा में बांध दिया है और यह सोचकर ही अचानक गुस्सा आने लगता है। इससे अपने पार्टनर, बूढ़े होते मां-बाप या करीबी दोस्तों से भी चिढ़ होने लगती है।
- पुरानी बातें याद आती हैं: अपनी पुरानी जिंदगी को ज्यादा बेहतर मानने लगते हैं जैसे आप कॉलेज में कितने अच्छे खिलाड़ी, आर्टिस्ट हुआ करते थे। ऐसा करते हुए मौजूदा जिंदगी की पॉजिटिव चीजों को भी नजरअंदाज करने लगते हैं।
- बुरी आदतों का सहारा: इस स्थिति से भागने के लिए कई लोग जरूरत से ज्यादा शॉपिंग करने लगते हैं, कुछ अल्कोहल का सहारा लेते हैं या फिर ओवरईटिंग करने लगते हैं।
- सेक्शुअल डिजायर में बदलाव: कुछ लोगों में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है तो कुछ में कम हो जाती है। कई लोग अपने मौजूदा पार्टनर को चुनने को लेकर भी शक करने लगते हैं और उन्हें अपने से कम उम्र के पार्टनर के साथ डेट करने के ख्याल आने लगते हैं।
क्या होते हैं कारण
- उम्र बढ़ने के साथ काफी सारे फिजिकल चेंजेस मिड लाइफ क्राइसिस का कारण बन सकते हैं।
- इस उम्र में काफी लोगों के बच्चे अपनी पढ़ाई या नौकरी की वजह से उनसे दूर चले जाते हैं और पेरेंट्स को एम्प्टी नेस्ट सिंड्रोम का अनुभव होता है।
- काफी लोग मिड लाइफ में अपना करियर भी बदलते हैं और एक नई जिंदगी से तालमेल बिठाने की भागदौड़ में लग जाते हैं।
- फाइनेंशियल प्रेशर भी एक बड़ी वजह हो सकती है।
- अगर किसी का बचपन अच्छा ना रहा हो तो एडल्टहुड में इसके परिणाम नजर आने लगते हैं
इस तरह मिल सकती है मदद
- कुछ नया सीखने की कोशिश करें
- ज्यादा से ज्यादा एक्टिव रहें
- कम्युनिटी में शामिल हों और अपने जीवन का एक परपस बनाएं
- बढ़ती उम्र को कमी के रूप में नहीं, बल्कि एसेट के रूप में देखें
- डाइट में बदलाव करें जोकि आपकी बढ़ती उम्र में सपोर्ट करे
- अपनी नींद पूरी करें
- अपने दोस्तों के साथ बात करें और उनके कॉन्टेक्ट में रहें