Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Heart Health: दिल की सेहत के लिए जरूरी है धूम्रपान और अल्कोहल से परहेज, आज ही बनाए इनसे दूरी

    By Jagran NewsEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Sun, 01 Oct 2023 04:29 PM (GMT+05:30)

    Heart Health दिल हमारे शरीर का सबसे अहम अंग है। इसे सेहतमंद रखना बेहद जरूरी है क्योंकि यह हमारे शरीर में बेहद महत्वपूर्ण कार्य करता है। हालांकि इन दिन ...और पढ़ें

    दिल की सेहत का ध्यान रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
    दिल की सेहत का ध्यान रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

    HighLights

    1. हृदय रोगियों को मौसम में बदलाव के दौरान अधिक सतर्कता की जरूरत
    2. तनाव के कारण 30 साल तक के युवाओं को बढ़ा हृदय रोग का खतरा
    3. बीते 30 वर्षों के दौरान हृदय रोगों में हो गई 50 फीसदी की बढ़ोतरी

    महेवाघाट, कौशांबी। Heart Health: हृदय शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। गर्भ में भ्रूण स्थापित होने के चार सप्ताह बाद हृदय काम करना शुरू कर देता है और पूरे जीवन काल तक बिना रुके धड़कता है। मानव हृदय एक दिन में करीब एक लाख बार धड़कता है। औसतन एक वयस्क व्यक्ति की मुट्ठी के बराबर और लगभग 298 ग्राम वजन वाला यह मानव अंग हर दिन लगभग 2000 गैलन खून पंप करता है। दिल का प्रमुख काम है आर्टरीज के जरिए से ऑक्सीजन और पोषक तत्वों से भरपूर खून को टिशूज और शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचाना। दिल को शरीर की सबसे कठिन काम करने वाली मांसपेशी माना जाता है।

    हमारे लिए 24 घंटे काम करने वाले हृदय की सेहत के लिए हमारी खराब खाने पीने की आदतें और अस्वस्थ जीवन शैली खतरा पैदा कर रही हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) डॉक्टर दीपक सेठ के मुताबिक देश में करीब 23 फीसदी लोगों की मौत हार्ट अटैक से हो जाती है। खराब आदतों में सुधार करके और स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर हृदय को सेहतमंद रखा जा सकता है।

    यह भी पढ़ें- सीढ़ियां चढ़ने से 20 प्रतिशत कम हो जाता है दिल की बीमारी का खतरा, शोध में खुलासा

    दिल की सेहत के लिए जागरूकता के जरूरी

    जिला संयुक्त चिकित्सालय में करीब 6 साल तक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर रहने के बाद सेवानिवृत हुए हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ दीपक सेठ ने हृदय रोगों के कारण और बचाव के बारे में विस्तार से महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हृदय की सेहत को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है। एम्स और आईसीएम आर द्वारा कराए गए शोध के अनुसार 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों में हृदय रोगों का खतरा सबसे तेजी से बढ़ रहा है। बीते 30 वर्षों में हृदय रोगों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

    हृदय रोग के प्रकार

    हार्ट अटैक ,हार्ट फेल्योर, एंजाइना ,कोरोनरी धमनी की बीमारी, अनियमित दिल की धड़कन, हार्ट वाल्व डिजीज, दिल में छेद, रूमेटिक हार्ट डिजीज, आदि हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। जानकारी के अभाव में लोग काफी दिनों तक कार्डियोलॉजिस्ट के पास नहीं पहुंच पाते हैं

    खबरें और भी

    हृदय रोग के लक्षण

    हृदय के सभी रोगों में कुछ सामान लक्षण दिखाई देते हैं। छाती में दबाव या भारीपन, थकान और कमजोरी, सांस फूलना ,शरीर के ऊपरी हिस्से जैसे हाथों जबड़े गार्डन आदि में बार-बार दर्द होना, चक्कर और पसीना आना ,मिताली और धड़कन में तेजी से वृद्धि के लक्षण हृदय रोग होने पर सभी या एक से अधिक समान लक्षण दिखाई देते हैं।

    हृदय रोग के कारण

    हृदय रोग के कारण उसके प्रकार पर निर्भर करते हैं। लेकिन बीड़ी, सिगरेट और अन्य तरह का धूम्रपान, अल्कोहल का सेवन, तनाव ,अधिक वजन होना, अधिक वसा युक्त आहार का सेवन ,अस्वस्थ जीवन शैली, व्यायाम न करना आदि ऐसे कारण हैं, जिनका दुष्प्रभाव सभी तरह के हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार होता है।

    हृदय रोगों से बचाव के उपाय

    जन्मजात होने वाले कुछ हृदय रोग वंशानुगत कारण से होते हैं। लेकिन कुछ हृदय रोगों में गर्भवती महिलाएं अपने खान-पान और जीवन शैली में सुधार करके बचाव कर सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान शराब और सिगरेट के सेवन से भ्रूण को हृदय रोग के अलावा दूसरी गंभीर बीमारियों का भी खतरा पैदा हो जाता है।

    हालांकि हार्ट अटैक, हार्ट फैलियर ,एंजाइना आदि हृदय रोगों को जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन करके रोका जा सकता है। धूम्रपान, अल्कोहल और तनाव हृदय के सबसे बड़े दुश्मन साबित हो रहे हैं। इनसे दूरी बनाकर दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक काम किया जा सकता है। इतना ही नहीं बीमारी होने के बाद उसे ठीक किया जा सकता है। इसके साथ ही जिन लोगों को उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थितियां है, उन्हें अधिक सावधानी की जरूरत है। इन बीमारियों को नियंत्रित नहीं रखने पर हृदय रोगों के होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    खानपान के मामले में सैचुरेटेड फैट वाले फूड्स आर्टरीज के अंतर कोलेस्ट्रॉल की गांठे पैदा करने के लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार होते हैं। इसलिए फास्ट फूड और घर से बाहर दुकानों पर मिलने वाले समोसा पकौड़ी आदि खाद्य पदार्थ से परहेज करना चाहिए। पाम तेल और रिफाइंड दिल के बहुत बड़े दुश्मन साबित हो रहे हैं, इनसे परहेज करें। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट का व्यायाम, प्राणायाम, मेडिटेशन और कम से कम 2 लीटर पानी का सेवन हृदय को स्वस्थ रखने के लिए जरूर करना चाहिए।

    तनाव दिल और दिमाग दोनों का दुश्मन

    भागमभाग और आपाधापी वाली जीवनशैली में लगभग हर किसी को तनाव का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण काल के बाद से आर्थिक और सामाजिक दशाओं में भारी बदलाव पैदा हो चुका है। मौजूदा समय में युवा पीढ़ी तनाव की शिकार है। इसलिए 30 से कम उम्र में हृदय रोग के मामले बड़ी तादात में सामने आ रहे हैं। तनाव से बचाव के लिए प्राकृतिक तरीकों की मदद ली जा सकती है। हृदय रोगों से बचने के लिए तनाव प्रबंधन बहुत आवश्यक है।

    यह भी पढ़ें- दिल की सेहत का रखना चाहते हैं ख्याल, तो जिम करते समय रखें इन बातों ध्यान

    Picture Courtesy: Freepik