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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सिर्फ बुखार ही नहीं, कैंसर को भी मात देगा गिलोय, जानिए क्या है रिसर्च में सामने आया नया दावा

    Updated: Wed, 05 Mar 2025 12:27 PM (IST)

    गिलोय (Giloy Benefits) अपने औषधीय गुणों की वजह से दुनियाभर में जाना जाता है। खासकर कोरोनाकाल के बाद से यह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो चुका है। इसके ...और पढ़ें

    कैंसर का इलाज करेगा गिलोय (Picture Credit- Freepik)
    कैंसर का इलाज करेगा गिलोय (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. गिलोय पोषक तत्वों से भरपूर एक चमत्कारी औषधी है।
    2. यह सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाता है।
    3. हाल ही में पता चला है कि यह कैंसर के इलाज में भी मददगार है।

    नीलू रंजन, नई दिल्ली। गिलोय अपने औषधीय गुणों के कारण पूरी दुनिया में जाना जाता है। पिछले कुछ समय से लोगों के बीच इसकी लोकप्रियता काफी बढ़ चुकी है। कोरोना काल में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अपने गुणों के कारण चर्चा में आया गिलोय कैंसर के इलाज में भी मददगार साबित हो सकता है।

    कैंसर के इलाज में मददगार गिलोय

    गिलोय के औषधीय गुणों को लेकर दुनिया भर में हो रहे रिसर्च में यह सामने आया है। इसके साथ गिलोय के औषधीय गुणों के लेकर पूरी दुनिया में रिसर्च की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अकेले 2024 में गिलोय पर हुए रिसर्च के 913 पेपर विभिन्न जर्नल में प्रकाशित किये गए, जो 2014 में हुए रिसर्च की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है। पबमेड में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार गिलोय कैंसर के मरीजों के इलाज कारगर है। सिर्फ गिलोय से भले ही कैंसर का इलाज संभव नहीं है, लेकिन इसके इस्तेमाल से कैंसर के इलाज में लगने वाली दवाओं व अन्य थरेपी को ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित बनाने का काम करता है।

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    कहां हुई रिसर्च

    यह रिसर्च गुजरात विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल साइंसेस में किया गया। इसके अलावा मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर में हुए एक अन्य रिसर्च में स्तन के सूजन से जुड़ी एक बीमारी आइडियोपैथिक ग्रैनुलोमटस मासटिटिस (आईजीएम) की बीमारी के इलाज में भी कारगर है। रिसर्च के अुनसार गिलोय से तैयार दवा का आईजीएम के इलाज में सस्ता और कारगर विकल्प है, जिसमें स्टेरॉइड लेने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। यह दवा सर्जरी की जरूरत को भी कम करती है।

    दरअसल, पबमेड दुनिया भर में हो रहे बायोमेडिकल रिसर्च का डाटाबेस है, जिसे अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी आफ मेडिकल संचालित करता है। इस पबमेड में 2024 में गिलोय को लेकर पूरी दुनिया में हुए 913 रिसर्च पेपर प्रकाशित हैं। 2014 में गिलोय को लेकर 243 रिसर्च प्रकाशित हुए थे। गिलोय को रिसर्च में तेज उछाल कोरोना काल में देखने को मिला। 2020 में गिलोय पर कुल 496 रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए थे, जो अगले साल 2022 में बढ़कर 722 हो गए।

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    गिलोय के अन्य फायदे

    • गिलोय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है, जो सेल्स को डैमेज से बचाने और प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को बढ़ाने में मदद करता है।
    • गिलोय में ज्वरनाशक गुण होते हैं, जिसका मतलब है कि यह बुखार को कम करने में मदद कर सकता है।
    • गिलोय इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार और ब्लड शुगर के लेवल को मैनेज करने में मदद कर सकता है, जिससे यह डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए संभावित रूप से फायदेमंद हो सकता है।
    • गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
    • इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में खून को साफ करने और विभिन्न त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने में किया जाता है।
    • गिलोय को एडाप्टोजेन माना जाता है, जिसका मतलब है कि यह शरीर को तनाव को मैनेज करने में मदद कर सकता है।

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