यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खुशबूदार पैड्स हैं खतरे की घंटी! पीरियड में इनका इस्तेमाल दे सकता है 5 बड़ी दिक्कतें
वजाइना में प्राकृतिक रूप से बैक्टीरिया का संतुलन होता है, जो इसे साफ रखता है। सुगंधित पैड्स और टेम्पोन इस ...और पढ़ें

पीरियड में खुशबूदार पैड्स: क्या ये सुरक्षित हैं? (Picture Credit -Freepik)
HighLights
खुशबूदार पैड्स से इन्फेक्शन का खतरा
केमिकल फ्री प्रोडक्ट का चुनाव करें
मेंस्ट्रुअल कप बेहतर विकल्प
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। वजाइना में कॉम्प्लैक्स बैक्टीरिया संतुलित रूप में होते हैं जिसकी वजह से यह सेंसिटिव एरिया प्राकृतिक तरीके से अपने आप क्लीन हो जाता है। ऐसे में पीरियड या माहवारी के दौरान अलग से सुगंधित पैड्स या टेम्पॉन की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि इससे सेहत को नुकसान ही पहुंचता है। आखिर ऐसे प्रोडक्ट्स के क्या साइड इफेक्ट्स होते हैं, इसके क्या ऑप्शन और बचाव के तरीके हैं, आइए जानते हैं।
ये होते हैं खुशबूदार प्रोडक्ट्स के साइड इफेक्ट्स
इसका प्रभाव वजाइना में मौजूद गुड बैक्टीरिया की मौजूदगी पर पड़ता है और बैड बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाती है। वजाइना में मौजूद लेक्टोबेसिलस नामक गुड बैक्टीरिया महिलाओं को इन्फेक्शन और बीमारी पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों से बचाता है। इनमें असंतुलन पैदा होने से इस प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं:
- खुजली
- इन्फेक्शन
- एलर्जिक रिएक्शन या दाने
- पीएच बैलेंस में गड़बड़ी
इस तरह चुनें अपने लिए सही प्रोडक्ट
- केमिकल से बचें: मेंस्ट्र्अल प्रोडक्ट लेने से पहले उसके लेबल को जरूर पढ़ें। एडेड प्रेगरेंस, क्लोरीन और टिटेनियम डायऑक्साइड वाले प्रोडक्ट लेने से बचें।
- टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम: ऐसा टेम्पॉन चुनें, जिसकी एब्जॉर्ब करने की क्षमता कम हो, यानी सबसे छोटे आकार का टेम्पॉन लें। यह सुपर प्लस साइज का ना हो। इससे आपको टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम होने का खतरा नहीं होगा।
- बेहतर विकल्प देखें: सुरक्षित और हैप्पी पीरियड के लिए मेंस्ट्रुल कप या पीरियड अंडरवियर जैसे प्रोडक्ट देख सकते हैं। ये टेम्पॉन और पैड्स से ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इससे आपकी बचत भी होगी और सुरक्षा भी।
सिर्फ हर्बल होना ही काफी नहीं है
कई बार सिर्फ हर्बल का टैग देखकर ही हम प्रोडक्ट खरीद लेते हैं और बाकी चीजों पर ध्यान नहीं देते। ऐसा ही कुछ पीरियड में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स को खरीदने के दौरान भी होता है। इस तरह के पैड्स के साथ भी इन्फेक्शन या एलर्जिक रिएक्शन का खतरा हो सकता है। इनमें ज्यादातर एलोवेरा, मिंट या लेवेंडर ऑयल जैसी चीजों का इस्तेमाल होता है जोकि सेंसिटिव हिस्से में इस्तेमाल होने से परेशानी पैदा कर सकते हैं।
ऐसा करना खतरनाक हो सकता है
भले ही आप ऑर्गेनिक वैराइटी वाले मेंस्ट्रुल प्रोडक्ट इस्तेमाल कर रही हैं लेकिन थोड़े-थोड़े अंतराल पर इन्हें भी बदलते रहना जरूरी है। अगर आप ऐसा नहीं करती हैं तो स्किन पर रैशेज, यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन या फिर यीस्ट इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। पीरियड के दौरान आपका फ्लो सामान्य या फिर हल्का है तो हर छह घंटे पर अपने पैड बदलें और ज्यादा हैवी होने इससे कम समय में।
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