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    डायबिटीज में किसी 'वरदान' से कम नहीं है बेलपत्र, खुद डॉक्टर ने बताए इसके फायदे

    Updated: Wed, 07 Jan 2026 06:25 PM (IST)

    डायबिटीज दुनियाभर में एक गंभीर समस्या बन चुकी है, खासकर भारत में युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर नील सालविया के अनुसार, 'बिल्व पत्र' ...और पढ़ें

    डायबिटीज कंट्रोल करने का प्राकृतिक उपाय (Picture Credit- AI Generated)

    डायबिटीज कंट्रोल करने का प्राकृतिक उपाय (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. बेलपत्र ब्लड शुगर कम करने में मददगार होता है

    2. यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता और पैंक्रियाज को बचाता है

    3. ताजे पत्ते चबाकर, काढ़ा या चूर्ण बनाकर उपयोग करें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। वर्तमान समय में डायबिटीज दुनियाभर में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। इसे अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर को धीरे-धीरे खोखला करती है। खासकर भारत में इसके आंकड़े चिंताजनक हैं, क्योंकि अब यह बीमारी सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि खराब जीवनशैली और खान-पान के कारण युवा भी तेजी से इसका शिकार हो रहे हैं। 

    यह बीमारी गंभीर इसलिए भी है, क्योंकि इसका कोई इलाज नहीं है। हालांकि, सही मैनेजमेंट और आयुर्वेद की मदद से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। इसी क्रम में आयुर्वेदिक डॉक्टर नील सालविया ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर बताया कि कैसे 'बिल्व पत्र' या बेल का पत्ता इस बीमारी में एक वरदान साबित हो सकता है। आइए जानते हैं डायबिटीज में बिल्ब पत्र के फायदे- 

    बिल्व पत्र के आयुर्वेदिक गुण

    बिल्व पत्र का धार्मिक महत्व तो हम सभी जानते हैं, लेकिन बेहद कम लोग ही यह जानते होंगे कि आयुर्वेद में इसे महाऔषधि माना जाता है। यह पचाने में बेहद हल्का होता है और स्वाद तीखा और कड़वा होता है। यह एक डाइजेस्टिव स्टीमूलेट की तरह काम करता है।

    diabetes symptoms

    डायबिटीज के मरीजों में अक्सर कफ और वात का असंतुलन देखा जाता है और बेलपत्र इन दोनों दोषों को शांत करने में सक्षम है। यह न सिर्फ शुगर, बल्कि पेट की गांठों और अन्य पेट से जुड़े विकारों में भी लाभकारी है।

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    डायबिटीज में कैसे फायदेमंद बिल्व पत्र

    धार्मिक महत्व के अलावा बेलपत्र वैज्ञानिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जाता है। इसमें फ्लेवोनोइड्स, एल्कलॉइड्स और टैनिन जैसे फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं, जो नेचुरली ब्लड शुगर को कम करने का काम करते हैं। इसके अलावा बेलपत्र इन तरीकों से डायबिटीज में फायदेमंद होता है- 

      • इंसुलिन मैनेजमेंट: यह शरीर में इंसुलिन संवेदनशीलता (Insulin Sensitivity) को बढ़ाता है, जिससे ग्लूकोज का अब्जॉर्प्शन बेहतर होता है।
      • पैंक्रियाज की सुरक्षा: इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पैंक्रियाज की बीटा सेल्स को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं और उनके रीजेनरेशन में मदद कर सकते हैं।
      • सूजन और कोलेस्ट्रॉल: यह शरीर की आंतरिक सूजन को कम करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल व ट्राइग्लिसराइड्स को कम कर हार्ट को भी सुरक्षित रखता है।

    कैसे करें इस्तेमाल

    • कच्चे पत्ते: इसके इस्तेमाल का सबसे आसान तरीका है सुबह खाली पेट 3 ताजे बेलपत्रों को अच्छी तरह धोकर चबाएं या पीसकर उनका रस पिएं। यह तरीका फास्टिंग शुगर को कंट्रोल करने में भी मददगार है।
    • बिल्व काढ़ा: लगभग 10-15 बेलपत्रों को एक गिलास पानी में तब तक उबालें, जब तक कि पानी आधा न रह जाए। अब इसे छानकर सुबह की चाय की जगह पिएं।
    • बिल्वपत्र चूर्ण: अगर ताजे पत्ते मौजूद न हों, तो छाया में सुखाए गए पत्तों का चूर्ण बना लें। इसे 1 से 3 ग्राम की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार ले सकते हैं।