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    10 साल के बच्चे भी फैटी लिवर के शिकार, 'साइलेंट किलर' को बढ़ावा दे रहे मोबाइल और जंक फूड

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 08:10 PM (IST)

    जमशेदपुर में 10-14 साल के बच्चों में फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो पहले वयस्कों में आम था। डॉक्टरों के अनुसार, इसका मुख्य कारण बच्चों की ...और पढ़ें

    बच्चों में बढ़ रही फैटी लिवर की समस्या। (जागरण)

    बच्चों में बढ़ रही फैटी लिवर की समस्या। (जागरण)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। अब फैटी लिवर जैसी बीमारी छोटे बच्चों तक पहुंच चुकी है। जो बीमारी पहले 30 से 50 साल के लोगों में देखी जाती थी, अब 10 से 14 साल के बच्चों में भी सामने आ रही है।

    महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल और निजी क्लीनिकों में ऐसे मामले आ रहे हैं। शिशु रोग एक्सपर्ट डॉ. केके चौधरी ने बताया कि इसका सबसे बड़ा कारण बच्चों की बदलती लाइफस्टाइल है।

    अभिभावकों की लापरवाही भी कहीं न कहीं जिम्मेदार मानी जा रही है। आजकल बच्चे टीवी या मोबाइल देखते हुए खाना खाते हैं। बर्गर, पिज्जा, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक उनकी आदत बन चुके हैं।

    साथ ही खेलकूद से दूरी और घंटों मोबाइल चलाना उनकी सेहत बिगाड़ रहा है। डाक्टर बताते हैं कि फ्रिज में रखे खाने को बार-बार गर्म करके खाने से पोषण खत्म हो जाता है, जिससे शरीर को जरूरी तत्व नहीं मिल पाते और लिवर पर असर पड़ता है।

    केस स्टडी : बच्चों की बिगड़ती सेहत

    • 10 साल नवीन लगातार जंक फूड खाने की वजह से फैटी लिवर का शिकार हो गया। पेट दर्द और भूख कम होने पर जांच में बीमारी सामने आई।
    • 14 साल का रोहित दिन में अधिकांश समय मोबाइल गेम खेलता था और कोल्ड ड्रिंक पीता था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
    • 12 साल के चहल को गैस समझकर इलाज किया जा रहा था, लेकिन जांच में फैटी लिवर निकला।
    • 13 साल के योगेंद्र रोज चिप्स और पिज्जा खाता था, जिसके कारण उसे पेट दर्द रहने लगा और रिपोर्ट में फैटी लिवर की पुष्टि हुई।

    आगे चलकर हो सकती हैं गंभीर बीमारियां

    fatty liver news (1)

    डॉ. केके चौधरी, शिशु रोग विशेषज्ञ।

    अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों में आगे चलकर मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाती है, इसलिए शुरुआत में ही सावधानी जरूरी है।

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    ग्रामीण इलाकों में स्थिति बेहतर

    ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे अभी भी घर का बना ताजा खाना खाते हैं और ज्यादा सक्रिय रहते हैं। यही वजह है कि वहां फैटी लिवर के मामले शहरों की तुलना में कम देखने को मिल रहे हैं।

    अभिभावक तुरंत करें ये बदलाव

    बच्चों की डाइट से जंक फूड और पैक्ड जूस तुरंत हटाएं। उनकी थाली में ताजे फल, सब्जियां, दाल और साबुत अनाज शामिल करें। बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करें और रोजाना कम से कम एक घंटा खेलकूद या व्यायाम कराएं। पर्याप्त नींद भी जरूरी है, ताकि शरीर स्वस्थ बना रहे।

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    अभिभावक बच्चों की खानपान आदतों पर ध्यान दें। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और कम स्क्रीन टाइम ही बच्चों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रख सकता है।

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    डॉ. केके चौधरी, शिशु रोग विशेषज्ञ

    बच्चों में फैटी लिवर तेजी से बढ़ रहा है, जिसका मुख्य कारण जंक फूड और मोबाइल की लत है। समय रहते दिनचर्या सुधारना बेहद जरूरी है, वरना समस्या बढ़ सकती है।

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    डॉ. अजय मिश्रा, शिशु रोग विशेषज्ञ