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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बिच्छू के जहर से होगा Breast Cancer का इलाज? ब्राजील के वैज्ञानिकों ने की चौंकाने वाली खोज

    Updated: Tue, 24 Jun 2025 02:03 PM (GMT+05:30)

    क्या बिच्छू का जहर इंसानों की जिंदगी बचा सकता है? यह पढ़ने में अजीब लग सकता है, लेकिन ब्राजील के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है जो ब्रेस्ट कैंसर के इ ...और पढ़ें

    क्या ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करेगा बिच्छू का जहर? (Image Source: Freepik)

    क्या ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करेगा बिच्छू का जहर? (Image Source: Freepik) 

    HighLights

    1. बिच्छू के जहर में पाए जाने वाले कुछ तत्व कैंसर सेल्स को निशाना बना सकते हैं।

    2. वैज्ञानिकों ने पाया है कि इससे ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में मदद मिल सकती है।

    3. ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए यह एक नई उम्मीद की किरण है। 

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा था कि एक बिच्छू का जहर जान बचाने में मदद कर सकता है? जी हां, यह सुनने में शायद अजीब लग सकता है, लेकिन ब्राजील के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज (Brazilian Scientists Cancer Research) की है जो ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में क्रांति ला सकती है। बता दें, उन्होंने बिच्छू के जहर में एक ऐसा मॉलिक्यूल पाया है (Scorpion Venom Breast Cancer Cure) जो ब्रेस्ट कैंसर सेल्स को खत्म करने में कीमोथेरेपी जितना ही प्रभावी हो सकता है।

    जहर में छिपा जीवनदायी तत्व

    साओ पाउलो यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च टीम ने इस पर गहराई से अध्ययन किया। टीम की प्रमुख प्रोफेसर एलियाने कैंडियानी अरांतेस के मुताबिक, बायोप्रॉस्पेक्टिंग (प्राकृतिक स्रोतों से दवाओं की खोज) के जरिए इस अणु की पहचान की गई। यह अणु ब्रेस्ट कैंसर सेल्स के खिलाफ प्रभावी पाया गया।

    रिसर्च के शुरुआती नतीजे दिखाते हैं कि यह पेप्टाइड कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में सक्षम है- वो भी उसी तरह जैसे कीमोथेरेपी करती है। यह सेल्स की मौत मुख्य रूप से नेक्रोसिस (Necrosis) के जरिए करता है, यानी कोशिकाएं फट जाती हैं और नष्ट हो जाती हैं।

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    बिना बिच्छू को नुकसान पहुंचाए कैसे निकाला जहर?

    वैज्ञानिकों ने एक और चौंकाने वाली बात बताई- इस रिसर्च के लिए बिच्छुओं से जहर नहीं निकाला गया। इसके बजाय, उन्होंने एक खास तकनीक अपनाई जिसे heterologous expression कहा जाता है। इस प्रक्रिया में जरूरी जीन को यीस्ट या बैक्टीरिया जैसे जीवों में डाला जाता है, जिससे वे जरूरी प्रोटीन को बड़ी मात्रा में लैब में बना सकें।

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    प्रोफेसर अरांतेस ने बताया कि अब उनका अगला कदम इसी प्रक्रिया से BamazScplp1 और अन्य प्रभावशाली अणुओं को और ज्यादा मात्रा में तैयार करना है। इसके लिए वे Pichia pastoris नामक यीस्ट का उपयोग कर रहे हैं।

    हर 20 में से 1 महिला को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कैंसर है और समग्र रूप से दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। एक अध्ययन में पाया गया कि दुनिया भर में हर 20 में से 1 महिला को जीवनकाल में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा होता है।

    2022 में ही ब्रेस्ट कैंसर के करीब 23 लाख नए मामले सामने आए और 6.7 लाख मौतें हुईं। 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर सालाना 32 लाख नए केस और 11 लाख मौतों तक पहुंच सकता है। बता दें, इस बीमारी का सबसे ज्यादा असर 50 साल से ऊपर की महिलाओं पर होता है, जो नए मामलों के 71% और मौतों के 79% हिस्से की भागीदार हैं।

    यह खोज अभी शुरुआती चरण में है और आगे भी कई टेस्ट और ट्रायल की जरूरत होगी, लेकिन इससे एक नई आशा जरूर जगी है। अगर बिच्छू के जहर से बना यह अणु वाकई कीमोथेरेपी जैसी शक्ति रखता है, तो यह एक दिन ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है, वो भी शायद कम साइड इफेक्ट्स के साथ।

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    Source:

    Phys.org: https://phys.org/news/2025-06-amazon-scorpion-toxin-breast-cancer.html