Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अब सिर्फ एक रात की नींद से AI बताएगा 130 बीमारियों का खतरा, मौत का जोखिम भी है शामिल

    Updated: Thu, 08 Jan 2026 12:09 PM (IST)

    वैज्ञानिकों ने 'स्लीप एफएम' नाम का एक नया AI मॉडल विकसित किया है, जो केवल एक रात की नींद के डाटा का विश्लेषण करके भविष्य में होने वाली 130 बीमारियों औ ...और पढ़ें

    AI करेगा बीमारियों की भविष्यवाणी  (Picture Courtesy: Freepik)

    AI करेगा बीमारियों की भविष्यवाणी (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. एआई अब 130 बीमारियों का जोखिम भी बताएगा

    2. यह एआई मॉडल स्लीप डाटा की मदद से यह भविष्यवाणी करता है

    3. इस एआई मॉडल की सटीकता 75% तक है

     

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बोलबाला तेजी से बढ़ रहा है। अब शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो, जिसमें एआई का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। मेडिकल फील्ड में भी एआई का इस्तेमाल कई शोध और आविष्कारों के लिए किया जा रहा है। इसी में हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। 

    दरअसल, वैज्ञानिकों ने एक ऐसा एआई मॉडल बनाया है, जो केवल एक रात की नींद के डाटा का विश्लेषण करके भविष्य में होने वाली 130 बीमारियों और मृत्यु के जोखिम के बारे में बता सकती है। जी हां, यानी अब एक रात की नींद केवल थकान ही नहीं मिटाएगी, बल्कि यह आपके भविष्य का आईना भी बन सकती है, जिसका श्रेय एआई को जाता है। 

    क्या है 'स्लीप एफएम' मॉडल?

    'नेचर मेडिसिन' जर्नल में पब्लिश हुई एक हालिया रिसर्च के अनुसार, इस एआई मॉडल का नाम 'स्लीप एफएम' (SleepFM) रखा गया है। इसे अमेरिका की स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी और कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मिलकर तैयार किया है। इस मॉडल की सबसे बड़ी खूबी इसकी सटीकता है। टेस्टिंग के दौरान, सी-इंडेक्स पर इसकी सटीकता 0.75 से ज्यादा पाई गई है, जिसका सीधा मतलब है कि इसके 75% से ज्यादा पूर्वानुमान बिल्कुल सही रहे।

    AI Sleep Model

    (AI Generated Image)

    कैसे काम करता है यह सिस्टम?

    यह एआई मॉडल पॉलीसोम्नोग्राफी (PSG) डाटा के आधार पर काम करता है। पीएसजी एक डीटेल्ड स्लीप स्टडी है, जिसे स्टैनफर्ड के स्लीप क्लीनिक से मिले 65 हजार लोगों के 5.85 लाख घंटों से ज्यादा के रिकॉर्ड्स के जरिए ट्रेन किया गया है।

    खबरें और भी

    रिसर्च के वरिष्ठ लेखक प्रोफेसर इमैनुअल मिग्नोट के अनुसार, नींद के दौरान एक व्यक्ति पूरी तरह नियंत्रण में होता है और उसका शरीर कई संकेत देता है। एआई मॉडल मुख्य रूप से चार प्रकार के डाटा को इकट्ठा करके नींद की छिपी हुई फिजियोलॉजी को समझता है-

    • दिमाग की गतिविधि- ईईजी (EEG) और ईओजी (EOG) के माध्यम से
    • दिल की धड़कन- ईसीजी (ECG) या ईकेजी (EKG) के जरिए
    • मांसपेशियों की गतिविधि- ईएमजी (EMG) के माध्यम से
    • सांस से जुड़े संकेत- सांस लेने के पैटर्न और समय के साथ बदलते संकेतों के आधार पर।

    प्रमुख बीमारियों की पहचान और सटीकता

    शोधकर्ताओं ने 1,000 से ज्यादा श्रेणियों की बीमारियों के हेल्थ रिकॉर्ड की स्टडी की, जिनमें से 130 बीमारियों की पहचान एआई ने बेहद सटीकता के साथ की, जिसमें 0.81 स्कोर का मतलब है कि 10 में से 8 बार एआई ने सही पहचान की।

    बीमारी / जोखिम सी-इंडेक्स स्कोर (सटीकता)
    ब्रेस्ट कैंसर 0.89
    डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) 0.85
    मृत्यु का जोखिम 0.84
    हार्ट अटैक 0.81
    हार्ट फेलियर 0.80
    किडनी रोग 0.79
    स्ट्रोक 0.78