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    सर्वाइकल कैंसर से हर 7 मिनट में हो रही एक महिला की मौत, डॉक्टर ने बताया कैसे लगाएं शुरुआती स्टेज में पता

    By Seema JhaEdited By: Swati Sharma
    Updated: Wed, 07 Jan 2026 09:08 AM (IST)

    ब्रेस्ट कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे गंभीर कैंसर है। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में इस से असामयिक म ...और पढ़ें

    बेहद खतरनाक है सर्वाइकल कैंसर (Picture Courtesy: Freepik)

    बेहद खतरनाक है सर्वाइकल कैंसर (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. सर्वाइकल कैंसर के कारण हर साल लाखों महिलाओं की जान जाती है

    2. ब्रेस्ट कैंसर के बाद यह महिलाओं में होने वाला सबसे गंभीर कैंसर है

    3. शुरुआती स्टेज में आमतौर पर इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते

    सीमा झा, नई दिल्ली। सर्वाइकल यानी गर्भाशय ग्रीवा कैंसर यह ग्रीवा की केशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बदलने के कारण होता है। है। इसका सबसे सामान्य कारण है एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस। आमतौर पर यह वायरस से संक्रमित व्यक्ति के यौन संपर्क से फैलता है।

    पुरुष से महिला और महिला से पुरुष मैं यह फैल सकता है। 90 प्रतिशत महिलाओं में यह शांत बना रहता है। यह अवधि 10-15 वर्ष या इससे भी अधिक हो सकती है। यदि समय पर जांच कराएं तो कैंसर से बचने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।

    समय पूर्व जांच जरूरी

    डॉ. सारिका गुप्ता बताती हैं कि कैंसर को एक असाध्य रोग माना गया है। हालांकि, इसके उपचार में काफी सकारात्मक कार्य हुए हैं। महिलाओं को हर तीन साल में पेप्समीयर व एचपीवी जांच अवश्य करानी चाहिए। इससे समय पूर्व कैंसर की पहचान की जा सकती है। चूंकि शुरुआती स्टेज में लक्षण नहीं दिखते, इसलिए ज्यादातर महिलाएं चिकित्सक से संपर्क नहीं करतीं। दूसरी-तीसरी स्टेज मैं काफी देर हो चुकी होती है।

    cervical cancer (1)

    (Picture Courtesy: Freepik)

    धूमपान है बड़ा जोखिम 

    अगर महिलाएं धूमपान करती हैं तो यह एचपीवी संक्रमण का खतरा और बढ़ा देता है। कैंसर जनित कोशिकाएं अधिक सक्रिय हो सकती हैं। इसलिए प्रयास करें कि आप धूमपान या धूमपान करने वालों के संपर्क में आने से बचें। लड़कों को भी वैक्सीन 

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    सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लड़कों को भी वैक्सीन लगवाएं, ताकि उनमें प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो और वे इस वायरस के प्रवाहक न बनें। बता दें कि लड़के अधिकांशतः इस कैंसर के वाहक होते हैं।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • मसिक धर्म से संबंधित समस्या हो तो दवाइयां ही लेकर न आएं, एक बार जांच जरूर करा लें।
    • 9 से 15 साल की लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन लगवाएं। कम उम्र में वैक्सीन लगाने से संक्रमण के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता अच्छी तरह विकसित हो जाती है।
    • 26 साल की उम्र तक सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी वैक्सीन जरूर लगवा लें। इसके बाद 45-50 की उम्र तक चिकित्सक से परामर्श के बाद वैक्सीन लगवा सकती हैं।

    समझें गंभीरता

    • 1,27,000 सर्वाइकल कैंसर के नए मामले दर्ज हुए भारत में 2022 में ।
    • प्रति सात-आठ मिनट में एक महिला की इससे हो रही है मौत। 
    • दो प्रतिशत है स्क्रीनिंग रेट यानी सौ में से दो महिलाएं ही करा रही हैं इस कैंसर की जांच। ग्लोबोकन डाटा, वर्ष 2022 के अनुसार, यूएस में यह आंकड़ा 70 प्रतिशत है।

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