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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ayurvedic Tips for Summer: गर्मियों में आयुर्वेद के इन टिप्स की मदद से रह सकते हैं स्वस्थ और बीमारियों से दूर

    Updated: Sun, 12 May 2024 10:04 AM (GMT+05:30)

    गर्मियों में खानपान के चलते कई सारी सेहत संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। कुछ एक तो बहुत खतरनाक होती हैं जो लंबे समय तक चलती हैं और इनके चलते शरीर ...और पढ़ें

    Ayurvedic Tips for Summer: गर्मियों में स्वस्थ बने रहने के आयुर्वेदिक तरीके
    Ayurvedic Tips for Summer: गर्मियों में स्वस्थ बने रहने के आयुर्वेदिक तरीके

    HighLights

    1. आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में पित्त-दोष की समस्या बढ़ जाती है।
    2. खीरा, तरबूज, पुदीना और धनिया जैसी चीज़ों को शामिल कर पित्त दोष को शांत रखा जा सकता है।
    3. व्यायाम, मेडिटेशन भी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Ayurvedic Tips for Summer: गर्मियों में लगातार बढ़ते तापमान के चलते लोग डिहाइड्रेशन, डायरिया, चक्कर आना जैसी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। गर्मी के मौसम में कई बार पर्याप्त मात्रा में पानी और जूस पीने के बावजूद भी शरीर की एनर्जी की कमी महसूस होती रहती है। ऐसे में स्वस्थ्य बने रहने के लिए कुछ और भी बातों पर ध्यान देना जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में पित्त-दोष की समस्या बढ़ जाती है। पित्त का संतुलन बिगड़ने से सनबर्न, थकान, एक्ने, गुस्सा, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में शरीर को ठंडा रखने के कुछ उपाय हैं, जिन्हें अपनाने से शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है और साथ ही सनस्ट्रोक जैसी समस्याओं से भी बचे रहा जा सकता है। जान लें इसके बारे में

    1. शरीर को हाइड्रेडेट रखें

    इस मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए पानाका (ढेर सारे पानी और फलों के गूदे से बनी ड्रिंक), शरबत (फल और चीनी), चावल का पानी, सूप आदि का सेवन करें। नारियल पानी और हर्बल टी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाने में मदद करते हैं। ठंडे पानी से नहाने के बाद रसाला (दही, चीनी और काली मिर्च का मिश्रण) का सेवन करें।

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    2. पित्त को संतुलित करने वाले आहार का सेवन करें

    गर्मियों में पित्त दोष बढ़ जाता है इसलिए ठंडी चीजों जैसे खीरा, तरबूज, पुदीना और धनिया आदि का सेवन कर इसे संतुलित रखें। इस मौसम में तले, मसालेदार और ऑयली फूड्स से बचें। इन्हें पचने में बहुत ज्यादा वक्त लगता है, जिस वजह से गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग जैसी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं। 

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    3. त्वचा का ख्याल रखें

    धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाएं। सुबह 10 से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलना अवॉयड करें। इस मौसम में कॉटन या लिनन के कपड़े पहनें। बहुत तंग और गहरे रंग के कपड़े न पहनें। डार्क कलर्स गर्मी को एब्जॉर्ब करने का काम करते हैं। 

    4. प्राणायाम करें

    प्राणायाम करने से मन तो शांत होता ही है, साथ ही शरीर भी ठंडा रहता है। कूलिंग प्राणायाम (सांस के व्यायाम) जैसे शीताली और शीतकारी करें, इससे शरीर अंदर से ठंडा रहता है।

    5. व्यायाम करें

    गर्मियों में हल्के व्यायाम करें। शरीर को थकाने वाले और बहुत ज्यादा पसीना बहाने वाले व्यायाम से बचें। 

    6. जड़ी-बूटियों की मदद लें

    कुछ जड़ी बूटियां और मसाले जैसे धनिया, जीरा और पुदीना शरीर को ठंडा रखते हैं। इसके अलावा कैमोमाइल और रोज टी पित्त को संतुलित करते हैं।

    इन सब उपायों को अपनाकर आप गर्मियों में सुरक्षित रह सकते हैं। इसके अलावा डाइट में किसी भी तरह के बदलाव करने से पहले चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 

    (डॉ. कार्तिक कृष्णन, Vice President, आर्य वैद्य फार्मेसी (कोयंबटूर) लिमिटेड से बातचीत पर आधारित)

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