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    डार्क चॉकलेट में छिपा है 'लंबी उम्र का राज', लेकिन क्या यह वाकई हेल्दी है?

    Updated: Mon, 29 Dec 2025 12:13 PM (GMT+05:30)

    एक नई रिसर्च के अनुसार, डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate) में पाया जाने वाला प्राकृतिक तत्व थियोब्रोमाइन शरीर की बायोलॉजिकल एज को प्रभावित कर सकता है। किं ...और पढ़ें

    कैसे बायोलॉजिकल एज कम कर सकती है डार्क चॉकलेट? (Picture Courtesy: Freepik)

    कैसे बायोलॉजिकल एज कम कर सकती है डार्क चॉकलेट? (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमाइन पाया जाता है

    2. थियोब्रोमाइन बायोलॉजिक एज को कम करने में मदद करता है

    3. यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करता है और सूजन से बचाता है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। डार्क चॉकलेट सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी वजहों (Dark Chocolate Health Benefits) से भी चर्चा में रहती है। अब एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि डार्क चॉकलेट में पाया जाने वाला प्राकृतिक तत्व थियोब्रोमाइन शरीर की बायोलॉजिकल एज को प्रभावित कर सकता है। 

    जी हां, वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन लोगों के शरीर में थियोब्रोमाइन का स्तर ज्यादा पाया गया, उनकी बायोलॉजिकल एज उनकी असली उम्र से कम नजर आई। लेकिन क्या इसका यह मतलब है कि डार्क चॉकलेट एक हेल्दी फूड है (Is Dark Chocolate Healthy?) और इसे ज्यादा मात्रा में खाया जा सकता है? आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं। 

    क्या कहती है रिसर्च?

    यह रिसर्च यूके के किंग्स कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने की है। रिसर्च के तहत 1600 से ज्यादा लोगों के डाटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें 509 महिलाएं थीं। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों के खून में थियोब्रोमाइन के स्तर और उनकी बायोलॉजिकल उम्र के बीच संबंध को समझने की कोशिश की।

    क्या होती है बायोलॉजिकल एज?

    इस रिसर्च के बारे में जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि बायोलॉजिकल एज होती क्या है। अक्सर हम उम्र को सालों में मापते हैं, लेकिन बायोलॉजिकल एज इससे अलग होती है। यह बताती है कि शरीर अंदर से कितना स्वस्थ है और उसके अंग कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं। 

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    इसका पता डीएनए में होने वाले कुछ केमिकल बदलावों, जिन्हें डीएनए मेथिलेशन कहा जाता है, के आधार पर किया जाता है। ये बदलाव उम्र बढ़ने की प्रक्रिया और शरीर की सेहत दोनों के संकेत देते हैं। कई बार किसी व्यक्ति की बायोलॉजिकल एज उसकी वास्तविक उम्र से कम या ज्यादा हो सकती है।

    बायोलॉजिक एज और थियोब्रोमाइन का कनेक्शन

    थियोब्रोमाइन एक तरह का नेचुरल अल्कलॉइड है, जो कोको में पाया जाता है। 100 ग्राम डार्क चॉकलेट में लगभग 200 से 450 मिलीग्राम थियोब्रोमाइन मौजूद होता है। यह तत्व शरीर में सेल्स की सुरक्षा करने, सूजन कम करने और ब्लड फ्लो बेहतर बनाने में मदद करता है। 

    वैज्ञानिकों के अनुसार, थियोब्रोमाइन टेलोमेयर को जल्दी छोटा होने से रोक सकता है। टेलोमेयर क्रोमोसोम के सिरे होते हैं, जो उम्र के साथ छोटे होते जाते हैं। इनके छोटे होने को उम्र बढ़ने और कई बीमारियों से जोड़ा जाता है।

    Dark Chocolate  (1)

    (AI Generated Image)

    उम्र की जांच के दो तरीके

    इस रिसर्च में बायोलॉजिकल एज जानने के लिए दो तरीकों का इस्तेमाल किया गया। पहला, डीएनए में होने वाले केमिकल बदलावों की स्टडी, जिससे यह पता चलता है कि शरीर कितनी तेजी से बूढ़ा हो रहा है। दूसरा तरीका टेलोमेयर की लंबाई को मापना था। जिन लोगों में थियोब्रोमाइन का स्तर ज्यादा था, उनके टेलोमेयर लंबे पाए गए।

    क्या डार्क चॉकलेट हेल्दी फूड है?

    इसका मतलब यह नहीं कि ज्यादा डार्क चॉकलेट खाना शुरू कर दिया जाए। डार्क चॉकलेट को भले ही बायोलॉजिकल एज को कम करने से जोड़कर दखा जा रहा है, लेकिन इसे ट्रीट ही समझें, हेल्दी फूड नहीं। इसमें मौजूद एक्स्ट्रा शुगर और फैट इसके फायदे कम कर सकते हैं। इसलिए उम्र लंबी करने के लिए ज्यादा मात्रा में डार्क चॉकलेट खाना गलत है। इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।