रोज ढाई घंटे की एक्सरसाइज से 30% तक घटता है मौत का खतरा, लेकिन प्रदूषण से आधे ही रह जाते हैं फायदे
हाल ही में हुए एक बड़े अध्ययन ने हमें सोचने पर मजबूर कर दिया है। लंदन की प्रतिष्ठित संस्था यूनिवर्सिटी ...और पढ़ें

वायु प्रदूषण से कम हो जाते हैं व्यायाम के फायदे (Image Source: Freepik)
HighLights
प्रदूषण एक्सरसाइज के फायदों को सीमित कर देता है।
PM 2.5 का उच्च स्तर सेहत पर सीधा असर डालता है।
लगातार प्रदूषण के संपर्क में रहने से कई नुकसान होते हैं।
एएनआई, लंदन। अच्छी सेहत के लिए व्यायाम एक प्रभावकारी उपाय माना जाता है। लेकिन यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में पाया है कि जहरीली हवा के लगातार संपर्क में रहने से नियमित -शारीरिक गतिविधियों के स्वास्थ्य लाभों में अहम कमी आ सकती है । इस अध्ययन में ब्रिटेन, ताइवान, चीन, डेनमार्क और अमेरिका सहित कई देशों में एक दशक से अधिक समय तक ट्रैक किए गए 15 लाख से अधिक वयस्कों के डाटा का विश्लेषण किया गया।
प्रदूषित हवा में एक्सरसाइज के फायदे हो जाते हैं बेअसर
अध्ययन में पाया गया कि नियमित व्यायाम का लोगों की मृत्यु के जोखिम पर सुरक्षात्मक प्रभाव उन लोगों के लिए कम हो गया, जो उच्च प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहते थे। शोधकर्ताओं ने वायु में सूक्ष्म पार्टिकुलेट मैटर के स्तर पर ध्यान केंद्रित किया। इसमें पीएम 2.5 अहम है और यह वैसा पार्टिकुलेट मैटर होता है, जिसका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर से कम होता है । ये कण इतने छोटे होते हैं कि फेफड़ों में फंस सकते हैं और रक्तप्रवाह तक में प्रवेश कर सकते हैं। शोधार्थियों की टीम ने पाया कि जहां पीएम 2.5 का वार्षिक औसत स्तर 25 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर (एमजी/ मीटर ) या उससे अधिक था, वहां व्यायाम के स्वास्थ्य लाभों में महत्वपूर्ण कमी आई। दुनिया की लगभग आधी (46%) जनसंख्या ऐसे क्षेत्रों में रहती है, जो प्रदूषण की सीमा को पार करते हैं।
प्रदूषण घटा रहा है आपकी मेहनत का असर
अध्ययन के सह-लेखक यूसीएल के व्यवहार विज्ञान और स्वास्थ्य विभाग के प्रोफेसर एंड्रयू स्टेप्टो के मुताबिक, हमारा अध्ययन दर्शाता है कि जहरीली हवा कुछ हद तक व्यायाम के फायदों को रोक सकती है, यद्यपि ऐसा नहीं है कि वैसी स्थिति में व्यायाम का बिलकुल ही लाभ नहीं मिलता है। ये निष्कर्ष पार्टिकुलेट मैटर से होने वाले प्रदूषण के स्वास्थ्य पर होने पड़ने वाले नुकसान का एक और प्रमाण है।
अध्ययन के लिए, शोध टीम ने सात मौजूदा अध्ययनों के डाटा का विश्लेषण किया । पाया गया कि जो लोग सप्ताह में कम से कम दो और आधे घंटे का मध्यम या तीव्र व्यायाम करते थे, उनका अध्ययन अवधि के दौरान मरने का जोखिम उन लोगों की तुलना में 30%- कम था, जो इस व्यायाम सीमा को पूरा नहीं करते थे। हालांकि, यदि इस बहुत सक्रिय समूह के लोग अत्यधिक पार्टिकुलेट मैटर के प्रदूषण (25 एमजी / मीटर से अधिक) वाले क्षेत्र में रहते थे तो इस जोखिम में कमी आधी होकर 12-15 प्रतिशत रह गई।
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