बार-बार तेल गर्म करना और बिना भिगोए दाल पकाना, रसोई की ये गलतियां गट हेल्थ पर पड़ रही भारी
हमारे पाचन तंत्र का सीधा संबंध होता है हमारी रोजमर्रा की कुकिंग आदतों से। कई बार हम स्वाद और सुविधा के लिए ऐसे तरीके अपनाते हैं, जो आंतों पर स्ट्रेस ड ...और पढ़ें
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आपकी ये गलत कुकिंग आदतें बिगाड़ सकती हैं पाचन तंत्र (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हमारी सेहत काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि हम क्या खाते हैं और कैसे पकाते हैं, क्योंकि सही तरीके से पकाया गया खाना पोषण देता है, जबकि गलत कुकिंग हैबिट्स पाचन को बिगाड़ देती हैं।
खासकर इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्या में, जहां आंतें सेंसिटिव हो जाती हैं, और ये गलतियां प्रॉब्लम के लक्षणों को बढ़ा देती हैं।तो चलिए जानते हैं ऐसी कुछ आदतों के बारे में जिनसे दूर ही रहना बेहतर होगा
ज्यादा तेल और तला-भुना खाना
तेल और घी का अत्यधिक प्रयोग खाने को भारी बना देता है। इससे पाचन धीमा हो जाता है और एसिडिटी, गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ जाती है। IBS रोगियों के लिए यह और भी हानिकारक है।
सब्जियों को ज्यादा पकाना
सब्जियों को जरूरत से ज्यादा पकाने से उनके पोषक तत्व और फाइबर खत्म हो जाते हैं। इससे खाना हल्का नहीं रहता और आंतों पर दबाव बढ़ता है।
इंस्टेंट मसाले और पैकेज्ड सॉस
रेडीमेड मसाले और सॉस में प्रिजरवेटिव, नमक और केमिकल अधिक होते हैं। ये आंतों को इरिटेट करके IBS के लक्षणों को बढ़ाते हैं।
तीखा और मसालेदार खाना
बहुत ज्यादा मिर्च-मसाले और खट्टे स्वाद वाले मसाले पेट की लाइनिंग को नुकसान पहुंचाते हैं। इसका नतीजा होता है पेट दर्द, जलन और डायरिया।
तेल को बार-बार गर्म करना
एक ही तेल को बार-बार फ्राई करने के लिए इस्तेमाल करना बेहद नुकसानदेह है। इसमें टॉक्सिन बन जाते हैं जो आंतों की सेहत बिगाड़ देते हैं।
रिफाइंड आटा और चावल पर निर्भरता
रिफाइंड आटा और पॉलिश्ड चावल में फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है। फाइबर की कमी कब्ज और IBS जैसी समस्याओं का कारण बनती है।
डिब्बाबंद और प्रोसेस्ड फूड
कैन वाली दाल, नूडल्स, इंस्टेंट सूप या अन्य पैकेटेड फूड्स में सोडियम और एडिटिव्स अधिक होते हैं। ये आंतों में सूजन और गैस्ट्रिक परेशानी बढ़ाते हैं।
बार-बार खाना गर्म करना
बचे हुए खाने को बार-बार गर्म करने से उसमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है, जो पाचन के लिए हानिकारक है।
ज्यादा मसालेदार और गाढ़ी ग्रेवी
भारी ग्रेवी वाला खाना पचने में मुश्किल होता है। इससे आंतों पर दबाव पड़ता है और पेट में भारीपन व गैस की शिकायत बढ़ती है।
बिना भिगोए दाल या बीन्स पकाना
बीन्स और दाल को बिना भिगोए पकाने से उनमें मौजूद गैस बनाने वाले तत्व एक्टिव रहते हैं। ये पेट फूलने और ऐंठन का कारण बनते हैं।
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