सोते ही बढ़ जाती है सीने की जलन? तो दूध नहीं, ये चीजें दिला सकती हैं राहत
गले और सीने की जलन से तत्काल राहत पाने की बजाय इसके साइंस को समझें और अपनी डाइट में बदलाव करें।
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एसिडिटी के कारण और प्रभावी घरेलू उपाय जानें (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। रात में कई बार सीने और गले की जलन की वजह से हमारी नींद खुल जाती है। ऐसे में ठंडा दूध या फिर पिपरमिंट टी लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन ये चीजें कुछ देर की राहत दे सकती हैं, पर लंबा आराम नहीं। इस आर्टिकल में हम एसिडिटी के साइंस और उससे राहत पाने के तरीकों के बारे में जानेंगे।
क्या होती है यह जलन
गले और सीने में यह जलन जीईआरडी यानी गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज की वजह से होती है। इसकी वजह सिर्फ पेट का एसिड नहीं, डायजेस्टिव एंजाइम पेप्सिन है, जोकि गले के सेंसिटिव टिशूज को डैमेज कर देता है। इस एंजाइम का काम खाना पचाने में मदद करना होता है, लेकिन जब यह लौटकर गले में आता है तो गले की पतली परत से चिपककर जलन पैदा करता है।
पेप्सिन एसिड बनाने का करता है इंतजार
अगर एसिडिटी के दौरान कुछ भी एसिडिक खाते हैं तो आपके गले में मौजूद पेप्सिन फिर से एक्टिव हो जाता है और जलन तेज हो जाती है।
ज्यादा पीएच पहुंचा सकता है आराम
सिर्फ नॉर्मल पानी से गले और सीने की जलन खत्म नहीं होती। हमें 8.8 या फिर इससे अधिक पीएच वाला लिक्विड की जरूरत होती है। ये होता है फायदा:
- इससे पेप्सिन से संपर्क खत्म हो जाता है
- यह एंजाइम को स्थायी रूप से न्यूट्रलाइज कर देता है
- पेट में एसिड का संतुलन सही हो जाता है
ये एक मिथ है
यह एक तरह का मिथ है कि दूध या पिपरमिंट टी से तुरंत ही एसिडिटी में राहत मिल जाती है। यह एक अस्थाई हल है। दूध पीने से सिर्फ पांच मिनट के लिए ही राहत पाई जा सकती है, इसके दोबारा एसिड बनता है। पिपरमिंट टी पीने के कुछ देर तक राहत रहती है, उसके बाद एसिड बाहर निकलने का रास्ता ढूंढता है और फिर से गले की ओर लौटने लगता है।
फिर क्या करें
- अल्कलाइन वॉटर: यह पेप्सिन को खत्म कर देता है और एसिड न्यूट्रलाइज हो जाता है।
- केला: इसमें नेचुरली एंटासिड होता है जोकि पेट की लाइनिंग पर एक परत चढ़ा देता है। इस बात का ध्यान रखें कि केला पूरी तरह पका होना चाहिए।
- खरबूज: इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होने की वजह से इसका पीएच अधिक होता है। ये पेट के एसिड को कम कर देता है।
- ओटमील: ओट्स में बीटा-ग्लूकन नामक फाइबर होता है जो एक सुरक्षा कवच बना देता है और एसोफेगस या खाने की नली को हील होने में मदद करता है।
- अदरक: इससे सूजन कम होती है और पेट को ठंडक मिलती है।
इनसे बचें
- तली-भुनी फैटी चीजें
- कैफीन और चॉकलेट
- पिपरमिंट
सोने की पॉजिशन से भी राहत मिलती है
खाना खाने के बाद सिर को कम से कम तीन घंटे के लिए थोड़े ऊंचे पॉजीशन पर रखें। ग्रैविटी की वजह से खाना अच्छी तरह पचेगा और एसिड के गले में लौटने की परेशानी नहीं होगी।
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
