35 के बाद हो सकती हैं कई परेशानियां! एक्सपर्ट ने बताए 7 टेस्ट जो हर महिला के लिए हैं जरूरी
35 की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए। डॉ. मन्नान गुप्ता ने इस उम्र के बाद जरूरी 7 स्वास्थ्य परीक्षणों की जानकारी दी है। इन ...और पढ़ें

35 के बाद महिलाओं के लिए 7 जरूरी स्वास्थ्य जांचें (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। घर-परिवार की जिम्मेदारी और अक्सर ऑफिस की भागदौड़ के चलते महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाती हैं। हालांकि, 35 की उम्र के बाद सेहत को लेकर की गई यह अनदेखी भारी पड़ सकती है।
35 की उम्र पार करते ही महिलाओं को सेहत को लेकर अलर्ट होने की सख्त जरूरत है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, 35 से 40 साल की उम्र के बाद शरीर में कई बड़े बदलाव होते हैं। ऐसे में डॉ. मन्नान गुप्ता (एलेंटिस हेल्थकेयर, नई दिल्ली में ऑब्टेट्रिक्स और गाइनेकोलॉजी के चेयरमैन और एचओडी) ने बताया 35 पार करते ही महिलाओं को कौन-कौन से टेस्ट कराने चाहिए।
हार्मोनल बैलेंस टेस्ट
महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स का लेवल बिगड़ना बेहद आम है। इस असंतुलन की वजह से महिलाओं को कई समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए 35 की उम्र पार करते ही यह टेस्ट कराना चाहिए।
इस टेस्ट (एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और FSH) से पता चलता है कि आपके पीरियड्स का रूटीन कैसा है, फर्टिलिटी कैसी है और कहीं शरीर मेनोपॉज (Menopause) की तरफ तो नहीं बढ़ रहा। यह टेस्ट आपके मूड स्विंग्स का भी राज खोल सकता ।
थायरॉइड पैनल
थायरॉइड इन दिनों एक आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में अगर आपको भी अपने अंदर अचानक वजन में बदलाव, हर समय थकान जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं, तो T3, T4 और TSH टेस्ट कराना चाहिए। यह टेस्ट आपके थायरॉइड की जांच करते हैं। थायरॉइड का सही काम करना आपकी एनर्जी, वजन और मेटाबॉलिज्म के लिए बेहद जरूरी है।
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लिपिड प्रोफाइल
बढ़ती उम्र के साथ दिल की सेहत का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है। ऐसे में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट काफी मददगार साबित होता है। यह टेस्ट शरीर में 'गुड' और 'बैड' कोलेस्ट्रॉल (HDL, LDL और ट्राइग्लिसराइड्स) को मापता है, जिससे समय रहते दिल से जुड़ी बीमारियों का पता लगाया जा सके।
आयरन और एनीमिया पैनल
महिलाओं में अक्सर आयरन की कमी देखने को मिलती है, जो कई बार एनीमिया का कारण भी बनता है। पूरे दिन सुस्ती, कमजोरी महसूस होना या काम में ध्यान न लगना, इसी कमी के संकेत है। ऐसे में आयरन और एनीमिया पैनल टेस्ट बेहद जरूरी हो जाता है। हीमोग्लोबिन और आयरन का स्तर चेक करके यह टेस्ट खून की कमी (एनीमिया) को पकड़ता है।
सी-रिएक्टिव प्रोटीन टेस्ट
कई बार शरीर के अंदरूनी हिस्सों में सूजन होती है, जो बाहर से नजर नहीं आती। ऐसे में CRP (सी-रिएक्टिव प्रोटीन) टेस्ट शरीर के अंदर चल रही इसी गड़बड़ी की पहचान करता है, जो आगे चलकर जोड़ों के दर्द यानी गठिया या दिल की बीमारियों का कारण बन सकती है।
विटामिन और कैल्शियम के लिए टेस्ट
महिलाओं में 35 के बाद हड्डियां कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विटामिन डी, बी12 और कैल्शियम का टेस्ट यह पक्का करता है कि आपकी हड्डियां मजबूत रहें, इम्युनिटी शानदार रहे और शरीर की बैटरी हमेशा चार्ज रहे।
लिवर फंक्शन टेस्ट
लिवर आपके शरीर का 'नेचुरल फिल्टर' है, जो सारी गंदगी को बाहर निकालता है। ऐसे में लिवर फंक्शन टेस्ट यह बताता है कि आपका लिवर कितना हेल्दी है और आपके शरीर की सफाई ठीक से कर रहा है या नहीं।