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    कहीं आपके ही घर में तो नहीं छिपे हैं अस्थमा के ट्रिगर्स? बचाव के लिए ध्यान रखें ये जरूरी टिप्स

    Updated: Tue, 05 May 2026 07:00 AM (IST)

    अस्थमा का कोई इलाज नहीं है, लेकिन कुछ आसान टिप्स से इसे मैनेज जरूर किया जा सकता है। आइए जानें अस्थमा को मैनेज करने के टिप्स। ...और पढ़ें

    बदलते मौसम में कैसे करें अस्थमा मैनेज? (Picture Courtesy: Freepik)

    बदलते मौसम में कैसे करें अस्थमा मैनेज? (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अस्थमा सांस से जुड़ी एक ऐसी क्रॉनिक समस्या है, जिसमें सांस की नलियों में सूजन आ जाती है और वे सिकुड़ जाती हैं। इसके साथ ही नलियों में एक्स्ट्रा म्यूकस बनने लगता है, जिससे व्यक्ति के लिए खुलकर सांस लेना मुश्किल हो जाता है। 

    यह सच है कि अस्थमा का पूरी तरह से कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप एक सामान्य जिंदगी नहीं जी सकते। अगर इसके ट्रिगर्स को पहचान कर उनसे बचा जाए और दवाओं के साथ लाइफस्टाइल में सुधार किया जाए, तो इसे पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि अस्थमा को सही तरीके से मैनेज करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

    घर के वातावरण को सुरक्षित बनाएं

    • एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल- एसी न केवल कमरे के तापमान को नियंत्रित करता है, बल्कि यह हवा में मौजूद पोलन को भी अंदर आने से रोकता है। यह घर के अंदर की नमी को कम करता है, जिससे धूल कम होती है। अगर एसी नहीं है, तो एलर्जी के मौसम में खिड़कियां बंद रखने की कोशिश करें।
    • सजावट और बेडरुम में बदलाव- बेडरुम में धूल जमा होने वाली चीजों को कम करें। तकियों और गद्दों को नियमित रूप से साफ करें। रेशमी या रूई वाले कंबलों के बजाय वॉशेबल बेडशीट्स का इस्तेमाल करें। हो सके तो घर से कालीन हटा दें और हार्डवुड या लिनोलियम फर्श अपनाएं।
    • नमी का स्तर सही रखें- अगर आप नमी वाले क्षेत्र में रहते हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर डिह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें, ताकि हवा में नमी का स्तर संतुलित रहे।
    Asthma symptoms

    सफाई पर ध्यान दें

    गंदगी और फफूंद अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं।

    • फफूंद से बचाव- बाथरूम, किचन और घर के गीले कोनों की नियमित सफाई करें ताकि वहां फफूंद न जमे। बगीचे में गीली पत्तियों या लकड़ियों को जमा न होने दें।
    • नियमित डस्टिंग- सप्ताह में कम से कम एक बार घर की डीप क्लीनिंग करें। सफाई करते समय मास्क पहनें ताकि उड़ती धूल आपकी सांसों में न जाए।
    • पालतू जानवरों से सावधानी- अगर आपको जानवरों के बालों से एलर्जी है, तो पालतू जानवरों को बेडरूम से दूर रखें। उन्हें नियमित रूप से नहलाने और ग्रूमिंग कराने से डैंडर कम हो सकता है।

    हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं

    • नियमित एक्सरसाइज- अस्थमा का मतलब इनएक्टिव होना नहीं है। डॉक्टर की सलाह पर नियमित एक्सरसाइज करें। यह आपके दिल और फेफड़ों को मजबूत बनाता है, जिससे लक्षणों में सुधार होता है। अगर ठंडी हवा में एक्सरसाइज कर रहे हैं, तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
    • वजन पर नियंत्रण- बढ़ा हुआ वजन अस्थमा के लक्षणों को और भी गंभीर बना सकता है। बैलेंस्ड डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल के जरिए अपना वजन नियंत्रित रखें।


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