क्या आपका बच्चा ले रहा है पूरी नींद, उम्र के हिसाब से जानें कितनी देर सोना है जरूरी?
नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, कई बच्चे, खासकर छोटे, पर्याप्त नींद नहीं ले पाते, जिससे पूरे परिवार पर असर पड़ता है। ...और पढ़ें

बच्चों की नींद का महत्व: उम्र के अनुसार सही नींद के घंटे और आदतें (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कई पेरेंट्स अक्सर इस बात से परेशान रहते हैं कि उनके पर्याप्त सोते नहीं है। वहीं, कुछ इस बात से परेशान रहते हैं कि उनके बच्चे ज्यादा सोते हैं। यह तो हम सभी जानते हैं कि हेल्दी रहने के लिए अच्छी नींद जरूरी है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चों के लिए पर्याप्त नींद क्या होती है। इसका जवाब आपकी सोच से परे है। आज इस आर्टिकल में हम इसी के बारे में जानेंगे कि किस उम्र के बच्चे को कितनी देर सोना जरूरी है।
क्या आपका बच्चा पूरी नींद ले रहा है?
नींद सिर्फ थकान मिटाने के लिए नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए भी बेहद जरूरी है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन (NSF) के अनुसार, बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से अलग-अलग घंटों की नींद चाहिए होती है।
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(Picture Credit- AI Generated)
हालांकि, अमेरिका में हुए एक नए सर्व में यह पता चलता है कि लगभग 44% बच्चे (खासकर छोटे बच्चे) अपनी उम्र के हिसाब से पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं।
नींद सिर्फ एक बच्चे की नहीं, पूरे परिवार की समस्या है
बचपन की नींद यह तय करती है कि बड़े होने पर इंसान का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य कैसा रहेगा। जॉन हॉप्किंस यूनिवर्सिटी की डॉ. लौरा स्टर्नी भी यह मानती हैं कि अगर बच्चा ठीक से नहीं सोता, तो इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है।
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सर्वे में शामिल 80% माता-पिता ने माना कि बच्चे की नींद खराब होने से उनकी खुद की नींद और रूटीन भी बिगड़ जाता है। वहीं, 86% का मानना है कि अच्छी नींद से बच्चे का मूड और व्यवहार दोनों बेहतर होते हैं।
बच्चों में क्यों हो रही नींद की समस्या?
- टेंशन ज्यादा, नींद कम: 74% माता-पिता रोजाना औसतन दो घंटे सिर्फ इस बात की चिंता में बिता देते हैं कि उनका बच्चा ठीक से सो रहा है या नहीं।
- नींद का गलत अनुमान: अक्सर माता-पिता को लगता है कि उनके बच्चे को कम नींद की जरूरत है। खासकर 0 से 3 महीने के बच्चों के मामले में 78% माता-पिता यह गलती करते हैं और बच्चों को जरूरत से एक घंटा कम सुलाते हैं।
- बातचीत की कमी: माता-पिता बच्चों की नींद को लेकर चिंतित तो हैं, लेकिन वे बच्चों से 'अच्छी नींद क्यों जरूरी है' इस बारे में कभी बात नहीं करते।
बच्चों में अच्छी नींद की आदत कैसे डालें?
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(Picture Credit- AI Generated)
- सिर्फ लाइट बंद करने का समय फिक्स न करें, बल्कि सोने से पहले का एक रूटीन बनाएं। जैसे- कमरे की रोशनी कम करना, पर्दे गिराना या कहानी सुनाना। इससे बच्चे के दिमाग को सिग्नल मिलता है कि अब सोने का समय हो गया है।
- सोने से पहले टीवी, मोबाइल या वीडियो गेम्स पूरी तरह बंद कर दें। इसकी जगह शांत संगीत सुनें या किताबें पढ़ें।
- सुबह उठते ही बच्चे को नेचुरल लाइट (धूप) दिखाएं। इससे शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक (सर्कैडियन रिदम) सेट होती है।
- बच्चों को दिन में अच्छी तरह खेलने-कूदने दें, लेकिन सोने से ठीक पहले हेवी एक्सरसाइज या उछल-कूद से बचाएं।