यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Surya Namaskar Benefits: रोजाना सूर्य नमस्कार करने से दुरुस्त रहेगा दिल-ओ-दिमाग, मिलेंगे सेहत को कई लाभ
हमारे रहन-सहन का हमारी सेहत पर सीधा प्रभाव पड़ता है। हमारी जीवनशैली इतनी खराब हो चुकी है कि हम अपनी सेहत का ख्याल नहीं रख पा रहे हैं। इस कारण लोग आसान ...और पढ़ें

HighLights
- सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से सेहत से जुड़े कई लाभ मिलते हैं।
- यह पाचन, वजन कम करने में मदद करता है।
- ऐसा करने से तनाव कम करने, बॉडी डिटॉक्सिफाई करने में मदद मिलती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Surya Namaskar Benefits: हमारी लाइफस्टाइल इतनी बदल चुकी है कि हमारे पास हमारी सेहत का ख्याल रखने के लिए समय ही नहीं है। यही कारण है कि लोग कम उम्र में ही खतरनाक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसलिए स्वस्थ और लंबा जीवन जीने के लिए जरूरी है कि हम अपनी जीवनशैली में कुछ जरूरी सुधार करें।
हेल्दी रहने के लिए फिजिकल एक्टिविटी करना बेहद जरूरी होता है। इसलिए योग की मदद से शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक सेहत को भी काफी फायदा मिलता है। सूर्य नमस्कार एक ऐसा योग है, जिसमें सूरज को प्रणाम करते हुए अलग-अलग 12 आसनों को किया जाता है, जो सेहत के लिए बेहद लाभदायक होते हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको सूर्य नमस्कार रोज करने से मिलने वाले फायदों के बारे में बताने वाले हैं। आइए जानें सूर्य नमस्कार करने से क्या लाभ हो सकते हैं।
फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है
रोज सूर्य नमस्कार करने से बॉडी फ्लेक्सिबल बनती है। दरअसल, इसमें कुछ आसान ऐसे होते हैं, जिन्हें करने से मांसपेशियां और ज्वॉइन्ट्स फ्लेक्सिबल बनते हैं। मांसपेशियों को टोन्ड बनाने और जोड़ों को भी हेल्दी रखने में मदद मिलती है। सेडेंटरी लाइफस्टाइल की वजह से मांसपेशियों में अकड़न हो जाती है, जिसे दूर करने में सूर्य नमस्कार मददगार हो सकता है।
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनता है
सूर्य नमस्कार के अलग-अलग आसन करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनता है। NIH के मुताबिक, सूर्य नमस्कार करने से मांसपेशियों का ठहरा हुआ रक्त एक्टिव होता है और लिवर व किडनी तक पहुंचकर डिटॉक्सिफाई होते हैं, जो हेल्दी रहने के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। साथ ही, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहने से दिल को भी फायदा मिलता है।
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बॉडी डिटॉक्सिफाई होती है
सूर्य नमस्कार ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने के साथ-साथ किडनी के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। यह किडनी को टोन करता है, जिससे किडनी बेहतर तरीके से फंक्शन कर पाती है और बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन में काफी मदद मिलती है।
बॉडी पोस्चर बेहतर होता है
हमारे खराब बॉडी पोस्चर की वजह से शरीर के कई हिस्सों में दर्द शुरू हो जाता है। इसलिए सही तरीके से बैठना और उठना बेहद जरूरी होता है। सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से बॉडी पोस्चर बेहतर होती है, जिससे पीठ, कंधे और गर्दन के दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है।
एंडोक्राइन ग्लैंड्स बेहतर काम करते हैं
सूर्य नमस्कार करने से पिट्यूटरी ग्लैंड और एडरनल ग्लैंड सक्रिय होते हैं, जिससे हार्मोनल संतुलन बना रहता है। इसलिए हार्मोनल असंतुलन की समस्या से बचाव में सूर्य नमस्कार काफी मददगार साबित हो सकता है।
पाचन दुरुस्त होता है
सूर्य नमस्कार में कुछ ऐसे आसन होते हैं, जो हमारी आंतों के लिए काफी लाभदायक होते हैं। इस कारण पाचन क्रिया बेहतर होती है। साथ ही, यह पाचन तंत्र के अन्य अंगों को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। इस कारण पाचन से जुड़ी समस्याएं, जैसे- गैस, ब्लोटिंग आदि से छुटकारा मिलता है।
वजन कम करने में मदद मिलती है
सूर्य नमस्कार करने से कैलोरी बर्न होती है, जिससे वजन कम करने में काफी मदद मिलती है। यह मेटाबॉलिज्म को एक्टिव बनाता है, जिससे फैट कम स्टोर होता है और वजन कम करने में सहायता मिलती है।
तनाव कम होता
सूर्य नमस्कार मानसिक सेहत के लिए भी लाभदायक होता है। इसे नियमित रूप से करने से तनाव और एंग्जायटी से राहत पाने में मदद मिलती है। दरअसल, इसमें ब्रीदिंग पर खास ध्यान दिया जाता है, जो तनाव दूर करने में मददगार होता है।
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