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    प्रोटीन के नाम पर कहीं आप 'जहर' तो नहीं खा रहे? जानिए क्या है एनालॉग पनीर जिसे FSSAI ने किया बैन

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 05:33 PM (IST)

    FSSAI ने गलत लेबलिंग और स्वास्थ्य खतरों के कारण एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह शुद्ध दूध से नहीं बनता बल्कि इसमें वेजीटेबल ऑयल और अन्य हानिका ...और पढ़ें

    सेहत के लिए खतरनाक है एनालॉग पनीर (Picture Courtesy: Freepik)

    सेहत के लिए खतरनाक है एनालॉग पनीर (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पनीर शाकाहारी खाने का अहम हिस्सा है। प्रोटीन का बहेतरीन सोर्स होने के साथ-साथ यह स्वाद में भी काफी लाजवाब होता है, लेकिन जो पनीर आप घर ला रहे हैं, क्या वो असली है? दरअसल, बाजार में मिलने वाला हर पनीर असली हो ये जरूरी नहीं है।

    हाल ही में, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने गलत लेबलिंग और सेहत से जुड़े खतरों के देखते हुए एनालॉग पनीर पर बैन लगा दिया है। अब आप सोच रहे होंगे कि एनालॉग पनीर होता क्या है? एनालॉग पनीर असली पनीर की तरह शुद्ध 100% डेयरी से नहीं होती। इसमें दूसरी चीजें मिलाई जाती हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। आइए जानें ये होता क्या है, कैसे बनता है, इसके नुकसान क्या हैं और इसकी पहचान कैसे कर सकते हैं।

    क्या है एनालॉग पनीर?

    बाजार में पनीर की मांग देखते हुए पनीर का एक दूसरा ऑप्शन तैयार किया, जिसे एनालॉग पनीर कहा जाता है। पारंपरिक पनीर शुद्ध रूप से दूध से बनता है, लेकिन एनालॉग पनीर में मिल्क सॉलिड्स, वेजिटेबल ऑयल, इमल्सीफायर्स और स्टेबलाइजर्स का इस्तेमाल किया जाता है। 

    ये दिखने बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता है, छूने पर भी हो सकता है आपको कोई फर्क महूसस न हो, लेकिन ये सेहत के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसलिए इस पर बैन भी लगाया गया है।

    कैसे बनता है एनालॉग पनीर?

    एनालॉग पनीर बनाने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर, पाम ऑयल जैसे सस्ते वेजीटेबल फैट्स, स्टार्च, इमल्सीफायर्स और प्रोसेसिंग सॉल्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है। इन चीजों को मिलाकर एक पेस्ट बनाया जाता है, थर्मल प्रोसेसिंग के जरिए इसे स्टेबल किया जाता है। इसकी सामग्री और अल्ट्रा प्रोसेस्ड तरीके से बनाए जाने की वजह से इसमें पोषक तत्वों की काफी कमी हो जाती है और प्रोसेस्ड फैट और सोडियम की मात्रा काफी बढ़ जाती है। 

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    असली पनीर और एनालॉग पनीर में फर्क

    असली प्रोटीन में प्राकृतिक दूध का प्रोटीन होता है और दूध के इस्तेमाल के कारण नेचुरल फैट्स होते हैं, लेकिन एनालॉग पनीर में स्किम्ड मिल्क सॉलिड इस्तेमाल होता है, जिससे प्रोटीन की मात्रा और गुणवत्ता, दोनों काफी कम होते हैं। एनालॉग पनीर में पाम ऑयल का इस्तेमाल होता है, जिससे इसमें अनहेल्दी फैट्स की मात्रा ज्यादा होती है। 

    इसके अलावा, ताजा पनीर बहुत कम प्रोसेस्ड होता है, जबकि एनालॉग पनीर अल्ट्रा प्रोसेस्ड होता है। एनालॉग पनीर में पोषक तत्वों की मात्रा भी काफी कम होती है, लेकिन इसमें कैलोरी, अनहेल्दी फैट और सोडियम ज्यादा पाया जाता है। 

    एनालॉग पनीर का सेहत पर क्या असर होता है?

    खराब क्वालिटी के वेजीटेबल ऑयल शरीर में अनहेल्दी फैट्स की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और दिल की बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा होता है। वहीं इसमें मौजूद इमल्सीफाइंग सॉल्ट्स और एडिटिव्स शरीर में सोडियम का लेवल बढ़ाते हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए काफी खतरनाक है। 

    एनालॉग पनीर की पहचान कैसे करें?

    पनीर खरीदते समय हमेशा लेबल चेक करें। अगर लेबल में वेजीटेबल ऑयल या इमल्सीफायर लिखा हो, तो वह एनालॉग पनीर है। एनालॉग पनीर की एक पहचान ये भी है कि वह आसानी से टूटता नहीं है। असली पनीर को दबाने पर वह आसानी से टूट जाता है, लेकिन एनालॉग पनीर रबर जैसा सख्त बना रहता है। साथ ही, हमेशा अच्छे ब्रांड का पनीर खरीदे और खुला पनीर खरीदने से बचें। 

    किन्हें रहना चाहिए ज्यादा सावधान?

    अगर आप पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो एनालॉग पनीर और खतरनाक साबित हो सकता है। दिल के मरीजों, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाइपरटेंशन के मरीजों को इससे खासकर दूरी बनानी चाहिए। वहीं, बच्चों के लिए भी यह काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। 


    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।