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जोड़ों के दर्द में सिर्फ कसरत के भरोसे न रहें, रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

Published: Thu, 19 Feb 2026 09:15 AM (IST)

हम अक्सर सुनते हैं कि रेगुलर एक्सरसाइज हर मर्ज की दवा है, लेकिन जब बात 'ऑस्टियोआर्थराइटिस' की आती है, तो ...और पढ़ें

क्या कसरत वाकई जोड़ों के दर्द का इलाज है? (Image Source: Freepik)

क्या कसरत वाकई जोड़ों के दर्द का इलाज है? (Image Source: Freepik)

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

प्रेट्र, नई दिल्ली। हम बचपन से सुनते आ रहे हैं कि "कसरत करो, स्वस्थ रहो", लेकिन अगर आप ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीज हैं और सोचते हैं कि सिर्फ एक्सरसाइज करने से ही आपकी बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी, तो आपको एक बार फिर सोचने की जरूरत है।

जर्मनी के वैज्ञानिकों द्वारा की गई एक नई रिसर्च ने इस पुराने भरोसे को हिला दिया है। जी हां, स्टडी साफ तौर पर बताती है कि जोड़ों के इस दर्द में व्यायाम कोई 'रामबाण' इलाज नहीं है और इससे मिलने वाली राहत उम्मीद से कहीं ज्यादा कम है।

comprehensive care for joint pain

(Image Source: Freepik)

एक्सरसाइज कोई 'रामबाण' इलाज नहीं

'रूमेटिक एंड मस्कुलोस्केलेटल डिजीजेज ओपन' में प्रकाशित एक रिपोर्ट ने चिकित्सा जगत में प्रचलित उस धारणा को चुनौती दी है, जिसमें व्यायाम को ऑस्टियोआर्थराइटिस का प्राथमिक उपचार माना जाता था। जर्मनी के बोचुम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि व्यायाम से दर्द में जो कमी आती है या शारीरिक क्षमता में जो सुधार होता है, वह न केवल अस्थायी है, बल्कि काफी सीमित भी है। आसान शब्दों में कहें तो, ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों के लिए सिर्फ व्यायाम पर निर्भर रहना काफी नहीं है।

12,000 लोगों पर हुआ शोध

इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने बहुत बड़े स्तर पर डेटा का विश्लेषण किया। इसमें 5 प्रणालीगत समीक्षाएं और 28 रैंडम उपचार परीक्षण शामिल थे। इन परीक्षणों में 12,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। जब व्यायाम के परिणामों की तुलना 'प्लेसबो' (दिखावटी इलाज), सामान्य देखभाल या 'कुछ न करने' से की गई, तो पता चला कि व्यायाम का असर या तो नगण्य था या फिर बहुत ही कम समय के लिए था।

शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर क्या दिखा असर?

अध्ययन में शरीर के विभिन्न अंगों पर व्यायाम के प्रभाव को विस्तार से परखा गया:

  • घुटने: घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस में व्यायाम से दर्द में थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन यह प्रभाव बहुत छोटा और कम समय के लिए था। साथ ही, इन साक्ष्यों की सटीकता भी कम पाई गई।
  • कूल्हे: कूल्हे के दर्द के मामले में व्यायाम का असर लगभग न के बराबर पाया गया।
  • हाथ: हाथों के ऑस्टियोआर्थराइटिस में भी व्यायाम के लाभ बेहद सीमित देखे गए।

हर बार काम नहीं आएगी एक्सरसाइज

शोध में व्यायाम की तुलना अन्य चिकित्सा विधियों जैसे- मरीज को दी जाने वाली जानकारी, मैनुअल थेरेपी, दर्द निवारक दवाएं, स्टेरॉयड या हायलूरोनिक एसिड के इंजेक्शन और कीहोल सर्जरी से की गई।

विशेष रूप से, जब लंबी अवधि के परिणामों को देखा गया, तो पाया गया कि घुटने की हड्डी की ऑस्टियोटॉमी और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट व्यायाम की तुलना में ज्यादा प्रभावी साबित हुए। एकल परीक्षणों से यह साफ हुआ कि गंभीर मामलों में व्यायाम इन सर्जिकल प्रक्रियाओं का मुकाबला नहीं कर सकता।

क्या है ऑस्टियोआर्थराइटिस?

अगर आप इस बीमारी से अनजान हैं, तो बता दें कि ऑस्टियोआर्थराइटिस एक दीर्घकालिक और जोड़ों को खराब करने वाला रोग है। इसमें जोड़ों की रक्षा करने वाली 'उपास्थि' और उससे जुड़ी हड्डियां टूटने लगती हैं। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • असहनीय दर्द
  • जोड़ों में अकड़न
  • चलने-फिरने या हिलने-डुलने की क्षमता में कमी
  • यह बीमारी मुख्य रूप से हाथों, घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है

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