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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अक्सर होने वाला सिरदर्द हो सकता है Brain Cancer का संकेत, बिल्कुल न करें हल्के में लेने की गलती

    Updated: Fri, 20 Dec 2024 01:02 PM (GMT+05:30)

    हाल ही में सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर विवेक पंगेनी (Bibek Pangeni) के निधन की खबर सामने आई हैं जिसके बाद से ही इसे लेकर लगातार चर्चा हो रही है। विव ...और पढ़ें

    ब्रेन कैंसर का गंभीर प्रकार है Glioma (Picture Credit- Freepik)
    ब्रेन कैंसर का गंभीर प्रकार है Glioma (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. कंटेंट क्रिएटर Bibek Pangeni का निधन हो गया है।
    2. वह ब्रेन कैंसर के थर्ड स्टेज पर थे।
    3. उन्हें ब्रेन कैंसर का गंभीर प्रकार Glioma हुआ था।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पूरे सोशल मीडिया पर इस समय नेपाल के विवेक पंगेनी (Social Media Sensation Bibek Pangeni) के निधन की खबर छाई हुई है। वह ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे, जिसके चलते बीते दिन उनका निधन हो गया। वह एक जाने-माने कंटेंट क्रिएटर थे, जो अक्सर अपनी पत्नी के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो बनाते थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद से ही हर कोई दुखी है। विवेक ब्रेन कैंसर (Brain Cancer Symptoms) से जिंदगी की जंग हार गए। यह एक खतरनाक बीमारी है, जिसके कई बार गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं। विवेक Glioma के थर्ड-स्टेज पर थे, जिसकी वजह से उनका निधन हो गया है। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे क्या है Glioma,इसके लक्षण और कैसे करें इससे बचाव-

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    ग्लियोमा क्या है?

    क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक ग्लियोमा एक ट्यूमर है, जो तब बनता है जब ग्लियाल सेल्स कंट्रोल से बाहर हो जाती हैं। आम तौर पर, ये सेल्स नर्व्स को सहारा देती हैं और आपके सेंट्रल नर्वस सिस्टम को काम करने में मदद करती हैं। आमतौर पर ग्लियोमा ब्रेन में बढ़ते हैं, लेकिन यह रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइनल कॉर्ड में भी बन सकता है।

    यह घातक और कैंसरस होते हैं, लेकिन कुछ बहुत धीमी गति से बढ़ सकते हैं। वे मुख्य रूप से ब्रेन ट्यूमर हैं, जिसका मतलब है कि यह ब्रेन टिश्यूज में बनते हैं। ग्लियोमा आमतौर पर ब्रेन या रीढ़ की हड्डी के बाहर नहीं फैलता है, लेकिन पीड़िक व्यक्ति के जीवन के लिए खतरा हो सकता है।

    ग्लिओमा के लक्षण

    • सिरदर्द
    • दौरे पड़ना
    • चक्कर आना
    • मलती और उल्टी
    • व्यक्तित्व या व्यवहार में परिवर्तन
    • बोलने और बात करने में समस्या
    • देखने में परेशानी या विजन लॉस
    • सोचने, सीखने या याद रखने में परेशानी
    • चलने या अपना बैलेंस बनाने में कठिनाई।
    • हेमिपेरेसिस (शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नता)

    किन लोगों को ग्लियोमा का खतरा है?

    ग्लियोमा किसी भी व्यक्ति में विकसित हो सकता है, लेकिन नीचे दिए गए फैक्टर्स आपके जोखिम को बढ़ा सकते हैं:

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    • उम्र: ग्लियोमा बुजुर्गों (65 वर्ष से ज्यादा) और बच्चों (12 साल से कम) में सबसे ज्यादा आम है।
    • फैमिली हिस्ट्री: कुछ जेनेटिक डिसऑर्डर या फैमिली हिस्ट्री भी आपके ग्लियोमा के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
    • लिंग: ग्लियोमा महिलाओं की तुलना में पुरुषों में थोड़ा ज्यादा आम है।
    • एथनेसिटी: श्वेत लोगों में अन्य लोगों की तुलना में ग्लियोमास विकसित होने की ज्यादा संभावना हो सकती है।
    • रेडिएशन या टॉक्सिन्स के संपर्क में आना: रेडिएशन या अन्य केमिकल के बार-बार या लंबे समय तक संपर्क में रहने से आपका खतरा बढ़ सकता है।

    क्या ग्लियोमा का इलाज संभव है?

    हां, इसका इलाज संभव है। हालांकि, इसके लिए सही समय पर इसका पता लगना जरूरी है। साथ ही ग्लियोमा के लिए इलाज कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें निम्न शामिल हैं:

    • अगर आपने पहले ब्रेन कैंसर का इलाज करवाया है।
    • ट्यूमर की जगह, टाइप और आकार।
    • आपकी उम्र
    • आपका स्वास्थ्य

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