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    सिर्फ 'आदत' नहीं है बार-बार एक ही गलती दोहराना, दिमाग की सूजन हो सकती है इसकी असली वजह

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 09:26 AM (IST)

    एक नए शोध के अनुसार, बार-बार एक ही काम को दोहराना सिर्फ 'आदत' नहीं है, बल्कि इसके पीछे मस्तिष्क के 'स्ट्रियाटम' हिस्से में सूजन एक कारण हो सकती है। चू ...और पढ़ें

    क्यों 'ऑटोपायलट' मोड में चला जाता है हमारा मस्तिष्क? (Image Source: Freepik)

    क्यों 'ऑटोपायलट' मोड में चला जाता है हमारा मस्तिष्क? (Image Source: Freepik) 

    HighLights

    1. मस्तिष्क की सूजन बाध्यकारी व्यवहार का नया कारण हो सकती है

    2. चूहों के स्ट्रियाटम में सूजन ने सचेत निर्णय लेने को बढ़ावा दिया

    3. यह शोध बाध्यकारी आदतों को समझने का नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है

    प्रेट्र, नई दिल्ली। अक्सर हम देखते हैं कि कुछ लोग एक ही काम को बार-बार दोहराते हैं, जैसे कि बार-बार हाथ धोना या जुआ खेलना। अब तक इसे केवल एक "आदत चक्र" माना जाता था, लेकिन एक नए शोध ने इस धारणा को बदल दिया है। चूहों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि इस तरह के बाध्यकारी व्यवहार (Compulsive Behavior) के पीछे मस्तिष्क के एक विशेष हिस्से में सूजन एक बड़ा कारण हो सकती है।

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    (Image Source: Freepik) 

    क्यों मुश्किल होता है आदतों को छोड़ना?

    सिडनी विश्वविद्यालय की शोधकर्ता लारा ब्रेडफील्ड के अनुसार, ऐसे व्यवहार जिनमें लोग बुरे परिणामों को जानते हुए भी कार्यों को दोहराते हैं, अक्सर पुरानी और पक्की हो चुकी आदतों से पैदा होते हैं। यही कारण है कि लोगों के लिए इन पर काबू पाना और अपना बौद्धिक नियंत्रण वापस हासिल करना बहुत कठिन हो जाता है। वे जानते हैं कि यह गलत है, फिर भी वे इसे रोक नहीं पाते।

    'ऑटोपायलट' मोड और हमारा दिमाग

    आमतौर पर आदतें हमारे लिए उपयोगी होती हैं। ये हमारे दिमाग को "ऑटोपायलट मोड" पर काम करने की आजादी देती हैं। उदाहरण के लिए, जब हम सुबह ब्रश करते हैं या किसी जाने-पहचाने रास्ते पर गाड़ी चलाते हैं, तो हमें ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं पड़ती। हमारा दिमाग अपने आप ये काम करता रहता है।

    हालांकि, जब हम गाड़ी चला रहे हों और अचानक कोई बच्चा सामने आ जाए, तो स्थिति बदल जाती है। ऐसे में हमें तुरंत अपने आसपास की स्थिति के प्रति जागरूक होना पड़ता है। इसे बौद्धिक नियंत्रण (Cognitive Control) वापस लेना कहते हैं, जहां हम संभावित परिणामों के बारे में सोचते हैं और अपने व्यवहार को बदलते हैं।

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    (Image Source: Freepik) 

    चूहों पर हुआ अनोखा प्रयोग

    इस सिद्धांत को परखने के लिए वैज्ञानिकों ने चूहों पर एक प्रयोग किया। उन्होंने चूहों के मस्तिष्क के 'स्ट्रियाटम' नामक हिस्से में सूजन पैदा की। स्ट्रियाटम दिमाग का वह क्षेत्र है जो हमारी गतिविधियों (मोटर कंट्रोल), आदत निर्माण और प्रेरणा के लिए जिम्मेदार होता है। शोधकर्ताओं का अनुमान था कि सूजन की वजह से चूहों की आदतें और पक्की हो जाएंगी और वे बिना सोचे-समझे काम करेंगे।

    चौंकाने वाले रहे नतीजे

    इस शोध के परिणाम उम्मीद से बिल्कुल अलग निकले। शोधकर्ताओं ने पाया कि मस्तिष्क के इस हिस्से में सूजन होने पर चूहों का व्यवहार आदतों पर निर्भर होने के बजाय "जानबूझकर" और "प्रयासपूर्ण निर्णय" लेने की ओर बढ़ गया। यानी, सूजन ने उन्हें आदतों का गुलाम बनाने के बजाय, उनके व्यवहार को अधिक सचेत और निर्णयात्मक बना दिया। यह खोज बाध्यकारी व्यवहार को समझने की दिशा में एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है।

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