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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Type- 1 Diabetes से जूझ रहे बच्चों को हेल्दी रखने के लिए फिजिकल एक्टिविटी व हेल्दी डाइट पर दें खासतौर से ध्यान

Published: Sun, 18 Aug 2024 08:31 AM (GMT+05:30)

Diabetes जिसे शुगर और मधुमेह के नाम से भी जाना जाता है। जो दो प्रकार की होती है टाइप-1 और ...और पढ़ें

Type-1 डायबिटीज बच्चों के लिए केयर टिप्स (Pic credit- freepik)
Type-1 डायबिटीज बच्चों के लिए केयर टिप्स (Pic credit- freepik)

HighLights

  1. टाइप 1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून बीमारी है।
  2. टाइप- 1 डायबिटीज आमतौर पर बच्चों और युवाओं में देखा जाता है
  3. बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज को कंट्रोल करने के तरीके।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हमारी अनहेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल का असर सिर्फ हम ही नहीं झेल रहे, बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी इससे प्रभावित हो रही हैं या हो सकती हैं। इनएक्टिव लाइफस्टाइल से हार्ट प्रॉब्लम, डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी कई बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। हर एक बीमारी खतरनाक है खासतौर से डायबिटीज, जिसका शिकार अब बच्चे भी हो रहे हैं।

डायबिटीज दो प्रकार की होती है:- टाइप- 1, टाइप- 2, जहां टाइप- 1 आनुवांशिक है, तो वहीं टाइप- 2 के लिए आपकी खराब लाइफस्टाइल जिम्मेदार है। चिंता की बात यह है कि बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज के लक्षण ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। टाइप 1 डायबिटीज में इंसुलिन बनाने की क्षमता पर पड़ता है। 

गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में एंडोक्राइनोलॉजी एंड डायबिटीज विभाग के डायरेक्टर डॉ. राजेश राजपूत का कहना है , “टाइप-1 डाबबिटीज से जूझ रहे बच्चे के रूटीन में तरह-तरह की फिजिकल एक्टिविटीज को शामिल कर उन्हें काफी हद तक सेहतमंद रखा जा सकता है। पेरेंट्स को बच्‍चे को रोजाना कम से कम 30 मिनट की एक्‍सरसाइज करवानी चाहिए। इससे ना केवल बच्चे का ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा, बल्कि इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता में भी सुधार होगा। साथ ही वे एक हेल्दी लाइफ भी जी पाएंगे। इसके अलावा पेरेंट्स को ऐसे डिवाइस भी पास रखना चाहिए, जिससे ग्लूकोज लेवल की आसानी से जांच की जा सकती है। इससे उन्हें सटीक डेटा मिल जाता है कि बच्‍चे के खानपान, फिजिकल एक्टिविटी और इंसुलिन लेने से ब्लड शुगर के स्तर में कैसे बदलाव हो रहा है।’’

3 आसान स्टेप्स को अपनाकर आप टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे बच्चे को हेल्दी और एक्टिव रख सकते हैं। जान लें इसके बारे में...

1. ब्लड शुगर की नियमित जांच करें

इसकी नियमित जांच के लिए ब्लड शुगर डिवाइस घर में रखें। इस तरह के डिवाइस, मोबाइल ऐप से कनेक्ट होते हैं, जिससे आप रीडिंग्स देख सकते हैं। इससे मॉनिटरिंग आसान हो जाती है कि कौन सी चीज ब्लड शुगर बढ़ाने का काम कर रही है और कौन सी चीज मदद कर रही है। 

2. समझें फिजिकल एक्टिविटी का महत्व

बच्चों को साइकिल चलाना, डांस, क्रिकेट या कबड्डी जैसी मजेदार एक्टिविटीज में इंगेज रखें। इससे उन्हें रोजाना फिट रहने के लिए फोर्स नहीं करना पड़ेगा, लेकिन इन एक्टिविटीज के साथ पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है, वरना फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। 

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3. हेल्दी स्नैक्स पास रखें

डायबिटीज में छोटे-छोटे मील्स लेने की सलाह दी जाती है, तो इसके लिए हेल्दी स्नैक्स ऑप्शन्स पास रखें। ऐसी चीजें जिन्हें खाने के बाद ब्लड शुगर लेवल बढ़ने न पाएं और अगर ग्लूकोज का लेवल गिर रहा हो, तो उसे भी कंट्रोल करने वाली चीजें पास होनी चाहिए। पापकॉर्न, योगर्ट, अंगूर, अंडे ये सारे अच्छे ऑप्शन्स हैं।  

डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को इन टिप्स की मदद से हेल्दी रखा जा सकता है। 

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