डॉक्टर ने बताए शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने पर सबसे पहले कौन से लक्षण दिखते हैं, आप भी कर लें नोट
हमारा शरीर एक तरह की मशीन है, जिसे काम करने के लिए ईंधन चाहिए होती है। यह ईंधन हमें खाने से मिलने वाले पोषक तत्वों में होता है। हालांकि, कई बार शरीर म ...और पढ़ें
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कहीं आपके शरीर में भी तो नहीं है पोषण की कमी? (Picture Courtesy: Freepik)
HighLights
शरीर में पोषण की कमी के कारण कई परेशानियां हो सकती हैं
विटामिन और मिनरल्स शरीर में कई जरूरी फंक्शन में अहम योगदान निभाते हैं
शरीर में पोषण की कमी होने पर शरीर कुछ संकेत देता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए सही पोषण की जरूरत होती है। इसके बिना बॉडी ठीक से काम नहीं कर सकती। इसलिए जब शरीर में कोई जरूरी विटामिन या मिनरल कम होने लगता है, तो हमारी बॉडी कुछ संकेत (Early Signs of Nutrient Deficiency) देकर हमें चेतावनी देना शुरू कर देती है।
इन शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है, ताकि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सके। हालांकि, अक्सर लोगों को इन लक्षणों (Symptoms of Nutrient Deficiency) के बारे में पता नहीं होता और पोषण की कमी का पता काफी देर से लगता है। आइए इन लक्षणों के बारे में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी से जानते हैं।
विटामिन-डी की कमी
विटामिन-डी को "सनशाइन विटामिन" कहा जाता है, और यह हमारे मूड और एनर्जी के लेवल के लिए बेहद जरूरी है। हालांकि, लोग मानते हैं कि इसकी कमी का पहला लक्षण हड्डियों में दर्द है, लेकिन ऐसा नहीं है। जब शरीर में इसकी कमी होने लगती है, तो सबसे पहले आप बिना किसी खास कारण के उदासी, चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन महसूस कर सकते हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि विटामिन-डी दिमाग में सेरोटोनिन हार्मोन बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
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मैग्नीशियम की कमी
आमतौर पर मानते हैं कि मैग्नीशियम की कमी का सबसे पहला लक्षण मसल क्रैम्प है। लेकिन ऐसा नहीं है। इसका सबसे पहला लक्षण है-नींद न आना या एंग्जायटी। मैग्नीशियम की कमी का सीधा असर हमारी नींद और मानसिक शांति पर पड़ता है। अगर आपको बिना किसी कारण एंग्जायटी महसूस हो रही है या नींद न आने की समस्या हो रही है, तो यह मैग्नीशियम की कमी का अहम संकेत हो सकता है।
विटामिन-बी12 की कमी
विटामिन-बी12 की कमी के सबसे पहले और सामान्य लक्षणों में ज्यादा थकान और कमजोरी शामिल है, क्योंकि शरीर में ऑक्सीजन ठीक से ट्रांसपोर्ट नहीं हो पाता। साथ ही, हाथों-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होना नर्व्स को हो रहे नुकसान का संकेत है।
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पोटेशियम की कमी
पोटेशियम एक इलेक्ट्रोलाइट है, जो दिल की धड़कन को नियंत्रित करने, मांसपेशियों के कॉन्ट्रेक्शन और नर्व सिग्नल भेजने में अहम भूमिका निभाता है। जब पोटेशियम का स्तर गिरने लगता है, तो इसका सीधा असर हमारे दिल पर पड़ता है। हार्ट पैल्पिटेशन, यानी दिल का तेजी से धड़कना, हार्ट बीट स्किप या धड़कन का अनियमित होना इसकी कमी का एक चेतावनी भरा संकेत है।
ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी
ओमेगा-3 फैटी एसिड, खासतौर से दिमाग के विकास और फंक्शन के लिए जरूरी है। ओमेगा-3 की कमी होने पर फोकस करने में मुश्किल, याददाश्त में कमी और मन का चिड़चिड़ा होना जैसे लक्षण सबसे पहले दिखाई देते हैं।