सिर्फ कम होना ही नहीं, शरीर में हीमोग्लोबिन ज्यादा होना भी है खतरनाक, बन सकता है परेशानी की वजह
शरीर में मौजूद हरेक टिश्यू तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए हीमोग्लोबिन जरूरी है, लेकिन इसका ज्यादा स्तर ब्लड क्लॉट, स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है।
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हाई हीमोग्लोबिन: कारण, लक्षण और गंभीर खतरों से कैसे बचें (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
हाई हीमोग्लोबिन रेड ब्लड सेल्स की अधिकता का संकेत
सिरदर्द, चक्कर, सांस लेने में तकलीफ मुख्य लक्षण
ब्लड क्लॉट, स्ट्रोक, हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाए
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हीमोग्लोबिन का हाई होना सेल्स में ज्यादा रेड ब्लड सेल्स बनने या फिर प्लाज्मा के कम होने की तरफ इशारा करता है। हीमोग्लोबिन का ज्यादा होना अपने आप में कोई बीमारी नहीं, लेकिन यह किसी ना किसी समस्या का संकेत जरूर है। आइए, जानते हैं इसके हाई होने के क्या कारण और खतरे हैं।
क्या होता है हीमोग्लोबिन और यह क्या करता है?
हीमोग्लोबिन आयरन से भरपूर प्रोटीन है जो शरीर के हर सेल्स में मौजूद होता है। इसका काम है फेफड़ों से ताजा ऑक्सीजन लेकर शरीर के हर टिश्यू, मसल और ऑर्गन तक पहुंचाना।
हीमोग्लोबिन की नॉर्मल रेंज
- पुरुष: 13.8-17.2 g/dl
- महिला: 12.1-15.1 g/dl
- बच्चे: 11-16 g/dl
कब माना जाता है इसे खतरनाक
पुरुषों में 17.2 g/dl से ज्यादा, महिलाओं और बच्चों में 16 g/dl या इससे ऊपर हीमोग्लोबिन का स्तर खतरनाक माना जाता है।
क्या होती है वजह
हीमोग्लोबिन हाई होने का प्राइमरी कारण है- रेयर किस्म का ब्लड कैंसर पॉलिसेथेमिया वेरा। इसके सेकंडरी कारणों में शामिल है:
- फेफड़े की क्रॉनिक बीमारी- गंभीर अस्थमा, स्लीप एप्निया
- धूम्रपान
- पहाड़ी इलाकों में रहने की वजह से ऑक्सीजन कम हो जाता है, जो ज्यादा हीमोग्लोबिन बनाने के लिए ट्रिगर करता है
- गंभीर रूप से डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर
- किडनी की बीमारी और ट्यूमर
- जन्म से दिल की बीमारी हो या क्रॉनिक सायनॉटिक हार्ट डिजीज हो
इन वजहों से भी हीमोग्लोबिन का स्तर ज्यादा हो सकता है
- कार्यस्थल पर कार्बन मोनोऑक्साइड के संपर्क में आते हों
- लंबे समय से प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हों
ये होते हैं हाई हीमोग्लोबिन के लक्षण
- सिरदर्द
- चक्कर या सिर में हल्कापन
- आंखों से धुंधला दिखना
- थकान और कमजोरी
- सांस लेने में परेशानी
- हाथ और पैरों की त्वचा लाल रहना
- महिलाओं में पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग होना
ये होते हैं खतरे
- ब्लड क्लॉट या डीप वेन थ्रोम्बोसिस की समस्या
- स्ट्रोक
- हार्ट अटैक
- हाइपरटेंशन
- मुख्य अंगों तक खून का बहाव कम हो जाना
- स्प्लीन का फैल जाना
इनसे मिल सकती है मदद
- धूम्रपान ना करें
- अपने हाइड्रेशन का ध्यान रखें
- लगातार बैठे रहने से बचें
- ऑक्सीजन का लेवल जांचते रहें और क्रॉनिक बीमारियों का इलाज कराएं
- डॉक्टरी सलाह के बिना आयरन सप्लीमेंट ना लें
- मोटापा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें
- सांस से जुड़ी समस्या होने पर ऊंची जगह पर जाने से पहले एक्सपर्ट की राय लेना ना भूलें
ऐसे में डॉक्टर को दिखाएं
- लगातार चक्कर आ रहे हों या सिरदर्द हो
- बिना काम किए भी थकान रहती हो
- सांस लेने में दिक्कत हो रही हो
- बार-बार ब्लड क्लॉट की समस्या हो रही हो
- टेस्ट रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन का स्तर लगातार अधिक आ रहा हो
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
