पीरियड्स के तुरंत बाद करवाना चाहिए 5 मिनट का यह टेस्ट, हर साल हजारों महिलाओं की बचा सकता है जान
यह एक ऐसा टेस्ट है जिसके बारे में हर महिला को पता होना चाहिए। यह सिर्फ 5 मिनट का होता है लगभग दर्द-रहित होता है और इसकी मदद से आप एक जानलेवा बीमारी से ...और पढ़ें

HighLights
- पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है।
- शुरुआती स्टेज में इसका पता चल जाए तो इलाज बहुत आसान हो जाता है।
- इस टेस्ट के लिए सबसे सही समय पीरियड्स खत्म होने के ठीक बाद का होता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में महिलाओं की सेहत को लेकर सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है सर्वाइकल कैंसर। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़े बताते हैं कि हर साल लाखों महिलाएं इसकी चपेट में आती हैं। डॉक्टर तरंग कृष्णा का कहना है कि दुर्भाग्य की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में इसका पता तब चलता है जब बीमारी बहुत आगे बढ़ चुकी होती है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि एक बेहद आसान और सिर्फ 5 मिनट का टेस्ट इस खतरे को काफी हद तक टाल सकता है। इस टेस्ट का नाम है- पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test)।
क्या है पैप स्मीयर टेस्ट?
पैप स्मीयर एक साधारण-सी जांच है जिसमें गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) से कुछ कोशिकाएं लेकर माइक्रोस्कोप से देखी जाती हैं। इसका मकसद यह पता लगाना होता है कि कहीं कोशिकाओं में कोई असामान्य बदलाव तो नहीं हो रहा। यही बदलाव आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकते हैं।
कब और कैसे कराना चाहिए यह टेस्ट?
डॉक्टर तरंग कृष्णा के मुताबिक, पैप स्मीयर टेस्ट कराने का सबसे सही समय पीरियड खत्म होने के तुरंत बाद माना जाता है। यह प्रक्रिया न तो दर्दनाक होती है और न ही ज्यादा समय लेती है। जी हां, यह बस कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है।
क्यों है यह टेस्ट जरूरी?
- अगर सर्वाइकल कैंसर को शुरुआती स्टेज पर पकड़ लिया जाए, तो उसका इलाज बहुत आसान और सफल हो सकता है।
- यह टेस्ट महिलाओं को शुरुआती चेतावनी देता है। यानी बीमारी की शुरुआत से पहले ही अलर्ट कर देता है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अगर हर महिला समय-समय पर पैप स्मीयर टेस्ट कराए, तो सर्वाइकल कैंसर के मामलों को आधा किया जा सकता है।
छोटी-सी सतर्कता, बड़ी सुरक्षा
कई बार हम सोचते हैं कि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए बहुत महंगे इलाज या बड़ी प्रक्रियाओं की जरूरत होती है, लेकिन पैप स्मीयर टेस्ट इस सोच को बदल देता है। यह छोटा-सा कदम, जो केवल पांच मिनट लेता है, लाखों महिलाओं की जिंदगी बचा सकता है।
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इसलिए, हर महिला को चाहिए कि वह नियमित अंतराल पर पैप स्मीयर टेस्ट कराए और अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाए। आखिरकार, समय पर किया गया एक छोटा-सा कदम, जीवनभर की बड़ी परेशानी से बचा सकता है।
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