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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अगर आप भी Plastic के टिफिन में पैक करते हैं गर्म खाना, तो डॉक्टर से जान लें इसके गंभीर नुकसान

    Updated: Fri, 19 Jul 2024 02:53 PM (IST)

    प्लास्टिक (Plastic) हमारी रसोई का बेहद अहम हिस्सा बन चुका है। डिब्बों से लेकर बरतन तक प्लास्टिक की कई चीजों का इस्तेमाल किचन में होता है। ऐसे में अगर ...और पढ़ें

    Plastic में गर्म खाना खाने से सेहत को चुकाना पड़ सकता है जुर्माना (Picture Courtesy: Freepik)
    Plastic में गर्म खाना खाने से सेहत को चुकाना पड़ सकता है जुर्माना (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. प्लास्टिक (Plastic) के बरतन में खाना गर्म करने से खाने के जरिए हानिकारक केमिकल शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
    2. इसके कारण कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
    3. प्लास्टिक के बरतन में गर्म खाना रखना भी उतना ही हानिकारक होता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Harms of Heating Food in Plastic Container: प्लास्टिक के बरतन सस्ते और आसानी से मिलने की वजह से हमारी रसोई का बेहद अहम हिस्सा बन चुके हैं। कई बार हम खाना गर्म करने के लिए भी प्लास्टिक के बरतन का इस्तेमाल करते हैं या गर्म खाने को प्लास्टिक के बरतन में सर्व कर देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना आपकी सेहत के लिए कितना नुकसानदेह हो सकता है।

    प्लास्टिक (Plastic) के बिल्कुल छोटे-छोटे कण आपके खाने के जरिए आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और इससे आपकी सेहत को काफी गंभीर नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। इन्हीं परेशानियों के बारे में जानने के लिए हमने डॉ. एम्. के. सिंह (एच ओ डी - डिपार्टमेंट - इंटरनल मेडिसिन , मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल गुरुग्राम) से बात की। आइए जानें उन्होंने इस बारे में क्या जानकारी दी।

    डॉ. सिंह ने बताया कि जब हम खाने को प्लास्टिक के बरतन में गर्म करते हैं या उसमें गर्म खाना रखते हैं, तब उस बरतन में से कुछ हानिकारक केमिकल निकलते हैं और वे खाने के साथ मिल जाते है। प्लास्टिक को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल्स में बाइस्फीनोल और थैलेट्स सबसे अधिक नुकसानदेह केमिकल्स हैं, जो आपके शरीर में प्रवेश करके, आपकी हालत खसता कर सकते हैं।

    कैसे हानिकारक हैं ये केमिकल्स?

    बाइस्फीनोल

    बाइस्फीनोल (BPA) कई प्लास्टिक की चीजों के बनाने के लिए इस्तेमाल में लिए जाते हैं। जब आप इन्हें माइक्रोवेव में गर्म करते हैं, तब BPA आपके खाने पर चिपक जाते हैं। इनके कण काफी छोटे होते हैं, जिस वजह से ये आंखों से नजर नहीं आते, लेकिन खाने के जरिए वे आपके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। BPA की वजह से आपके शरीर के हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं, जिसके कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इनके कारण ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, दिल की बीमारियां और डायबिटीज जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

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    थाइलेट्स

    थाइलेट्स का इस्तेमाल प्लास्टिक को फ्लेक्सीबल बनाने के लिए किया जाता है और जब इनमें खाना गर्म किया जाता है, तब ये खाने के साथ मिल जाते हैं। इसकी वजह से भी हार्मोनल असंतुलन की समस्या हो जाती है, जिससे रिप्रोडक्टिव हेल्थ प्रभावित हो जाती है। इसके कारण इनफर्टिलिटी, जन्म के समय बच्चे में कोई विकार या अन्य रिप्रोडक्टिव समस्याएं भी हो सकती हैं।

    अन्य हानिकारक केमिकल्स

    प्लास्टिक के बरतनों में अन्य हानिकारक केमिकल भी होते हैं, जो गर्म करने पर रिलीज होते हैं। ये केमिकल शरीर में इकट्ठा हो जाते हैं और कई शारीरिक समस्याओं की वजह बन सकते हैं।

    प्लास्टिक से होने वाली स्वास्थ्य परेशानियां

    कैंसर- BPA और अन्य हानिकारक केमिकल्स की वजह से कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। इन कैंसर में ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर सबसे आम हैं।

    हार्मोनल समस्याएं- इनकी वजह से हार्मोन्स में असंतुलन हो जाता है, जिसके कारण थायरॉइड डिसऑर्डर, डायबिटीज और अन्य मेटाबॉलिक समस्याएं हो सकती हैं।

    रिप्रोडक्टिव समस्याएं- थैलेट्स जैसे केमिकल्स की वजह से फर्टिलिटी कम होने का खतरा रहता है। साथ ही, डिलिवरी के समय बच्चे में किसी प्रकार के विकार होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

    दिल की बीमारियां- BPA दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ा देता है। ऐसा कुछ स्टडीज में भी पाया गया है कि BPA की वजह से दिल को काफी नुकसान होता है।

    लिवर और किडनी डैमेज- इन हानिकारक केमिकल्स की वजह से लिवर और किडनी के काम करने पर प्रभाव पड़ता है। इसकी वजह से वे ठीक से फंक्शन नहीं कर पाते और लिवर या किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।

    न्यूरोलॉजिकल समस्याएं- लंबे समय तक अगर ये केमिकल शरीर में इकट्ठा होते रहें, तो इससे दिमाग से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जिसकी वजह से याददाश्त कमजोर होना, एकाग्रता में कमी आदि जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    डॉ. सिंह बताते हैं कि इन खतरों से अपना बचाव करने के लिए खाने को प्लास्टिक के बरतन में गर्म करने के बदले कांच, सेरेमिक्स या स्टील के बरतनों का इस्तेमाल करें। इन बरतनों से खाने में कोई हानिकारक केमिकल नहीं आता और आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। साथ ही, गर्म खाने को भी प्लास्टिक के बरतनों में न रखें।

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