यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Skin Cancer का लक्षण भी हो सकता है छोटा-सा पिंपल, बिल्कुल न करें इसे आम समझने की गलती
पिंपल्स यानी मुंहासे स्किन से जुड़ी एक आम समस्या है जिससे कई लोग परेशान होते हैं। आमतौर पर गलत खानपान हार्मोनल बदलाव और अन्य वजहों से पिंपल्स होते हैं ...और पढ़ें

HighLights
- पिंपल एक आम त्वचा संबंधी समस्या है।
- हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में एक महिला के साथ कुछ ऐसा हुआ कि होश उड़ गए।
- यहां महिला के माथे पर हुआ पिंपल स्किन कैंसर का संकेत निकला।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पिंपल्स एक आम समस्या है, जिससे इन दिनों कई लोग परेशान रहते हैं। इन दिनों त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं लोगों को अपना शिकार बना रही हैं। बदलती लाइफस्टाइल की वजह से खराब होती डाइट और बढ़ते प्रदूषण की वजह से कई स्किन प्रॉब्लम्स आजकल आम हो चुकी हैं। पिंपल्स इन्हीं समस्याओं में से एक हैं, जो आमतौर पर कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और अक्सर हार्मोनल परिवर्तनों के कारण होते हैं। यह आमतौर पर समय के साथ ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की एक महिला के साथ ऐसा नहीं हुआ।
यहां पिंपल को आम समझने वाली राचेल ओलिविया की जिंदगी तब पलट गई, जब उन्हें पता चला कि जिस पिंपल वह आम समझ रही थी, वह असल में स्किन कैंसर का संकेत था। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, 32 वर्षीय महिला राचेल ओलिविया को माथे पर एक छोटा लाल दाना हुआ, जिसे उन्होंने ने पिंपल मानकर अनदेखा कर दिया।
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हालांकि, जब लंबे समय तक यह ठीक नहीं हुआ और पिंपल वाली जगह लगातार छिलने लगी, तो उन्होंने डॉक्टर की मदद ली। इसके बाद जो उन्हें पता चला वह सुनकर उनके होश ही उठ गए। बायोप्सी से पता चला कि उसे त्वचा कैंसर है। ऐसे में एंड्रोमेडा हॉस्पिटल, सोनीपत में मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रमन नारंग से हमने जानने की कोशिश की कि क्या पिंपल स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर
स्किन कैंसर और पिंपल का कनेक्शन
डॉक्टर बताते है कि आमतौर पर, पिंपल्स या मुंहासें हार्मोनल बदलावों या ब्लॉक पोर्स के कारण होने वाले ब्रेकआउट की वजह से होते हैं। हालांकि, ये दाने कभी-कभी त्वचा कैंसर जैसी ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं। त्वचा कैंसर के कुछ रूप, उदाहरण के लिए, बेसल सेल कार्सिनोमा या मेलेनोमा, सबसे पहले पिंपल्स जैसी छोटी बनावट के रूप में नजर आ सकते हैं।
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इन लक्षणों पर भी दें ध्यान
डॉक्टर ने आगे बताया कि नियमित पिंपल्स और स्किन कैंसर के कारण हुए पिंपल में कुछ अंतर होता है। अगर आपका पिंपल लंबे समय से ठीक नहीं हो रहा, लगातार ब्लीडिंग या पपड़ी बन रही है और पिंपल का सख्त, चमकदार या अनियमित हो गया है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। मेलेनोमा काले धब्बों के रूप में प्रकट हो सकते हैं या उनमें अनियमित सीमा और रंग विकसित हो सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि व्यक्ति त्वचा में मस्सों पर नजर रखे। कोई भी लगातार या असामान्य परिवर्तन जो आपके मुंहासे के ट्रीटमेंट पर रिएक्ट नहीं करता है, तो तुरंत किसी एक्सपर्ट से संपर्क करें।