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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Diwali Safety Tips: दिवाली पर अपनी आंख और कान का रखें खास ख्याल, पटाखे जलाते समय न करें ये गलतियां

    By Priyanka SinghEdited By: Priyanka Singh
    Updated: Sun, 12 Nov 2023 05:31 PM (GMT+05:30)

    Diwali Safety Tips दिवाली को लेकर लोगों में एक अलग ही उमंग और उत्साह रहता है तो अगर आप दिवाली के बाद भी इसे बरकरार रखना चाहते हैं तो बेहद जरूरी है रौश ...और पढ़ें

    Diwali Safety Tips: पटाखे जलाते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां
    Diwali Safety Tips: पटाखे जलाते समय बरतें ये जरूरी सावधानियां

    HighLights

    1. दिवाली पर अपनी आंखों और कानों का रखें ख्याल।
    2. दिवाली के दौरान हादसे से बचने के लिए फॉलो करें ये सेफ्टी टिप्स।
    3. पटाखे छुड़ाते समय बच्चों का रखें खास ध्यान।

    नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Diwali Safety Tips: खुशियों का सबसे बड़ा त्योहार दिवाली आज देशभर में मनाया जा रहा है। आज के दिन घरों में दीपक से रौशन किया जाता है। मां लक्ष्मी की पूजा-आरती की जाती है। पूजा के बाद शुरू होती है बच्चों की मौज-मस्ती, जो बिना पटाखों के अधूरी है। दोस्तों, परिवार के साथ आतिशबाजी त्योहार का मजा दोगुना कर देती है, लेकिन दिवाली के दौरान ही आंख, कान और जलने की समस्याएं सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। हल्की सी भी लापरवाही दिवाली की खुशियों में आग लगा सकती है और इसका खामियाजा आपको जिंदगीभर भुगतना पड़ सकता है। ऐसे में पटाखे जलाते वक्त कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है।

    इन दो नाजुक अंगों का रखें खास ख्याल

    आंख

    - पटाखे जलाते वक्त अगर आंखों में इसके बारूद कण चले जाएं, तो तुरंत आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें। 

    - आंखों को मलने की गलती बिल्कुल न करें। वरना प्रॉब्लम और बढ़ सकती है।

    - किसी भी तरह की समस्या हो, तो देसी नुस्खों से उसे खुद से न ठीक करने में लग जाएं।

    - तुरंत आई एक्सपर्ट के पास जाएं, जिससे वो जरूरी ट्रीटमेंट कर सकें।

    कान

    - डब्लूएचओ के अनुसार, जो लगातार 85 डेसिबल से ज्यादा शोर में रहते हैं, उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। 90 डेसिबल के शोर में रहने की लिमिट सिर्फ 8 घंटे होती है। 95 डेसिबल में 4 घंटे और 100 डेसिबल में 2 घंटे से ज्यादा देर नहीं रहना चाहिए। ऐसे पटाखे जिनसे 125 डेसिबल से ज्यादा शोर हो, उनकी आवाज से 4 मीटर की दूरी बनाकर रखें।

    बरतें ये जरूरी सावधानियां

    - पटाखे जलाने के लिए बच्चों को अकेला बिल्कुल नहीं छोड़ना है।

    - कोई भी पटाखे सीधे हाथ में लेकर न जलाएं।

    - पॉलिस्टर के और लूज़ कपड़े पहनकर पटाखे जलाने की गलती न करें।

    - पटाखे में लगी आग बूझ जाए, तो पटाखे को उठाएं नहीं।

    - घर के अंदर नहीं बल्कि खुली जगह में पटाखें जलाएं।

    - जहां पटाखे जला रहे हैं, वहां एक पानी की बाल्टी भी रखें।

    - पटाखे जलाने के लिए अगरबत्ती, फुलझड़ी का इस्तेमाल करें।

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    Pic credit- freepik