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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दीवाली के बाद बच्चों और बुजुर्गों के लिए मुसीबत बन जाती है Delhi-NCR की हवा, बचाव के लिए अपनाएं 5 टिप्स

    Updated: Fri, 01 Nov 2024 06:54 AM (IST)

    दीवाली की रोशनी के बाद Delhi-NCR प्रदूषण की चादर ओढ़ लेता है। इस जहरीली हवा के कारण गले में खराश खांसी सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस् ...और पढ़ें

    दीवाली के बाद प्रदूषण से बच्चों और बुजुर्गों को कैसे रखें सुरक्षित? (Image Source: Meta AI)
    दीवाली के बाद प्रदूषण से बच्चों और बुजुर्गों को कैसे रखें सुरक्षित? (Image Source: Meta AI)

    HighLights

    1. दीवाली के बाद कई राज्यों में प्रदूषण की समस्या विकराल हो जाती है।
    2. ऐसे में बच्चे और बुजुर्गों का ख्याल रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है।
    3. कुछ खास टिप्स की मदद से बच्चों और बुजुर्गों को राहत मिल सकती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली के मौके पर जलाए जाने वाले पटाखे पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा बन जाते हैं। पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा को प्रदूषित करता है और वायु प्रदूषण का स्तर बहुत तेजी से बढ़ जाता है। दिवाली के बाद हर साल देश के कई शहरों में प्रदूषण (Delhi Air Pollution) खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है।

    इस बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं- जैसे कि, गले में खराश, खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और एलर्जी आदि। खासतौर पर, जिन लोगों को पहले से ही सांस से संबंधित कोई बीमारी है, उन्हें प्रदूषण के कारण और भी ज्यादा परेशानी होती है।

    बच्चों और बुजुर्गों की इम्युनिटी कमजोर होती है, इसलिए वे प्रदूषण (Diwali Pollution) के साइड इफेक्ट्स के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। प्रदूषण उनकी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इसलिए, दीवाली के बाद बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी है। यही वजह है कि इस आर्टिकल में हम आपके लिए इससे जुड़े कुछ कारगर टिप्स लेकर आए हैं, जो इस समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।

    खूब पानी पिएं

    प्रदूषण हमारे शरीर में जहर घोल देता है। बच्चों और बुजुर्गों को इससे बचाने के लिए हमें उन्हें खूब पानी पिलाना चाहिए। पानी शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। उन्हें रोजाना 5-6 गिलास पानी, नारियल पानी और नींबू पानी जरूर पिलाएं। ये डिटॉक्स ड्रिंक्स न सिर्फ उन्हें हाइड्रेट रखेंगे बल्कि उनके इम्यून सिस्टम को भी मजबूती देने का काम करेंगे। छोटे बच्चों को मां का दूध पिलाएं क्योंकि इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

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    डाइट का ख्याल

    दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ने से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में, उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है, जिसके कारण वे जल्दी बीमारियों से घिर जाते हैं। इसलिए, हमें उनकी डाइट में विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां जैसे संतरा, नींबू, पालक और आंवला शामिल करना चाहिए। साथ ही, शहद, हल्दी और तुलसी भी उनकी सेहत के लिए फायदेमंद रहती है।

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    मास्क जरूर पहनें

    दीवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा को बहुत प्रदूषित कर देता है। ये प्रदूषण हमारे शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। इसलिए, खासतौर से इन लोगों को दिवाली के बाद मास्क जरूर पहनना चाहिए। मास्क प्रदूषण के कणों को हमारे फेफड़ों में जाने से रोकते हैं और हमें इन्फेक्शम से भी बचाते हैं।

    एयर प्यूरीफायर

    दीवाली के बाद बढ़ते प्रदूषण से बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। उनके कमरे में एयर प्यूरीफायर लगाकर हम घर के अंदर की हवा को साफ रख सकते हैं। इससे उन्हें प्रदूषण से होने वाली सांस की समस्याओं से बचाया जा सकता है। जब वे घर से बाहर निकलें तो उन्हें चश्मा लगाना चाहिए ताकि उनकी आंखों में धूल और प्रदूषण के कण न जाएं।

    बाहर जानें से बचें

    दीवाली के बाद पटाखों के धुएं से हवा में प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इस प्रदूषण से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए, उन्हें कुछ दिनों के लिए घर के अंदर ही रहना चाहिए। छोटे बच्चों की सांस की नली बहुत नाजुक होती है, इसलिए उन्हें बाहर बिल्कुल नहीं ले जाना चाहिए। बीमार बुजुर्गों को भी प्रदूषण से बचाने के लिए घर पर ही रखना चाहिए।

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    Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।