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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    डायरिया का खतरा बढ़ाता है Climate Change, इन तरीकों से पाएं इससे राहत

    Updated: Sat, 20 Jan 2024 01:07 PM (IST)

    Climate Change का असर हमारी सेहत पर भी देखने को मिलता है। ऐसा हम नहीं बल्कि हाल ही में सामने आई ताजा स्टडी में पता चला है। एक हालिया स्टडी में यह पता ...और पढ़ें

    डायरिया की वजह बन सकती है क्लाइमेट चेंज
    डायरिया की वजह बन सकती है क्लाइमेट चेंज

    HighLights

    1. मौसम में बदलाव का असर हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत पर भी पड़ता है।
    2. अब हाल ही में इन पर एक स्टडी सामने आई है।
    3. अध्ययन में सामने आया कि क्लाइमेट चेंज से डायरिया का खतरा बढ़ता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। लगातार बढ़ते प्रदूषण का असर सिर्फ हमारी सेहत पर ही नहीं पर्यावरण पर भी देखने को मिल रहा है। तेजी से प्रदूषण के कारण जलवायु परिवर्तन (Climate Change) देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अब हाल ही में सामने आई एक स्टडी में जलवायु परिवर्तन और हमारी सेहत के बीच कनेक्शन बताया गया है। ताजा अध्ययन के मुताबिक बढ़ता जलवायु परिवर्तन की वजह से डायरिया बीमारी का खतरा बढ़ता है। आइए विस्तार से जानते हैं इस नए अध्ययन के बारे में-

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    क्या कहती है स्टडी?

    सर्री विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कैम्पिलोबैक्टीरियोसिस के ट्रांसमिशन पर स्थानीय मौसम के प्रभाव की जांच की। कैम्पिलोबैक्टीरियोसिस एक जीवाणु संक्रमण है, जो दस्त और पेट दर्द का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कैम्पिलोबैक्टर इन्फेक्शन इंसानों में होने वाले बैक्टीरियल गैस्ट्रएंटाइसिस का सबसे आम कारण है। संक्रमण आमतौर पर हल्के होते हैं, लेकिन बहुत छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों में घातक हो सकते हैं।

    ऐसे डायरिया की वजह बनता है मौसम

    पीएलओएस कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी में शोधकर्ताओं ने 20 साल की अवधि में इंग्लैंड और वेल्स में कैम्पिलोबैक्टीरियोसिस के लगभग 10 लाख मामलों और उस समय के मौसम की तुलना की। इस डेटा के विश्लेषण से पता चला कि कैंपिलोबैक्टीरियोसिस की घटनाएं 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे के तापमान पर लगातार थीं।

    हालांकि, तापमान में हर 5 डिग्री की बढ़ोतरी होने पर संक्रमण में तेजी देखी गई। खास बात यह है कि शोधकर्ताओं ने दिन की लंबाई (10 घंटे से ज्यादा) और बीमारी के बढ़ते मामलों के बीच मजबूत संबंध देखा। यह जुड़ाव तब और मजबूत हुआ जब आर्द्रता यानी ह्यूमिडिटी भी ज्यादा थी।

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    डायरिया के बचने उपाय-

    • अगर आप डायरिया के शिकार हैं, तो अपने शरीर में पानी की बिल्कुल भी कमी न होने दें। इसलिए कुछ न कुछ तरल पीते रहें। आप चाहें तो एक ग्लास पानी में चुटकी भर नमक, आधा चम्मच चीनी मिला पी सकते हैं।
    • डायरिया होने पर अपनी डाइट का खास ख्याल रखें। आप इस समस्या से राहत पाना चाहते हैं, तो दही, छाछ, लस्सी पिएं, इससे दस्त की समस्या ठीक हो जाती है। दही में मौजूद गुड बैक्टीरिया आंतों के लिए जरूरी हैं। साथ ही दही पेट में ऐंठन और मरोड़ दूर को करता है।
    • जीरा आधा चम्मच लें और इसे एक ग्लास पानी में डालकर गैस पर थोड़ी देर उबलने दें। जब पानी उबल जाए तो इसे छान लें और पिएं। इस उपाय से डायरिया की समस्या दूर हो जाएगी।
    • केला, उबला आलू, अनार, अंगूर, संतरा आदि खट्टे फलों को खाने से भी डायरिया की समस्या दूर होगी। साथ ही इस दौरान दलिया, खिचड़ी जैसा सादा भोजन खाएं।
    • अगर आप दस्त से परेशान हैं, तो नारियल पानी पीने से भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा डायरिया में नींबू पानी भी पीना हेल्दी है। नींबू में मौजूद तत्व मौजूद दस्त का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को खत्म करते हैं।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित नुस्खें, सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

    Picture Courtesy: Freepik